जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

सीबीआई की बड़ी कामयाबी, लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य अमन भैंसवाल अमेरिका से प्रत्यर्पित

अमन एक कुख्यात अपराधी है और लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध सिंडिकेट का एक प्रमुख सदस्य है, और हरियाणा पुलिस को हत्या, दंगा और आपराधिक साजिश सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में उसकी तलाश है.

Author
07 Jan 2026
( Updated: 07 Jan 2026
12:58 PM )
सीबीआई की बड़ी कामयाबी, लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य अमन भैंसवाल अमेरिका से प्रत्यर्पित
Advertisement

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के समन्वय से एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के एक प्रमुख सदस्य को अमेरिका से भारत वापस लाने में सफलता प्राप्त की है.

अमेरिका से प्रत्यर्पित हुआ लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य अमन भैंसवाल

सीबीआई द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, अमन उर्फ ​​अमन कुमार उर्फ ​​अमन भैंसवाल नाम के वांछित भगोड़े को अमेरिका से प्रत्यर्पित किया गया और वह बुधवार, 7 जनवरी को भारत पहुंचा.

Advertisement

दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचते ही हरियाणा पुलिस की एक टीम ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया.

लॉरेंस बिश्नोई का प्रमुख सदस्य है अमन

अमन एक कुख्यात अपराधी है और लॉरेंस बिश्नोई संगठित अपराध सिंडिकेट का एक प्रमुख सदस्य है, और हरियाणा पुलिस को हत्या, दंगा और आपराधिक साजिश सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में उसकी तलाश है.

सीबीआई के अनुसार, अमन को पहले इन मामलों के संबंध में भारत में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई थी. हालांकि, वह मुकदमे की सुनवाई में पेश नहीं हुआ और बाद में फरार हो गया. इसके बाद, हरियाणा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता प्राप्त करने के लिए सीबीआई से संपर्क किया.

Advertisement

अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से अमन के खिलाफ सफलतापूर्वक रेड नोटिस जारी करवाया.

सीबीआई ने जारी किया इंटरपोल रेड नोटिस

अंतर्राष्ट्रीय समन्वय और खुफिया जानकारी के आधार पर, भगोड़े का पता बाद में संयुक्त राज्य अमेरिका में लगाया गया और उसकी लोकेशन का पता लगाया गया, जिसके परिणामस्वरूप अंततः उसे प्रत्यर्पित किया गया.

सीबीआई ने बताया कि इंटरपोल रेड नोटिस दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को गंभीर अपराधों के लिए वांछित भगोड़ों का पता लगाने और उन्हें ट्रैक करने के लिए प्रसारित किए जाते हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें

एजेंसी ने आगे बताया कि हाल के वर्षों में इंटरपोल का उपयोग करके निरंतर समन्वय के माध्यम से 150 से अधिक वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर नकेल कसने और भगोड़ों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए भारत के गहन प्रयासों को रेखांकित करता है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें