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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बड़ा हादसा, धौली गंगा बिजली परियोजना की सुरंगों में भूस्खलन से 19 कर्मचारी फंसे, राहत-बचाव कार्य जारी

पिछले कई महीनों से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में चल रही 280 मेगावाट की धौलीगंगा बिजली परियोजना के सुरंग में भूस्खलन होने से 19 कर्मचारी अंदर फंस गए हैं. यह सभी NHPC कंपनी के कर्मचारी हैं. घटना के दौरान पॉवर हाउस का रास्ता बंद हो गया. फिलहाल रात्रि 8 बजे तक 8 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बड़ा हादसा, धौली गंगा बिजली परियोजना की सुरंगों में भूस्खलन से 19 कर्मचारी फंसे, राहत-बचाव कार्य जारी
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में एक बड़ा हादसा हुआ है, जहां 280 मेगावाट की धौली गंगा बिजली परियोजना को लेकर चल रहे कार्य के दौरान NHPC कंपनी के 19 कर्मचारी सुरंग के अंदर भूस्खलन होने से फंस गए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पॉवर हाउस का रास्ता बंद हो गया. घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य जारी है. पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने इस घटना को लेकर बताया कि सुरंग के अंदर भूस्खलन होने से सामान्य और इमरजेंसी दोनों रास्ते बंद हो गए हैं. हालांकि, किसी भी कर्मचारी को कोई चोट नहीं आई है और सभी सुरक्षित हैं. 

भूस्खलन होने से सुरंग में फंसे 19 कर्मचारी 

बता दें कि पिछले कई महीनों से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में चल रही 280 मेगावाट की धौलीगंगा बिजली परियोजना में भूस्खलन होने से 19 कर्मचारी सुरंग के अंदर फंस गए हैं. यह सभी NHPC कंपनी कर्मचारी हैं. घटना के दौरान पॉवर हाउस का रास्ता बंद हो गया. रात 8 बजे तक 8 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. भूस्खलन होने से सुरंग के अंदर भारी मलबा जमा हो गया है. कई मशीनें मलबों को हटाने के लिए लगाई गई हैं. 

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पिथौरागढ़ जिलाधिकारी का बयान आया सामने 

इस पूरे घटनाक्रम पर पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी का बयान सामने आया है. उन्होंने घटना को लेकर बताया कि 'भूस्खलन से परियोजना की दोनों सुरंगे सामान्य और आपातकालीन बंद हो गई हैं, जिसकी वजह से अंदर काम कर रहे 19 अधिकारी और कर्मचारी फंस गए हैं. जिला प्रशासन को घटना की जैसे ही सूचना मिली राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. कई टीमें इसके लिए लगी हुई हैं. फिलहाल 19 में से 8 कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया है. बाकी 11 को भी निकाले जाने की तैयारी चल रही है. सभी पूरी तरीके से सुरक्षित हैं.'

'भारी बारिश की वजह से हुआ हादसा'

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एक अधिकारी ने बताया कि 'भारी बारिश के चलते बिजली परियोजना वाले साइट पर भूस्खलन के चलते यह हादसा हुआ. घटना के तुरंत बाद सीमा सड़क संगठन की कई जेसीबी मशीनों को रास्ता साफ करने के लिए लगाया गया है. सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं, आधे से ज्यादा लोगों को निकाल लिया गया है. अभी भी कुछ लोग अंतर फंसे हैं, जो जल्द बाहर आ जाएंगे. इस परियोजना को लेकर बिजली उत्पादन का काम सामान्य रूप से जारी है. किसी भी तरह की चिंता की कोई बात नहीं है.'  

'कर्मचारियों के लिए खाने-पीने का सामान भेजा गया'

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घटना के तुरंत बाद जिले के डीएम, एसपी और अन्य विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे. इस दौरान पिथौरागढ़ पुलिस अधीक्षक (SP) रेखा यादव ने बताया कि 'बड़े-बड़े पत्थरों ने सुरंग के मुहाने को बंद कर दिया है. कई JCB मशीनें लगाई गई हैं. अंदर फंसे मजदूर, कर्मचारी से कंपनी और स्थानीय प्रशासन संपर्क में हैं. अंदर कर्मचारियों के पास खाने-पीने का सामान पर्याप्त मात्रा में है और स्थिति पूरी तरीके से सामान्य है.'

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