×
जिस पर देशकरता है भरोसा

आपराधिक इतिहास, सोने की लूट… कौन है बर्खास्त कांस्टेबल आलोक सिंह? जिसने अवैध रूप से जुटाई अकूत दौलत!

प्रतिबंधित कफ सिरप मामले में ED की टीम ने छापेमारी की तो लखनऊ का एक घर रातों-रात चर्चा में आ गया. ये महलनुमा घर UP पुलिस के बर्खास्त सिपाही का है. जिसकी लग्जरी लाइफ स्टाइल ने ED को भी चौंका दिया.

Author
13 Dec 2025
( Updated: 13 Dec 2025
07:25 AM )
आपराधिक इतिहास, सोने की लूट… कौन है बर्खास्त कांस्टेबल आलोक सिंह? जिसने अवैध रूप से जुटाई अकूत दौलत!
Advertisement

UP में कफ सिरप तस्कर मामले में धरपकड़ जारी है. STF के साथ-साथ ED ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की. इस छापेमारी में लखनऊ का एक घर रातों-रात चर्चा में आ गया. उसे घर नहीं महल कहेंगे, महल भी नहीं आलीशान महल कहेंगे. ये महल राज घराने से जुड़े किसी शख्स का नहीं बल्कि एक अदने से सिपाही का है. नाम है आलोक सिंह. 

अवैध कोडीन युक्त कफ सिरप रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले ED ने UP के कई ठिकानों पर छापेमारी की है. इस मामले में एक बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को भी अरेस्ट किया गया है. आलोक सिंह ने प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी से कैसे बेहिसाब दौलत जुटा ली. ये कोठी उसका बड़ा सबूत है. 

कोठी की तस्वीरें 

Advertisement

फोटो- 7,000 वर्ग फुट में फैली आलोक सिंह की कोठी

कोठी की निर्माण लागत ही 5 करोड़ है (अनुमानित)

Advertisement

आलोक सिंह की ये कोठी लखनऊ के पॉश इलाके सुशांत गोल्फ सिटी में है. कोठी बाहर से जितनी आलीशान दिख रही है अंदर से भी उतनी ही लग्जरी है. रॉयल टच और बेशकीमती पत्थरों से बनी इस कोठी को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है इसमें रहने वाला शख्स की लाइफस्टाइल कितनी हाय-फाय होगी. ये कोठी करीब  7,000 वर्ग फुट में फैली हुई है. इस कोठी की निर्माण लागत ही 5 करोड़ है. इसमें जमीन का रेट शामिल नहीं है. 

रॉयल टच, नक्काशी वाली रेलिंग और बेशकीमती लाइट्स

हल्के क्रीम रंग वाली इस भव्य इमारत में ऊंचे खंभे, नक्काशी वाली रेलिंग, जिनके बीच से निकलते लाल फूल, चौड़ी बालकनी और बड़े शीशों वाली खिड़कियां इसकी भव्यता को दर्शाती हैं. कोठी को रॉयल लुक देने के लिए एंटीक लाइटें और घुमावदार सीढ़ियां बनी हैं. सामने पोर्च तो दूसरी साइड पार्किंग एरिया है. जिसमें आलोक सिंह की लग्जरी गाड़ियां खड़ी रहती हैं. आलोक सिंह की इस दौलत को देख ED के अधिकारी भी चक्कर खा गए. आखिर एक कांस्टेबल जिसकी सैलरी महज 40 हजार तक होगी वह कैसे इतनी शान-औ-शौकत के साथ रह रहा है. 

Advertisement

हालांकि 20 साल पहले UP पुलिस के इस सिपाही को सोना लूट के आरोप में बर्खास्त कर दिया था. बताया जा रहा है आलोक सिंह कुछ समय से अपने परिवार के साथ इसी मकान में रह रहा था. 

आलोक सिंह के घर 5 घंटे चली कार्रवाई 

ED की टीम 20 सदस्यों के साथ 12 दिसंबर की सुबह करीब 7.30 बजे आलोक सिंह के घर में दाखिल हुई थी. इससे पहले घर की महिलाओं ने गेट ही नहीं खोला. आधे घंटे तक टीम को गेट खुलवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी. इसके बाद ED ने करीब पांच घंटे तक घर का कोना-कोना खंगाला. ED की टीम ने घर से तीन मोबाइल और कुछ फाइलें कब्जे में ली हैं. 

दो बार पद से बर्खास्त हुए आलोक सिंह कौन है? 

Advertisement

आलोक सिंह UP के चंदौली जिले का रहने वाला है. पिता लखनऊ के पोस्ट ऑफिस में पोस्ट मास्टर थे तो सातवीं क्लास के बाद आलोक सिंह का परिवार लखनऊ शिफ्ट हो गया. यहां वह पुलिस में भर्ती हुआ. 

बताया जा रहा है आलोक सिंह को दो बार पद से बर्खास्त किया गया है. साल 2006 में लखनऊ में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) में तैनाती के वक्त उन्हें 4 किलो सोना लूट के आरोप में अरेस्ट किया गया था. हालांकि बाद में सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया गया. इसके बाद भी आलोक के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज की गईं. जिसमें मारपीट, लापरवाही और दुर्व्यवहार जैसे आरोप शामिल हैं. नतीजतन साल 2019 में उन्हें फिर बर्खास्त कर दिया गया. इसके बाद वह ठेकेदारी के व्यवसाय से जुड़ गया. 

मनी लॉन्ड्रिंग से कैसे जुड़ा नाम? 

दरअसल, UP पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सिरप घोटाले से जुड़े एक मामले में आलोक को 2 दिसंबर को अरेस्ट किया था. आरोप है कि वह कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी नेटवर्क का हिस्सा था. आलोक कथित तौर पर UP और झारखंड में दो थोक दवा केंद्रो का संचालन करता था. जो प्रतिबंधित कफ सिरप बनाते थे. इसका खुलासा एक और आरोपी अमित टाटा से पूछताछ में हुआ. 

ये भी पढ़ें- जेल में बंद गैंगस्टर, घर पर माफिया क्वीन चला रही गोरखधंधा... मिली अकूत दौलत, 22 घंटे तक गिनती रही पुलिस

Advertisement

यह भी पढ़ें

वहीं, ये पूरा मामला फरवरी साल 2024 में STF और उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) को मिलाकर एक जांच टीम का गठन किया था. आरोप है कि प्रतिबंधित कफ सिरप और और कोडीन-आधारित दवाओं को जमा किया जा रहा है. फिर नशे के रूप में बेचा जा रहा है. इस नेटवर्क की जांच कई राज्यों में चल रही थी. UP से अब तक 32 लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है. 

टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें