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झारखंड स्थापना दिवस: रांची में सांस्कृतिक उमंग का सैलाब, हजारों कलाकार उतरे सड़कों पर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अल्बर्ट एक्का चौक पर मंच से कलाकारों का स्वागत किया और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे इस प्रयास की सराहना की. उन्होंने कलाकारों को पानी, गुड़ और चना वितरित किया तथा पारंपरिक ढोल-ढाक बजाकर उत्सव का हिस्सा बने. मुख्यमंत्री अपनी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन के साथ कुछ दूरी तक जातरा रैली में स्वयं शामिल हुए और कलाकारों के साथ कदमताल कर लोगों का उत्साह बढ़ाया.

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17 Nov 2025
( Updated: 11 Dec 2025
12:14 AM )
झारखंड स्थापना दिवस: रांची में सांस्कृतिक उमंग का सैलाब, हजारों कलाकार उतरे सड़कों पर
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झारखंड स्थापना दिवस के रजत वर्ष पर राजधानी रांची रविवार को सांस्कृतिक उत्सव का साक्षी बनी, जब शहर की मुख्य सड़कों पर लोकधुनों, नृत्य और जनजातीय परंपराओं से सजा विशाल जातरा (शोभायात्रा) निकला. ढोल, नगाड़ा और मांदर की थाप पर झूमते पांच हजार से अधिक कलाकारों ने झारखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति का ऐसा जीवंत प्रदर्शन किया, जिसने पूरे शहर का माहौल उत्सव में बदल दिया. 

रांची की सड़कों पर उतरे हजारों कलाकार

शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी इस जातरा झांकी में पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकारों ने नृत्य और संगीत की ऐसी छटा बिखेरी कि दर्शकों की भारी भीड़ काफी देर तक मंत्रमुग्ध बनी रही. कई जगह लोग सड़क किनारे खड़े होकर वीडियो बनाते और कलाकारों की टोली पर फूल बरसाते नजर आए.

झारखंड स्थापना दिवस पर सीएम हेमंत भी हुए शामिल

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अल्बर्ट एक्का चौक पर मंच से कलाकारों का स्वागत किया और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे इस प्रयास की सराहना की. उन्होंने कलाकारों को पानी, गुड़ और चना वितरित किया तथा पारंपरिक ढोल-ढाक बजाकर उत्सव का हिस्सा बने. मुख्यमंत्री अपनी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन के साथ कुछ दूरी तक जातरा रैली में स्वयं शामिल हुए और कलाकारों के साथ कदमताल कर लोगों का उत्साह बढ़ाया.

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा, “जातरा सिर्फ यात्रा नहीं, संस्कृति, आस्था और समुदाय का चलायमान उत्सव है. नृत्य में झारखंड की मिट्टी बोलती है—कभी खुशी से, कभी संघर्ष से, तो कभी आशा से. ढोल-मांदर की धुन पर जब पैर थिरकते हैं, तब पूरी धरती उत्सव बन जाती है. झारखंडी नृत्य सिर्फ कला नहीं, यह प्रकृति और समुदाय के बीच संवाद है.“

झारखंड को अलग राज्य बनाना गर्व की बात

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इस अवसर पर कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा, “झारखंड की मिट्टी का हर कण हमारे पुरखों के संघर्ष और बलिदान की स्मृति लिए हुए है. अलग राज्य का सपना साकार होना हम सबके लिए गर्व की बात है और हर वर्ष स्थापना दिवस इसी उत्साह के साथ मनाना हमारी प्रतिबद्धता है.”

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