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ईरान ने एक साथ 8 मुस्लिम देशों पर किया बड़ा हमला, अमेरिका सहित पूरे मिडिल ईस्ट में हड़कंप!

ईरान ने एक साथ करीब 8 मुस्लिम देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर बड़ा हमला किया है. अबुधाबी, दुबई, कतर, कुवैत, बहरीन सहित रियाद में भी हुए हमले ने खाड़ी देशों में हड़कंप मचा दिया है.

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28 Feb 2026
( Updated: 28 Feb 2026
12:21 PM )
ईरान ने एक साथ 8 मुस्लिम देशों पर किया बड़ा हमला, अमेरिका सहित पूरे मिडिल ईस्ट में हड़कंप!
Iran Attack on Qatar and 7 Muslim Countries / X
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ईरान पर इजरायल-यूएस हमलों के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है. ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई है. ईरानी फोर्सेस ने खाड़ी के करीब 8 मुस्लिम देशों में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री, नेवल और एयर बेस पर हमला किया है. खबर के मुताबिक ईरान ने इजराइल के अलावा कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी बेस पर भी हमला किया है. ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई को भी निशाना बनाया है. वहीं कतर के अल उदैद बेस पर भी अटैक किया गया है.  

क़तर की राजधानी दोहा के पास मौजूद अल उदैद एयरबेस अमेरिका के लिए काफी महत्वपूर्ण है. मध्य पूर्व में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एयर ऑपरेशंस का मुख्यालय है. यहां क़रीब 8,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. बीते साल जून में इजरायल के साथ संघर्ष के दौरान ईरानी सेना ने इसी बेस को तब भी निशाना बनाया था.

ईरान के ताबड़तोड़ हमले बाद इजरायल ने अपने डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है. जानकारी के मुताबिक ईरान ने सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, कुवैत, कतर, UAE में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डों पर हमला किया है. ईरान ने UAE के दुबई और अबु धाबी में मिलिट्री बेस पर हमला किया. वहीं बहरीन के आइलैंड किंगडम में US नेवी के 5th फ्लीट हेडक्वार्टर को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया गया.

ईराक में भी मिसाइल हमला!

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इसके अलावा उत्तरी इराक में भी अमेरिकी बेस पर मिसाइल हमले की खबर है. ईरान के सरकारी मीडिया IRIB ने यह दावा किया है. दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरान पर अपने ऑपरेशन का नाम एपिक फ्यूरी दिया है. एपिक फ्यूरी मतलब 'बहुत जबरदस्त और भयंकर गुस्सा' होता है.

वहीं इजराइल ने दावा किया गया है कि उसकी ओर से की गई सैन्य कार्रवाई में ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड का कमांडर मारा गया है. इजराइल का अनुमान है कि ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर को मार गिराया गया है. जानकारी के मुताबिक वह पिछले कमांडर हुसैन सलामी की इजरायली हमले में हत्या के बाद 2025 में इस पद पर आए थे.

कतर ने ईरानी हमले का जवाब देने की दी धमकी!

इधर कतर ने भी ईरान के हमले का जवाब देने का ऐलान किया है. कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरानी हमले के बाद कतर को जवाब देने का पूरा अधिकार है. मंत्रालय ने कहा कि कतर की जमीन को मिसाइलों से निशाना बनाना गलत है, यह देश की सुरक्षा के लिए खतरा है और क्षेत्र की शांति और स्थिरता को भी नुकसान पहुंचाता है.

रेजा पहलवी का भी आया बयान!

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वहीं ईरान और इजरायल के बीच सैन्य तनाव के बीच निर्वासित जिंदगी व्यतीत कर रहे रेजा पहलवी ने भी एक बयान जारी कर अमेरिका को धन्यवाद दिया है. रेजा पहलवी ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस हैं. उन्होंने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने ईरान की जनता से जो मदद का वादा किया था, वो अब पूरा किया जा रहा है. ये मानवीय मदद है और इसका निशाना ईरान का इस्लामिक शासन है न कि ईरान की जनता.

जीत ईरान के लोगों की होगी: रेजा पहलवी

उन्होंने कहा कि अंत में जीत ईरान के लोगों की ही होगी. देश में बदलाव लाने की जिम्मेदारी जनता की है. रेजा ने लोगों से कहा कि वे सतर्क और तैयार रहें. सही समय आने पर वह खुद लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए कहेंगे.

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उन्होंने देश की सेना को भी एक संदेश दिया. कहा कि आपने ईरान और ईरानी लोगों की रक्षा करने की कसम खाई है—इस्लामिक रिपब्लिक और उसके नेताओं की नहीं. आपका फर्ज लोगों की रक्षा करना है. लोगों के साथ जुड़ें और एक स्थिर और सुरक्षित बदलाव लाने में मदद करें.

इसके साथ ही उन्होंने ईरानी लोगों से घरों में रहकर अपनी सुरक्षा-व्यवस्था को बनाए रखने की गुजारिश की है. उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम जीत अब करीब है और वह जल्द ही लोगों के बीच आकर ईरान को दोबारा बनाने में साथ देना चाहते हैं.

शनिवार सुबह ईरान पर ईजरायल ने किया बड़ा हमला!

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शनिवार को भारतीय समयानुसार 11 बजे के करीब ईरान पर इजरायल की ओर से मिसाइलें दागी गईं. इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि दोनों ने मिलकर तेहरान पर हमला किया है जिसका मकसद वहां की सरकार को गिराना और सत्ता की चाभी आम ईरानियों के हाथ में सौंपना है.

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इसके कुछ देर बाद ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी संदेश जारी किया. उन्होंने इसे दुनिया को आतंक के खतरे से बचाने के लिए लड़ी जा रही अस्तित्व की लड़ाई करार दिया.

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