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नहीं ली गई मंजूरी, साजिश के तहत लीक...पूर्व आर्मी चीफ की किताब मामले में विदेश तक पहुंची जांच, मिले नए सुराग!

पूर्व आर्मी चीफ MM नरवणे की किताब के लीक मामले में पुलिस को विदेशी साजिश के संकेत मिले हैं. सूत्रों के मुताबिक इस किताब को बिना MoD के NOC के सुनियोजित तरीके से लीक किया गया और ऑनलाइन ब्रिकी के लिए कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अमेरिका में उपलब्ध कराई गई.

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12 Feb 2026
( Updated: 12 Feb 2026
06:54 AM )
नहीं ली गई मंजूरी, साजिश के तहत लीक...पूर्व आर्मी चीफ की किताब मामले में विदेश तक पहुंची जांच, मिले नए सुराग!
पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे (फाइल फोटो)
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पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (MM Narvane) की अप्रकाशित किताब को लेकर संसद में गतिरोध जारी है. इसी बीच दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है. पूछताछ का दायरा विदेश तक पहुंचता नजर आ रहा है. आपको बताएं कि इस किताब के लीक का मामला अब गंभीर साजिश की ओर इशारा कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि ना तो इस किताब को डिफेंस मिनिस्ट्री को NOC दी गई थी और ना ही इसको लेकर किसी प्रकार की जानकारी. खबर के मुताबिक बुक 'Four Stars of Destiny' को अनिवार्य क्लीयरेंस के बिना सुनियोजित तरीके से लीक किया गया. 

कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अमेरिका में तक जांच का दायरा

इतना ही नहीं, सूत्र बताते हैं कि किताब की बिक्री कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अमेरिका जैसे देशों में हुई. इसके अलावा इन देशों में यह किताब सबसे पहले ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध हुई. इन्हीं सब एंगल के सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने आपराधिक साजिश की धाराओं में FIR दर्ज कर अपनी जांच का दायरा अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया तक बढ़ा दिया है.

दिल्ली पुलिस ने Penguin India से पूछे ये 15 सवाल!

इसी बीच आपको बताएं कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की किताब ‘Four Stars Of Destiny’ मामले में पब्लिशिंग हाउस Penguin India की टीम से पूछताछ की है. स्पेशल सेल ने नोटिस देकर पेंग्विन इंडिया से कुछ सवालों के जवाब मांगे थे और पूछताछ के लिए बुलाया था. 

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Penguin India की टीम से स्पेशल सेल ने 15 सवालों के जवाब मांगे थे, जिनमें से कुछ के जवाब पेंग्विन इंडिया की टीम ने दिए और कुछ सवालों के जवाब देने के लिए कुछ दिन का समय मांगा है. सेल मिले जवाब के आधार पर फिर जांच को आगे बढ़ाएगी और फिर फैक्ट्स से क्रॉस चेक करेगी.

ये सवाल पूछे गए: सूत्र

कहा जा रहा है कि सेल ने किताब के रक्षा मंत्रालय से क्लियरेंस मिलने, मांगे जाने की डेट, पब्लिशिंग, लीक, सप्लाई और इस तरह के मामले में मोडस ऑपरेटिंग प्रोसीजर पर सवाल पूछेगी. आपको बताएं कि स्पेशल सेल ये जानने की कोशिश कर रही है कि अगर किताब को रक्षा मंत्रालय ने हरी झंडी नहीं दी तो छपी कैसे, छापी कैसे गई, PDF किसने बनाई, किसने सर्कुलेट की, क्या Penguin की तरफ से कोई फ्रॉड या लीक की शिकायत दर्ज कराई गई...इससे संबंधित सवाल पूछे गए हैं.

दिल्ली पुलिस के हाथ लगे सुराग!

जांच एजेंसियों के हाथ एक अहम सुराग लगा है. पता चला है कि किताब की लीक हुई कॉपी सबसे पहले “.io” डोमेन एक्सटेंशन वाली वेबसाइट पर अपलोड की गई थी. “.io” दरअसल ब्रिटिश इंडियन ओशन टेरिटरी से जुड़ा कंट्री कोड डोमेन है. शुरुआती अपलोड के बाद यही फाइल अलग-अलग होस्टिंग प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते कई साइट्स पर उपलब्ध हो गई.

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आपराधिक साजिश के एंगल से जांच!

मामले की तह तक जाने के लिए स्पेशल सेल अब किताब के ISBN नंबर की भी गहन जांच कर रही है. ISBN यानी इंटरनेशनल स्टैंडर्ड बुक नंबर, 13 अंकों का एक विशिष्ट डिजिटल कोड होता है, जो हर प्रकाशित किताब की अलग पहचान के लिए दिया जाता है. जांच में सामने आया है कि लीक वर्जन में जो ISBN नंबर इस्तेमाल हुआ, वह एम.एम. नरवणे की किताब ‘Four Stars Of Destiny’ से जुड़ा बताया जा रहा है. इस पहलू को लेकर प्रकाशक Penguin India से भी पूछताछ की जा रही है.

कहां-कहां ऑनलाइन उपलब्ध हुई किताब!

इतना ही नहीं, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी में ऑनलाइन बिक्री कर रहीं जिन वेबसाइटों पर यह किताब उपलब्ध है, वहां भी जो ISBN कोड दर्ज है, वह Penguin India द्वारा जारी इसी पुस्तक से संबंधित पाया गया है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर यह डिजिटल कॉपी सबसे पहले कहां से और कैसे बाहर आई.

वहीं पूर्व सेना प्रमुख ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किताब से संबंधित प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के आधिकारिक बयान को रीपोस्ट किया. इसके साथ ही पूर्व सेना प्रमुख ने पोस्ट में लिखा, "किताब की वर्तमान स्थिति यह है."

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किताब को लेकर राहुल गांधी के दावों पर क्या बोला पेंगुइन!

इससे पहले पेंगुइन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपने आधिकारिक बयान को सामने रखा. इस पोस्ट में लिखा था, ''किताब पर हालिया सार्वजनिक चर्चा और मीडिया रिपोर्टों के मद्देनजर, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया यह स्पष्ट करना चाहता है कि भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के प्रकाशन का एकमात्र अधिकार हमारे पास है. हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है. पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा पुस्तक की कोई भी प्रति, मुद्रित या डिजिटल रूप में प्रकाशित, वितरित, बेची या किसी अन्य माध्यम से जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है.''

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पब्लिशिंग हाउस ने कहा कि अगर वर्तमान में इस पुस्तक की कोई भी प्रति पूर्ण या आंशिक, मुद्रित, डिजिटल, पीडीएफ या किसी अन्य प्रारूप में ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रही हो तो यह पीआरएचआई के कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए.  इसके साथ ही प्रकाशक ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, ''पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया इस पुस्तक के अवैध और अनधिकृत प्रसार के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करेगा.''

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