×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

बांग्लादेश में ‘भीड़तंत्र’ का खौफ! लोगों के हमले से बचने के लिए नहर में कूदा था हिंदू शख्स, मौत

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. कहीं, झूठी ईशनिंदा तो कहीं चोरी का आरोप लगाते हुए हिंदुओं पर जानलेवा हमला किया जा रहा है.

Author
08 Jan 2026
( Updated: 08 Jan 2026
07:24 AM )
बांग्लादेश में ‘भीड़तंत्र’ का खौफ! लोगों के हमले से बचने के लिए नहर में कूदा था हिंदू शख्स, मौत
Advertisement

बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव हैं लेकिन उससे पहले भीड़ का शासन कायम है. बांग्लादेश में भीड़ हिंदुओं को लगातार निशाने पर ले रही है. उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश में भीड़ से बचने के लिए एक हिंदू युवक ने नहर में छलांग लगा दी. हालांकि शख्स की जान नहीं बच सकी और डूबने से मौत हो गई. 

जान गंवाने वाले शख्स की पहचान मिथुन सरकार के रूप में हुई है. बताया जा रहा है नौगांव जिले में 25 साल के मिथुन पर कुछ लोगों ने चोरी का आरोप लगाते हुए हमला करने की कोशिश की, उसे दौड़ाया गया. जान बचाने के लिए वह नहर में कूद गया, हालांकि डूबने से मिथुन की मौत हो गई. 

बांग्लादेश में नहीं थम रही हिंदुओं पर बर्बरता 

Advertisement

इससे पहले मणि चक्रवर्ती और राणा प्रताप की हत्या का मामला सामने आया था. जो लोग हिंसा के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, हमले पर चिंता जता रहे हैं उन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है. बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर की गई हिंसा की यह नई घटना है. 

यह भी पढ़़ें- बांग्लादेश में नहीं थम रहा हिंदुओं का कत्लेआम! हिंदू व्यापारी मणि चक्रवर्ती की चाकू गोदकर हत्या, 24 घंटे में दूसरा मामला

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के प्रवक्ता काजल देवनाथ ने बताया कि मंगलवार 6 जनवरी को नौगांव जिले में चोरी के आरोप को लेकर भीड़ ने मिथुन पर हमले की कोशिश की. अपनी जान बचाने के लिए वह नहर में कूद गए, लेकिन डूबने से जान चली गई. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के मामले थम नहीं रहे हैं. देवनाथ ने कार्रवाई की मांग की, हालांकि हिंदुओं पर बढ़ते हमलों के बीच बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार और प्रशासन की कोई कार्रवाई नहीं दिखी. 

Advertisement

चुनावों के बीच हिंसा बढ़ी 

वहीं, बांग्लादेश में चुनाव के नजदीक आते ही सांप्रदायिक हिंसा और तनाव के मामले बढ़ रहे हैं. हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद का दावा है कि अल्पसंख्यक वोटर्स को चुनाव में अपने मन मुताबिक वोट डालने से रोकने की कोशिश हो रही है. 

राजनीतिक हिंसा में नेता की हत्या 

Advertisement

वहीं, चुनावों से पहले पूर्व BNP नेता अजीजुर रहमान मुसाब्विर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. सरेआम बीच बाजार हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया. सुरक्षा और चुनावी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ गए. 

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले के मामले 

बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शनों के बीच झूठे ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या की. इसके बाद बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या, फिर अमृत मंडल की हत्या, शरियतपुर में खोकोन दास को जिंदा जलाया, जेसोर में राणा प्रताप बैरागी की सरेआम गोली मारकर हत्या और अब मणि चक्रवर्ती की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. 

Advertisement

यह भी पढ़ें

 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें