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Haryana Election Result 2024 : महाभारत की धरती पर फेल हुआ राहुल गांधी का ब्रह्मास्त्र! झारखंड और महाराष्ट्र चुनाव में अब क्या होंगे मुद्दे ?

हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राहुल गांधी की नींद उड़ा कर रख दी है। इस चुनाव ने कांग्रेस के 3 ब्रह्मास्त्र किसान,जवान और पहलवान के मुद्दे को खत्म कर दिया। ऐसे में सवाल यह है कि महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव में राहुल अब कौन से मुद्दे के साथ लड़ेंगे।

Haryana Election Result 2024 :  महाभारत की धरती पर फेल हुआ राहुल गांधी का ब्रह्मास्त्र! झारखंड और महाराष्ट्र चुनाव में अब क्या होंगे मुद्दे ?
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Haryana विधानसभा चुनाव के नतीजों में जो खेला हुआ है। उसे कांग्रेस कई वर्षों तक भूल नही पाएगी। खास तौर से राहुल गांधी को एक गहरा जख्म देकर गई है। कांग्रेस अपनी जीत को लेकर इतनी आश्वस्त थी कि बिना इंतजार किए ढोल-नगाड़े लड्डू और जश्न की हर वो तैयारियां कर ली। जिसकी ज़रुरत करीब 2 या 3 बजे के रुझानों के बाद  थी। लेकिन कांग्रेस कुछ ज्यादा ही ओवर कॉन्फिडेंस में थी। जिसका खामियाजा भुगतना पड़ा। सिर्फ 3 मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में कूदी कांग्रेस इस चुनाव को हल्के में ले रही थी। लेकिन बीजेपी ने अपना टारगेट पहले से सेट कर रखा था। हरियाणा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। ज्यादातर सीटों की तस्वीर साफ हो चुकी है। ऐसे में राहुल को इतना गहरा जख्म कैसे मिला। ये जानना जरूरी है। क्योंकि इस रिजल्ट में कांग्रेस की हार नहीं। बल्कि राहुल की हार है। एक तरीके से कह सकते हैं कि राहुल का ब्रह्मास्त्र फेल हो गया है। 

महाभारत की धरती पर राहुल का ब्रह्मास्त्र हुआ फेल 


आपको बता दें कि हरियाणा वही राज्य है। जहां कुरुक्षेत्र की धरती है। कुरुक्षेत्र की धरती पर ही महाभारत हुआ था। इसी युद्ध में पता चला था कि ब्रह्मास्त्र से ज्यादा कृष्ण का सुदर्शन चक्र ताकतवर है। अगर आपने महाभारत देखी है। तो आपने यह जरूर देखा होगा कि अश्वत्थामा ने युद्ध के नियमों के विरुद्ध जाकर द्रोपदी के पांच बेटे की हत्या कर दी थी। जिसके बाद पांडवों के क्रोध से बचने के लिए वह गुरु वेदव्यास के आश्रम पहुंचते हैं। पांडव उनका पीछा करते हुए आश्रम पहुंच जाते हैं। तो अश्वत्थामा उन्हें नष्ट करने के लिए  ब्रह्मास्त्र चलाते हैं। जिसके बाद श्री कृष्ण की सलाह पर अर्जुन भी ब्रह्मास्त्र चला देते हैं। इसके बाद गुरु वेदव्यास संसार में युद्ध न छिड़े । इसको रोकने के लिए दोनों योद्धाओं को वापस लेने के लिए बोलते हैं। अर्जुन को ब्रह्मास्त्र वापस लेने की कला पता होती है।  लेकिन अश्वत्थामा को कोई जानकारी नहीं होती है। भगवान श्री कृष्ण अपने सुदर्शन चक्र का इस्तेमाल कर ब्रह्मास्त्र को शांत कर देते हैं। तभी से यह कहा जाता है कि ब्रह्मास्त्र का काट केवल सुदर्शन चक्र ही है। 

राहुल के ब्रह्मास्त्र का काट बीजेपी का सुदर्शन चक्र 


आपने ऊपर जो किस्सा सुना है। दरअसल वह किस्सा हरियाणा के रिजल्ट से मिलता जुलता है। हम सबने देखा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ब्रह्मास्त्र के रूप में तीन मुद्दे लेकर चुनाव लड़े थे। यह मुद्दा किसान,जवान और पहलवान का था। हालांकि राहुल का यह दांव चला और बीजेपी को 240 सीटों पर रोकने में कामयाब हो गए। लेकिन राहुल यही गलती हरियाणा विधानसभा चुनाव में कर बैठे। जो राष्ट्रीय मुद्दा था उन्हें हरियाणा चुनाव में इस्तेमाल कर वोट बटोरने की कोशिश की। कांग्रेस का पूरा प्रचार-प्रसार इन्हीं तीन मुद्दों पर आधारित था। राहुल गांधी लोकल मुद्दे से भटकते रहे। ऐसे में कहां जाए तो यह तीन मुद्दे राहुल गांधी के ब्रह्मास्त्र के रूप में थे। जो लोकसभा चुनाव में काम तो कर गया। लेकिन विधानसभा चुनाव में उन्हीं के लिए काल साबित हो गया। राहुल गांधी का यह दांव पूरी तरीके से फ्लॉप हो चुका है। 

झारखंड और महाराष्ट्र चुनाव में अब क्या करेंगे राहुल गांधी 


हरियाणा में राहुल के तीन ब्रह्मास्त्र फेल होने के बाद अब सवाल यह है कि महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव में वह कौन सा  दांव अपनाएंगे। क्योंकि राहुल गांधी का यह ब्रह्मास्त्र वाला दांव इन दोनों राज्यों में नहीं चलेगा। दोनों राज्यों में नए सिरे से तैयारी करनी होगी। क्योंकि राहुल गांधी की लड़ाई सीधे पीएम मोदी और अमित शाह से है। राहुल को नए मुद्दे तलाशने होंगे। जो श्री कृष्ण के सुदर्शन चक्र की तरह ही साबित हो। 

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