×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

गीता और नाट्यशास्त्र को मिला वैश्विक सम्मान, यूनेस्को के विश्व प्रसिद्ध रजिस्टर में हुई एंट्री, पीएम मोदी ने दी देशवासियों को बधाई

श्रीमद्भगवद्गीता गीता और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र को यूनेस्को के ‘Memory of the World Register' में शामिल किया गया है. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी, वहीं पीएम मोदी ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया.

Author
18 Apr 2025
( Updated: 10 Dec 2025
09:32 PM )
गीता और नाट्यशास्त्र को मिला वैश्विक सम्मान, यूनेस्को के विश्व प्रसिद्ध रजिस्टर में हुई एंट्री, पीएम मोदी ने दी देशवासियों को बधाई
Advertisement
विश्व की महत्वपूर्ण दस्तावेज़ी धरोहरों को संरक्षित और जन सुलभ बनाने के उद्देश्य से स्थापित यूनेस्को का विश्व प्रसिद्ध 'मेमोरी ऑफ वर्ल्ड रजिस्टर' मेंगीता और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र’ को शामिल किया गया है. भगवत गीता और नाट्यशास्त्र के वैश्विक प्रसार और स्वीकार्यता की दिशा में ये अहम कदम है. यह एक तरह से दोनों ग्रंथों की महत्ता के लिहाज से एक ऐतिहासिक उपलब्धि है.


केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर दी जानकारी


केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस उपलब्धि की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा की. उन्होंने इसे भारत की शाश्वत बुद्धिमत्ता और कलात्मक प्रतिभा का जश्न करार दिया. उन्होंने लिखा: ये कालातीत रचनाएं केवल साहित्यिक खजाना नहीं, बल्कि हमारे दर्शन और जीवन-दृष्टिकोण की नींव हैं.

Advertisement

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण

Advertisement


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीमद्भगवद्गीता (Geeta) और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र (Natya Shastra) को यूनेस्को (UNESCO) के 'Memory of the World Register' में शामिल किए जाने को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. पीएम मोदी ने X पर कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है. उन्होंने कहा कि ये दोनों ग्रंथ हमारी शाश्वत ज्ञान और समृद्ध संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाते हैं.  


Advertisement

प्रधानमंभी मोदी ने आगे कहा कि गीता और नाट्यशास्त्र ने सदियों से सभ्यता और चेतना को पोषित किया है और इनकी अंतर्दृष्टि यानी दूरदर्शी सोच आज भी दुनिया को प्रेरित करती हैं.

क्या है 'Memory of the World Register'?


'मेमोरी ऑफ  वर्ल्ड रजिस्टरयूनेस्को की तरफ से शुरू किया गया एक प्रोग्राम हैजिसका मकसद विश्वभर के महत्वपूर्ण दस्तावेजी विरासत को संरक्षित करना है. इसके साथ ही इसे आसानी से लोगों तक पहुंचाना होता है. इस कार्यक्रम की शुरुआत 1992 में हुई थी.


Advertisement

अब तक भारत के 14 अभिलेख शामिल

श्रीमद्भगवद्गीता और नाट्यशास्त्र के जुड़ने के साथ ही अब इस रजिस्टर में भारत के कुल 14 अभिलेख शामिल हो चुके हैं. इस सूची में शामिल होने से भारतीय विरासत को एक बार फिर नई पहचान मिली है.


18 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है 'विश्व धरोहर दिवस'?

Advertisement

18 अप्रैल को 'World Heritage Day' मनाया जाता हैजो सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण का संदेश देता है. इसकी शुरुआत यूनेस्को द्वारा 1972 में की गई थी.


गीता और नाट्यशास्त्र का यूनेस्को के 'Memory of the World Register' में शामिल होना  केवल भारत की सांस्कृतिक ताकत को दर्शाता हैबल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बनेगा.

यह भी पढ़ें

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें