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पहले प्रियंका गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी, फिर दिखाई अकड़ अब बैकफुट पर आए रमेश बिधूड़ी

अपनी विवादित टिप्पणियों से चर्चा में रहने वाले BJP के रमेश बिधू़ड़ी ने इस बार प्रियंका गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है. जिसके बाद वे चौतरफा घिर गए.

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06 Jan 2025
( Updated: 06 Jan 2025
03:38 PM )
पहले प्रियंका गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी, फिर दिखाई अकड़ अब बैकफुट पर आए रमेश बिधूड़ी
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दिल्ली में सियासी शोर परवान चढ़ने लगा है। राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी ओर से जनता के दिल में उतरने की पूरी कोशिश में लगी हुई हैं। कहीं, भूले बिसरे वादे अब पूरे हो रहे, तो कहीं नई नई घोषणाएं की जा रही हैं। समाज का कोई तबका कोई वर्ग छूट ना जाए। महिला वोट बैंक पर भी पार्टियों की नजर जमी हुई है।नजर तो ठीक है लेकिन नजरिया थोड़ा खराब होने लगा और सियासत की ये लड़ाई महिला पर पर्सनल अटैक तक आ गई। हम बात कर रहे हैं BJP के पूर्व सांसद और दिल्ली की कालकाजी सीट से बीजेपी उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी की।

दरअसल, रमेश बिधूड़ी की एक वीडियो सामने आई है जिसमें वे कहते दिख रहे हैं कि वे कालकाजी की सड़कों को प्रियंका गांधी के गालों जैसी बनाएंगे।

रमेश बिधूड़ी, BJP उम्मीदवार, कालकाजी सीट


कालकाजी की सुधार कैंप के सामने वाली, बराबर वाली, अंदर वाली, सारी की सारी सड़कें । प्रियंका गांधी के गाल जैसी जरूर बना देंगे। लालू ने कहा था बिहार में कि बिहार की सड़कों को मैं हेमा मालिनी जी के गालों जैसी बना दूंगा। लालू ने झूठ बोला था। नहीं बना पाए लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं सारी की सारी सड़कें प्रियंका गांधी के गालों जैसी बना दूंगा।

प्रियंका गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी करते वक्त रमेश बिधूड़ी ये भी भूल गए कि इस टिप्पणी से उन्होंने ना सिर्फ प्रियंका गांधी का बल्कि हेमा मालिनी का अपमान भी किया है। उनके बयान को सुनें तो उन्होंने प्रियंका के साथ हेमा मालिनी का भी जिक्र किया है।भले ही इसके लिए उन्होंने लालू की पुरानी टिप्पणी को आधार बनाया हो।

वहीं, प्रियंका गांधी पर विवादित टिप्पणी के बाद रमेश बिधूड़ी चौतरफा घिर गए। कांग्रेस ने रमेश बिधूडी़ के विरोध में उनका पुतला फूंका तो पवन खेड़ा ने उन्हें घटिया मानसिकता का आदमी करार दिया। वहीं, कालकाजी से रमेश बिधूड़ी की प्रतिद्ंवदी और कांग्रेस उम्मीदवार अल्का लांबा ने तो BJP को उम्मीदवार ही बदलने की सलाह दे दी।

कांग्रेस के साथ साथ आम आदमी पार्टी ने भी रमेश बिधूड़ी के बयान का विरोध किया। AAP के सांसद संजय सिंह ने कहा, BJP ने संसद में गाली देने से लेकर सड़क पर पैसे बांटने वाले को टिकट दिया है।

अपने निहायती अमर्यादित बयान पर जब रमेश बिधूड़ी घेर लिए गए तो सफाई देने लगे। खेद जताया और माफी मांग ली. उन्होंने X हैंडल पर लिखा,  "किसी संदर्भ में मेरे बयान पर कुछ लोग ग़लत धारणा से राजनैतिक लाभ के लिए सोशल मीडिया पर बयान दे रहे हैं। मेरा आशय किसी को अपमानित करने का नहीं था। परंतु फिर भी अगर किसी भी व्यक्ति को दुख हुआ है तो मैं खेद प्रकट करता हूं"


अपने पोस्ट में उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को भी टैग किया। जिसका मतलब साफ है माफी का दवाब ऊपर से आया था। आलाकमान ने नाराजगी दिखाई तो सुर बदल गए। क्योंकि प्रियंका गांधी के गालों जैसी सड़क बनाने वाले इन नेताजी को पहले तो अपने बयान का कोई पछतावा नहीं था ना कोई शर्म थी। इन्होंने तो ये तक कह दिया था कि मैं किस बात की माफी मांगू। माफी ही चाहिए तो पहले लालू जी मांगे जिन्होंने सड़कों की तुलना हेमा मालिनी के गालों से की थी। 

सुना आपने कैसे रमेश बिधूड़ी अभी तक अपनी गलती को जस्टिफाई कर रहे थे लेकिन मौसम चुनाव का है बीजेपी भी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती ऐसे में आखिरकार सफाई देनी ही पड़ी।

जब बिधूड़ी ने संसद में दी थी गाली ।

ये पहली बार नहीं है जब रमेश बिधूड़ी अपने बिगड़े बोल के कारण चर्चा में आए हैं। साल 2023 में संसद सत्र के दौरान रमेश बिधूड़ी ने सांसद दानिश अली पर बेहद ही अमर्यादित टिप्पणी की थी। यहां तक कि उन्हें उग्रवादी और आंतकवादी तक कह दिया था। 

बिधूड़ी के इस बयान के बाद लोकसभा चुनाव में उन्हें दोबारा टिकट नहीं दिया गया। माना जा रहा था कि BJP आलाकमान उनके इस रवैये से नाराज था इसलिए टिकट काट दिया। लेकिन विधानसभा में उन्हीं रमेश बिधूड़ी को फिर से मौका दिया। शायद आलाकमान को लगा हो बिधूड़ी का संसद वाला बयान अब ठंडा पड़ गया लेकिन इसकी याद एक फिर बिधू़ड़ी ने ही दिला दी।

BJP की ‘4 जातियों’ में महिलाएं भी शामिल 

PM मोदी अक्सर अपनी रैलियों में 4 जातियों का जिक्र करते हैं ये 4 जाति हैं गरीब, युवा, किसान और महिला। यानी सभी जात पात से ऊपर BJP की प्राथमिकता ये चार ही हैं। लेकिन क्या हो जब उनके खुदके नेता ही अपने बयानों से पार्टी की फजीहत करा दें। 

नेताओं के टारगेट पर महिलाएं क्यों ? 

अब सवाल ये है बार बार नेताओं की जुबां पर महिलाओं पर आकर ही क्यों बिगड़ जाती है। एक तरफ महिलाओं के सम्मान में पार्टियां लाडली बहना, लाडकी बहना, महिला सम्मान जैसी स्कीम लाती हैं उन्हें सशक्त बनाने की बात करती हैं लेकिन सारे सम्मान की धज्जियां भी खुद ही उड़ा देते हैं।

महाराष्ट्र चुनाव में शिंदे गुट की उम्मीदवार शाइना एनसी पर अभद्र टिप्पणी।   प्रियंका गांधी से पहले हेमा मालिनी के गालों से सड़कों की तुलना हुई। RJD चीफ लालू यादव और AAP नेता ने किया था हेमा मालिनी का जिक्र ।

सड़के बनाएंगे हेमा मालिनी के गालों जैसी, सड़कें बनाएंगे प्रियंका गांधी के गालों जैसी। नेता किसी महिला की तुलना माल से करते हैं तो किसी की सड़क से।लेकिन वे भूल जाते हैं कि महिलाएं, महिलाएं हैं ना माल हैं ना सड़क ना आपके टारगेट की कोई चीज। जिन पर ऐसी वैसी टिप्पणी कर आप अपना दिल तो बहला लेगें लेकिन ये पब्लिक है सब जानती है। महिलाएं अब हर पार्टी के लिए निर्णायक भूमिका में हैं ऐसे में हर नेता को थोड़ा सोच समझकर बोलना चाहिए।  

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