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‘जिंदगीभर ईमानदारी कमाई’ शराब नीति केस में क्लीन चिट मिलने के बाद फूट-फूटकर रोए केजरीवाल, जानें फैसले की बड़ी बातें

कोर्ट ने साफ कर दिया कि केवल बिना ठोस और पर्याप्त सबूत के लगाए गए आरोपों पर विश्वास नहीं किया जा सकता. इस मामले में कोर्ट ने सभी 26 आरोपियों को बरी कर दिया.

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27 Feb 2026
( Updated: 27 Feb 2026
06:41 AM )
‘जिंदगीभर ईमानदारी कमाई’ शराब नीति केस में क्लीन चिट मिलने के बाद फूट-फूटकर रोए केजरीवाल, जानें फैसले की बड़ी बातें
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दिल्ली कथित शराब घोटाला केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कोर्ट से क्लीन चिट मिल गई है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने AAP संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है. अदालत में सुनवाई के दौरान अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पेश हुए थे. 

कोर्ट ने दोनों को बरी राहत देते हुए कहा, दोनों के खिलाफ बिना सबूत के आरोप साबित नहीं होता है. कोर्ट ने साफ कर दिया कि केवल बिना ठोस और पर्याप्त सबूत के लगाए गए आरोपों पर विश्वास नहीं किया जा सकता. राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने आदेश पारित किया. 

फैसले के बाद केजरीवाल ने क्या कहा? 

कोर्ट का फैसला आते ही अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से बात की. इस दौरान वह फूट-फूटकर रोने लगे. केजरीवाल ने कहा, आम आदमी पार्टी को खत्म करने की कोशिश हुई. जिस तरह से BJP शराब घोटाला, शराब घोटाला कर रही थी, हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी. आज कोर्ट ने हमें बरी कर दिया. हम हमेशा कहते थे सत्य की जीत होती है. भगवान हमारे साथ है. सत्य की जीत हुई. मोदी जी और अमित शाह जी ने यह सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा. 

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उन्होंने आगे कहा, आम आदमी पार्टी के टॉप 4 लीडर को जेल में डाल दिया. सिटिंग मुख्यमंत्री को जेल में डाल दिया. चौबीस घंटे खबरें दिखाई जाती थीं कि केजरीवाल भ्रष्ट है. मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई. मैं प्रधानमंत्री जी से अपील करता हूं कि देश में इतनी समस्याएं हैं, उन्हें दूर करके अच्छे काम करके सत्ता में आइए. दूसरों पर आरोप लगाना प्रधानमंत्री जी को शोभा नहीं देता. 

वहीं, फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने पत्नी और बेटी को गले लगा लिया. इस दौरान मनीष सिसोदिया भी उनके साथ थे. सुनीता केजरीवाल ने कहा, इस संसार में कोई कितना भी शक्तिशाली हो जाये, शिव शक्ति से ऊपर नहीं हो सकता. सत्य की हमेशा जीत होती है. 

वहीं, मनीष सिसोदिया ने कहा, आज एक बार फिर देश के संविधान पर गर्व हो रहा है और आज सत्य की जीत हुई है. मनीष सिसोदिया पर आरोप था कि वे शराब नीति बनाने और लागू करने के जिम्मेदार थे, लेकिन अदालत ने कहा कि उनके शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला और न ही उनके खिलाफ कोई बरामदगी हुई. 

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राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें 

राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित शराब घोटाला केस में अरविंद केजरीवाल मनीष सिसोदिया के साथ सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट ने पाया कि हजारों पन्नों की चार्जशीट में कई खामियां हैं और उसमें लगाए गए आरोप किसी गवाह या बयान से साबित नहीं होते. कोर्ट ने कहा, CBI सिसोदिया के खिलाफ पहली नजर में भी मामला साबित नहीं कर पाई. 

बिना ठोस सबूत जोड़ा गया नाम- कोर्ट 

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राउज एवेन्यू कोर्ट ने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल का नाम बिना किसी ठोस सबूत के जोड़ा गया. जब मामला किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़ा हो, तब बिना पुख्ता सामग्री के आरोप लगाना कानून के सिद्धांतों के खिलाफ है. किसी भी बयान या सबूत के अभाव में केजरीवाल को साजिश का हिस्सा बताना टिक नहीं सकता. कोर्ट ने यह भी कहा कि चार्जशीट में ऐसी कई बातें शामिल की गईं, जिनका गवाहों के बयानों से कोई संबंध नहीं है. कोर्ट ने चार्जशीट में विरोधाभास पाया. इसी ने कथित साजिश की पूरी थ्योरी को कमजोर किया. 

कोर्ट ने CBI को लगाई फटकार 

कोर्ट ने इस दौरान CBI को कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने CBI की चार्जसीट पर सवाल उठाए और कहा कि इसमें कई कमियां हैं, जिनका किसी गवाह या बयान से कोई सबूत नहीं है. अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष का मामला न्यायिक जांच में टिक नहीं पाया, क्योंकि CBI ने महज अनुमान के आधार पर साजिश की कहानी गढ़ने की कोशिश की. 

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CBI की तरफ से कंफेशनल स्टेटमेंट की कॉपी जमा नहीं किए जाने पर जज जीतेंद्र सिंह ने नाराजगी व्यक्त की. चार्जशीट में 'साउथ लॉबी' शब्द के इस्तेमाल पर भी अदालत ने आपत्ति जताई. 

क्या है कथित शराब घोटाला केस 

यह मामला दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी (शराब) नीति से जुड़ा है, जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे. दिल्ली के मुख्य सचिव रहे नरेश कुमार की रिपोर्ट के बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने CBI जांच की सिफारिश की थी. 

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बाद में CBI ने मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू की थी. 26 फरवरी 2023 को CBI ने इस मामले में मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया. 21 मार्च 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लंबी पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था. इसके बाद 26 जून को सीबीआई ने उन्हें जेल से ही हिरासत में ले लिया. 

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