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CM Yogi: शिक्षा के विज़न के साथ स्वास्थ्य और कृषि पर भी जोर, परिषद कर रहा बड़ी पहल

UP: पर्व में मतभेदों को समाप्त करके हम ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी हम संकट में होते हैं तो महापुरुषों के शौर्य व पराक्रम नई ऊर्जा देते है.

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04 Dec 2025
( Updated: 11 Dec 2025
03:32 AM )
CM Yogi: शिक्षा के विज़न के साथ स्वास्थ्य और कृषि पर भी जोर, परिषद कर रहा बड़ी पहल
Image Source: Social Media
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CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 के शुभारंभ अवसर पर स्वदेश, स्वधर्म व राष्ट्रीय स्वाभिमान का जिक्र किया और कहा कि जब भी हम संकट में होते हैं या कोई राष्ट्रीय चुनौती होती है तो महापुरुषों के चित्र, उनके शौर्य व पराक्रम नई ऊर्जा देते हैं. महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई समेत सीमाओं की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले भारत मां के बहादुर जवान देश के लिए प्रेरणा हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्र की पहचान वहां की संस्कृति, परंपराएं और महापुरुष होते हैं, यह एक-दूसरे से जुड़े हैं. राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए तो राष्ट्र अपनी एकात्मता व पहचान को खो देता है. संस्कृति उन राष्ट्रीय मूल्यों से बनती है, जिन्हें समय-समय पर अलग-अलग युगांतकारी घटनाओं ने संबल और शक्ति दी. जिन्हें विभिन्न पर्वों के माध्यम से पूरा भारत बिना भेदभाव के आत्मसात करता है. पर्व में मतभेदों को समाप्त करके हम ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी हम संकट में होते हैं तो महापुरुषों के शौर्य व पराक्रम नई ऊर्जा देते है. 

महंत दिग्विजयनाथ महाराज द्वारा 1932 में गोरखपुर में स्थपित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 का शुभारंभ उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट योगेंद्र डिमरी (से.नि.) ने किया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने वाले स्मृतिशेष प्रो. यूपी सिंह व अन्य दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी. 

यह आत्ममंथन का अवसर 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अगले छह वर्ष के अंदर होने वाले शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रम के साथ बढ़ रहा है. ऐसे में शिक्षा परिषद व संस्थाओं के सामने 100 वर्षों की इस यात्रा के आत्ममंथन का अवसर है. यह समारोह इस पर आत्मावलोकन का अवसर प्रस्तुत कर रहा है कि छात्र के सर्वांगीण विकास, समाज व राष्ट्र के प्रति हमने अपनी भूमिका का निर्वहन किस रूप में किया है. महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापकों ने जो विराट लक्ष्य रखा है, वह समाज व राष्ट्र के प्रति हमारी सेवाएं-कर्तव्य के समय-समय पर मूल्यांकन का भी है. हमारे संस्थापकों ने छात्र-छात्राओं के सामने महाराणा प्रताप के रूप में आदर्श रखा. 

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शिक्षा के विजन के साथ ही स्वास्थ्य, कृषि आदि पर जोर दे रहा परिषद 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण, अपनी संकल्पना और भावना को बढ़ाने के लिए संस्थापकों ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की. परिषद शिक्षा के विजन के साथ ही स्वास्थ्य, कृषि, महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, महाराणा प्रताप पॉलीटेक्निक आदि के जरिए तकनीक पर जोर दे रहा है तो वहीं महिलाओं की शिक्षा, अन्नदाता किसानों के प्रशिक्षण के लिए महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र या अन्न संस्थाएं दूरदराज के क्षेत्रों में नए प्रयास को बढ़ाने के साथ ही कार्य कर रही हैं. 


संस्थापक समारोह का उद्देश्य- हम कर्तव्य व तैयारियों का कर सकें आत्मावलोकन 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संस्थापक समारोह का उद्देश्य है कि हम संस्थापकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कर्तव्यों व तैयारियों का आत्मावलोकन कर सकें कि आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें खुद को कैसे तैयार करना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भावी भारत के निर्माण में अपने उत्तरदायित्वों को भी बखूबी समझना होगा। संस्थाएं जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रतिवर्ष नयापन करने का प्रयास कर रही हैं.

शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं को बनना ही होगा मॉडल स्टडी का माध्यम 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज द्वारा शोध पत्रिका ‘दिग्विजयम्’ और महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज द्वारा ‘मिशन मंझरिया’ के विमोचन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक ओर शिक्षित बेरोजगारों की फौज खड़ी होती है तो दूसरी तरफ निरक्षरता की लंबी खाई दिखाई पड़ती है। महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज को इसमें योजक की भूमिका में दिखाई दिया है. यहां के शिक्षा संकाय के छात्रों द्वारा गांव को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के लक्ष्य को बढ़ाने की दिशा में गोद लिया गया, उन्होंने इसे मॉडल स्टडी के रूप में प्रस्तुत किया. सीएम योगी ने कहा कि शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं को मॉडल स्टडी का माध्यम बनना ही होगा.

समाज व राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं संस्थान

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में किसी भी मनुष्य के लिए अयोग्य शब्द नहीं कहा गया है. अयोग्य मतलब उसकी मनुष्यता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहे हैं.  यदि कोई व्यक्ति अयोग्य है तो इसका मतलब कोई योजक नहीं है. उन्होंने कहा कि अयोग्यता-निरक्षरता शैक्षिक समाज पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है. सीएम योगी ने परिषद के सभी शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं द्वारा सेवा भाव के कार्यों का जिक्र किया. बताया कि कोई कुष्ठ सेवाश्रम तो कोई संस्थान थारू, वनटांगिया के छात्रों को गोद लेकर पढ़ा रहा है तो कोई संस्थान अन्य जिम्मेदारियों के साथ समाज व राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है और यही राष्ट्र के प्रति हमारी सेवा भी है.

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समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, कुलपति प्रो. पूनम टंडन, प्रो. जेपी सैनी, प्रो. रविशंकर सिंह, डॉ. सुरेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, इंजी. सरवन निषाद, प्रदीप शुक्ला, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह, पूर्व महापौर अंजू चौधरी आदि मौजूद रहे.

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