जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

इसी महीने होगा BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान, रेस में इन तीन बड़े दिग्गजों का नाम, जानिए कौनसा दावेदार सबसे मजबूत?

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं एक बार फिर से तेज हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जून में ही इस पद के लिए कोई नया चेहरा चुन लिया जाएगा. इनमें अलग-अलग राज्यों 3 बड़े चेहरे नजर आ रहे हैं.

इसी महीने होगा BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान, रेस में इन तीन बड़े दिग्गजों का नाम, जानिए कौनसा दावेदार सबसे मजबूत?
Advertisement

पिछले कई महीनों से भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम को लेकर सस्पेंस बरकरार है. हालांकि अभी तक भाजपा की तरफ से ऑफिशियल किसी भी नेता को इसकी दावेदारी सौंपने को लेकर कोई खबर नहीं है, लेकिन इसके बावजूद कई नामों पर गुपचुप तरीके से चर्चा लगातार चल रही है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान कई नियमों के मुताबिक होता है, इनमें आधे से ज्यादा राज्यों में चुनाव की प्रक्रिया होना अनिवार्य है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अधिकतर राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. कोई हाल ही में उत्तर-प्रदेश के सभी जिलों के भाजपा अध्यक्ष के नाम का ऐलान हुआ था. देश के सबसे बड़े राज्य से भाजपा अध्यक्ष के नाम के अलावा होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर भी मुहर लग जाएगी. हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के दौरान इस पर पूरी तरीके से रोक लगा दी गई थी.

कई राज्यों में अध्यक्ष का चुना जाना बाकी 

बता दें कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने से पहले देश के सभी राज्यों में अपने अध्यक्ष के चेहरे पर मुहर लगाना चाहती है, ताकि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर किसी भी तरह की कोई बाधा ना आए. वही उत्तराखंड में एक ब्राह्मण चेहरा सबसे मजबूत दावेदार नजर आ रहा है. उत्तर-प्रदेश में भी ब्राह्मण चेहरे पर विचार किया जा रहा था, लेकिन बाद में पिछला वर्ग से बनाने की मांग तेज हो गई है. मध्य प्रदेश की बात की जाए, तो यहां का मुख्यमंत्री OBC और अध्यक्ष ब्राह्मण होता है. इस बार यह फार्मूला बदलता हुआ नजर आ रहा है. यहां जनजातीय नेता पर विचार किया जा रहा है. मध्य-प्रदेश में वर्तमान में कोई भी आदिवासी चेहरा नहीं है.

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए तीन बड़े दावेदार 

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की दावेदारी में अलग-अलग राज्यों के तीन बड़े नाम चर्चा में चल रहे हैं. ओडिशा से धर्मेंद्र प्रधान जो कि केंद्रीय मंत्री हैं, मध्य प्रदेश से शिवराज सिंह चौहान जो केंद्र में कृषि मंत्री हैं, इसके अलावा मनोहर लाल खट्टर जो हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में केंद्र में कैबिनेट मंत्री हैं. यह सभी नेता पार्टी में काफी अनुभवी है. इस वजह से इन सभी की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही है. इसके अलावा कई और नाम भी हैं, जो राजनीतिक संतुलन और प्रतिनिधित्व के अनुभव को देखकर सामने लाने की तैयारी चल रही है. 

Advertisement

वर्तमान भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का कैसा है कार्यकाल 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. इनका कार्यकाल पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान खत्म हो रहा था, लेकिन बाद में ऐसे कुछ महीनों के लिए बढ़ा दिया गया. उनके कार्यकाल को 1 साल ज्यादा हो चुका है. जेपी नड्डा साल 2020 में अध्यक्ष बने थे. 2023 में पहली बार और 2024 में दूसरी बार उनके कार्यकाल को बढ़ाया गया है. ऐसे में राजनीतिक गलियारों में अध्यक्ष पद को लेकर चर्चाएं तेज है. 

जून के दूसरे सप्ताह तक जारी हो सकती है अधिसूचना

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा जून के दूसरे सप्ताह तक राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अधिसूचना जारी कर सकती है. सबसे पहले राज्य स्तर पर संगठनात्मक चुनाव कराए जाएंगे. उसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा. जो भी प्रक्रिया होगी वह संविधान के अनुसार होगी. इनमें मतदान, नामांकन और छंटनी जैसी प्रक्रिया शामिल है. 

चुनाव की पारदर्शिता के लिए केंद्रीय कमेटी गठित होगी 

केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने से पहले पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक केंद्रीय कमेटी गठित करेगी, जो इस प्रक्रिया की निगरानी करेगी. जेपी नड्डा दोबारा चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इसको लेकर कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि, इस पद के चुनाव को लेकर उत्सुकता लगातार चरम पर है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर विपक्ष की नजरें भी टिकी

साल 2026 में देश के कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय अध्यक्ष बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. वही 2029 के लोकसभा चुनाव में भी रणनीति बनाने में इनकी अहम भूमिका होगी. इससे पार्टी का भविष्य भी तय होगा. सवाल की बात है कि चुनाव पर सिर्फ भाजपा ही नहीं बल्कि विपक्षी दल की भी नजरें टिकी हुई हैं. जिसको भी यह पद मिलेगा, वह विपक्षी दल पर भी काफी गहरा असर डालेगा. इनमें पार्टी की नीतियों, प्राथमिकताओं और रणनीतियों पर काफी प्रभाव पड़ेगा. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें