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ग्रेटर नोएडा: शारदा यूनिवर्सिटी में फैकल्टी के 'टॉर्चर' से परेशान BDS छात्रा ने दी जान, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप, दो गिरफ्तार

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर छात्रा के कमरे की बारीकी से जांच की. सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. छात्रों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए.

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19 Jul 2025
( Updated: 09 Dec 2025
06:25 PM )
ग्रेटर नोएडा: शारदा यूनिवर्सिटी में फैकल्टी के 'टॉर्चर' से परेशान BDS छात्रा ने दी जान, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप, दो गिरफ्तार
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ग्रेटर नोएडा के एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में शनिवार देर रात एक 21 वर्षीय बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. छात्रा के सुसाइड नोट में डेंटल विभाग के एक पुरुष और एक महिला शिक्षक पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है. पुलिस ने मामले में दो शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. 

सुसाइड नोट में शिक्षकों पर प्रताड़ित करने का आरोप

नॉलेज पार्क पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. छात्रा के कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने यूनिवर्सिटी के शिक्षकों पर मानसिक दबाव डालने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. बताया जा रहा है कि छात्रा पिछले कुछ समय से तनाव में थी. घटना की जानकारी मिलते ही छात्रा के परिजन हॉस्टल पहुंचे और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया.

पुलिस ने दो शिक्षकों को किया गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा के एडीसीपी सुधीर कुमार ने कहा, "पुलिस को सूचना मिली कि हॉस्टल में एक छात्रा ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया है. सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा की कार्रवाई की. परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है. इस मामले में दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ की जा रही है. छात्रों का यूनिवर्सिटी के प्रशासन पर काफी आक्रोश था, उन्हें समझाकर शांत कर दिया गया है."

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दोषी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग 

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पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर छात्रा के कमरे की बारीकी से जांच की. सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. छात्रों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाए. परिजनों और छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी में छात्रों पर अनुचित दबाव बनाया जाता है, जिसके चलते यह दुखद घटना हुई. पुलिस ने कहा कि वह सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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