×
जिस पर देशकरता है भरोसा

सस्पेंड किए गए बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, हुए शामली अटैच, विभागीय जांच के भी आदेश

यूपी सरकार ने बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को सस्पेंड कर विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं. बरेली के मंडल आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. अलंकार को शामली अटैच कर दिया गया है.

Author
27 Jan 2026
( Updated: 27 Jan 2026
04:52 AM )
सस्पेंड किए गए बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, हुए शामली अटैच, विभागीय जांच के भी आदेश
Alankar Agnihotri/ X
Advertisement

उत्तर प्रदेश के बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे को लेकर मचे बवाल के बीच सरकार ने सख्त एक्शन लिया है. राज्य सरकार ने अग्निहोत्री को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इतना ही नहीं, उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं.

अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ जांच करेंगे बरेली मंडल के आयुक्त

यूपी शासन के नियुक्ति विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिलाधिकारी, बरेली के पत्र के आधार पर बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को शुरुआती जांच में दोषी पाया गया है. इसके चलते उन्हें सेवा नियमों के तहत तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. साथ ही उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है. इन आरोपों की जांच के लिए बरेली मंडल के आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है.

अलंकार अग्निहोत्री शामली अटैच

Advertisement

अलंकार अग्निहोत्री को शामली अटैच कर दिया गया है. निलंबन की अवधि में अग्रिहोत्री की तैनाती किसी कार्यकारी पद पर नहीं रहेगी, लेकिन वे जिलाधिकारी, शामली के कार्यालय से औपचारिक रूप से जुड़े रहेंगे. वे जिलाधिकारी, शामली के प्रशासनिक नियंत्रण में रहेंगे. आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कार्यालय में उपस्थित रहने या निर्देशों का पालन करने के लिए बुलाया जा सकता है. जानकारी के मुताबिक वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकते. यानी, निलंबन के दौरान उनकी प्रशासनिक निगरानी और रिपोर्टिंग जिलाधिकारी, शामली के पास रहेगी, भले ही वे नियमित कार्य न कर रहे हों.

अग्निहोत्री को शर्तों के साथ मिलेगा देय भत्ता

पत्र में आगे कहा गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान अलंकार अग्निहोत्री को नियमों के अनुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. यह राशि उस अवकाश वेतन के बराबर होगी, जो उन्हें नियमों के तहत मिलती है. यदि नियमों के अनुसार अवकाश वेतन पर महंगाई भत्ता देय होता है, तो वही महंगाई भत्ता जीवन-निर्वाह भत्ते में भी दिया जाएगा. हालांकि, जिन अधिकारियों को निलंबन से पहले अपने वेतन के साथ महंगाई भत्ता या उसका समायोजन नहीं मिलता था, उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ते के साथ महंगाई भत्ता नहीं दिया जाएगा.

Advertisement

इसके अलावा, निलंबन की तारीख को जो अन्य प्रतिकर भत्ते वेतन के आधार पर मिलते थे, वे भी निलंबन अवधि में तभी दिए जाएंगे, जब सरकार इस बात से संतुष्ट हो जाए कि संबंधित अधिकारी वास्तव में उस मद में खर्च कर रहा है, जिसके लिए वह भत्ता निर्धारित है.

अलंकार के खिलाफ अलग से आएगा आरोप पत्र

Advertisement

अलंकार को उपरोक्त भत्तों का भुगतान तभी किया जाएगा, जब वे यह प्रमाण-पत्र देंगे कि वे निलंबन की अवधि में किसी भी नौकरी, व्यापार, पेशा या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं. इतना ही नहीं, अग्निहोत्री के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही में आरोप-पत्र पृथक से नियमानुसार निर्गत किया जाएगा.

अग्निहोत्री ने क्यों दिया था इस्तीफा?

आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक नाटकीय घटनाक्रम में बरेली नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कथित तौर पर नए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

Advertisement

यह भी पढ़ें

अग्निहोत्री ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के नाम अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि उनका यह निर्णय किसी व्यक्तिगत या व्यावसायिक स्वार्थ के बजाय ‘आत्मसम्मान’, अंतरात्मा और समाज के प्रति जवाबदेही पर आधारित है. हालांकि, उनका इस्तीफा अब तक स्वीकार नहीं किया गया है और उन्हें सस्पेंड कर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें