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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: बॉम्बे हाई कोर्ट से आरोपी आकाशदीप सिंह को सशर्त जमानत

आकाशदीप सिंह को नवंबर 2024 में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास पंजाब के फाजिल्का जिले से गिरफ्तार किया गया था. मुंबई क्राइम ब्रांच ने पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा था.

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09 Feb 2026
( Updated: 09 Feb 2026
08:18 AM )
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: बॉम्बे हाई कोर्ट से आरोपी आकाशदीप सिंह को सशर्त जमानत
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बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी आकाशदीप कराज सिंह को जमानत दे दी है. यह इस हाई-प्रोफाइल मामले में दी गई पहली जमानत है. आकाशदीप पंजाब का रहने वाला है और उस पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है.

बॉम्बे हाई कोर्ट से आरोपी आकाशदीप कराज सिंह को मिली जमानत

जस्टिस नीला गोखले की एकल पीठ ने सोमवार को सुनवाई के बाद आरोपी को सशर्त जमानत मंजूर की. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस आदेश का प्रभाव मामले के अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर नहीं पड़ेगा. जमानत की शर्तों के तहत आकाशदीप को हर दूसरे सोमवार को संबंधित पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी. इसके अलावा, वह ट्रायल कोर्ट की अनुमति के बिना राज्य से बाहर नहीं जा सकेगा और उसे अपना पासपोर्ट भी जमा करना होगा.

नवंबर 2024 में हुई थी गिरफ्तारी

आकाशदीप सिंह को नवंबर 2024 में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास पंजाब के फाजिल्का जिले से गिरफ्तार किया गया था. मुंबई क्राइम ब्रांच ने पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा था. वह इस मामले में गिरफ्तार किया गया 24वां आरोपी था, जबकि अब तक इस हत्याकांड में 27 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. जांच एजेंसियों के अनुसार, आकाशदीप पर आरोप था कि वह शूटर्स और साजिश में शामिल बिश्नोई गैंग के सदस्यों के बीच समन्वय का काम कर रहा था. पुलिस का कहना था कि अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान उसका नाम सामने आया. माना जाता है कि गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई के निर्देश पर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था.

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बचाव पक्ष की दलील

हालांकि, बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि आकाशदीप के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि उसके खिलाफ केवल एक अन्य आरोपी के साथ कॉल रिकॉर्ड का उल्लेख है, जो हत्या से काफी पहले का है और जिसका इस वारदात से सीधा संबंध स्थापित नहीं होता.

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से आरोपी की भूमिका और उसके खिलाफ उपलब्ध ठोस साक्ष्यों के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी. दस्तावेजों और दलीलों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने माना कि फिलहाल जमानत देने से जांच या ट्रायल पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा, जिसके आधार पर आरोपी की रिहाई का आदेश दिया गया.

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क्या है पूरा मामला

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गौरतलब है कि 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा इलाके में बाबा सिद्दीकी की हत्या उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर कर दी गई थी. लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. मामला अभी भी जांच के दायरे में है और अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है.

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