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Axiom-4 Mission Launch: 41 साल बाद अंतरिक्ष में कमाल... भारत के शुभांशु शुक्ला ने स्पेस स्टेशन के लिए भरी उड़ान, रवाना हुआ ड्रैगन कैप्सूल

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला चार दशकों में अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं, जिन्हें अमेरिका की प्राइवेट स्पेस कंपनी Axiom Space के Axiom-4 (Ax-4) मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजा जा रहा है. इस मिशन की लॉन्चिंग अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से हुई है. शुभांशु शुक्ला इस मिशन के तहत 14 दिनों तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहेंगे, जहां वे अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मिलकर विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों और रिसर्च मिशनों में हिस्सा लेंगे.

Axiom-4 Mission Launch: 41 साल बाद अंतरिक्ष में कमाल... भारत के शुभांशु शुक्ला ने स्पेस स्टेशन के लिए भरी उड़ान, रवाना हुआ ड्रैगन कैप्सूल
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भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेश सेंटर (ISS) के लिए रवाना हो गए हैं. Axiom-4 मिशन में भारत के शुभांशु शुक्ला के साथ तीन और एस्ट्रोनॉट्स स्पेसएक्स के ड्रैगन एयरक्राफ्ट से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए हैं.

शुभांशु शुक्ला अपने साथी अंतरिक्ष यात्रियों के साथ 28 घंटे की यात्रा करके गुरुवार शाम भारतीय समय के मुताबिक करीब 4:30 बजे इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन में डॉकिंग करेंगे. शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय हैं, जो इंटरनेशनल स्पेश स्टेशन में कदम रखेंगे. वह वहां 14 दिनों तक रहेंगे और रिसर्च करेंगे.

भारत अपनी अंतरिक्ष यात्रा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि की दहलीज़ पर खड़ा है. भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला चार दशकों में अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं, जिन्हें अमेरिका की प्राइवेट स्पेस कंपनी Axiom Space के Axiom-4 (Ax-4) मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजा जा रहा है. इस मिशन की लॉन्चिंग बुधवार को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से हुई.

शुभांशु शुक्ला इस मिशन के तहत 14 दिनों तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहेंगे, जहां वे अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ मिलकर विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों और रिसर्च मिशनों में हिस्सा लेंगे. बता दें कि साल 2023 में भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग कर अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी. अब शुभांशु शुक्ला का यह मिशन भारत के लिए एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकता है. ऐसी भी चर्चाएं हैं कि ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय छात्रों से लाइव बात कर सकते हैं. इस संभावित इंटरैक्शन को लेकर ना सिर्फ भारत, बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष एजेंसियों की भी निगाहें इस मिशन पर टिकी हुई हैं.

स्पेसएक्स ने दी जानकारी 
स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा है कि "Axiom Space का Axiom-4 मिशन बुधवार को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए लॉन्च होने जा रहा है. सभी सिस्टम सामान्य हैं और मौसम की अनुकूलता 90 प्रतिशत है." यह ऐतिहासिक मिशन फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से रवाना हो गाय है.

Axiom-4 से जुड़ी महत्वपूर्ण टाइमलाइन
Axiom मिशन-4 ने बुधवार को नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा स्थित लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से उड़ान भरी. इस मिशन के लॉन्च का लक्ष्य स्थानीय समयानुसार सुबह 2:31 बजे EDT था. जो कि भारतीय समयानुसार दोपहर 12:01 है. इस मिशन के तहत, चालक दल को SpaceX के Falcon 9 रॉकेट के ज़रिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. लॉन्च के बाद, यह दल नए SpaceX Dragon अंतरिक्ष यान में सवार होकर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) की ओर यात्रा करेगा. मिशन की लक्षित डॉकिंग ISS से गुरुवार, 26 जून को सुबह 7:00 बजे (EDT) निर्धारित है, जो कि भारतीय समयानुसार शाम लगभग 4:30 बजे होगा.

अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर करेंगे अहम प्रयोग 
Axiom-4 मिशन के चालक दल में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं, जो इस मिशन में पायलट की भूमिका निभा रहे हैं. वह ISRO की ओर से इस मिशन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उनके साथ टीम में डॉ. पैगी व्हिटसन  NASA की अनुभवी महिला अंतरिक्ष यात्री, स्लावोज उज़्नान्स्की-विस्नीव्स्की पोलैंड से ESA के अंतरिक्ष यात्री और टिबोर कापू हंगरी से चयनित विशेषज्ञ शामिल हैं. भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए यह मिशन एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि ये देश लंबे समय बाद मानव अंतरिक्ष यान मिशन में शामिल हो रहे हैं. Axiom-4 मिशन के तहत ये अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर लगभग 14 दिन बिताएंगे. इस दौरान वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी प्रयोगों की एक श्रृंखला की जाएगी.शुभांशु शुक्ला, इस मिशन के दौरान भारत के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) और NASA के संयुक्त सहयोग से विकसित खाद्य और पोषण संबंधी उन्नत प्रयोगों का संचालन करेंगे. इन प्रयोगों का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्राओं के दौरान पोषण, स्वास्थ्य और मानव शरीर की प्रतिक्रिया को बेहतर तरीके से समझना है.

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कई बार टला Axiom-4 मिशन
बताते चलें कि Axiom-4 मिशन की लॉन्चिंग कई बार स्थगित हो चुकी है. सबसे पहले इसकी लॉन्चिंग 29 मई को निर्धारित की गई थी. लेकिन Falcon-9 रॉकेट के बूस्टर में तरल ऑक्सीजन के रिसाव और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के पुराने रूसी मॉड्यूल में भी रिसाव की समस्या सामने आने के बाद इसे टाल दिया गया. इसके बाद नई लॉन्च तारीखें तय की गईं. पहले 8 जून, फिर 10 जून, और उसके बाद 11 जून. हालांकि तकनीकी अड़चनों के चलते इन तारीखों पर भी प्रक्षेपण संभव नहीं हो सका. इसके बाद मिशन को 19 जून के लिए पुनः निर्धारित किया गया. फिर, नासा द्वारा रूसी मॉड्यूल में मरम्मत कार्य और ऑर्बिट लैब के संचालन की सुरक्षा समीक्षा के बाद, अंततः प्रक्षेपण की नई तारीख 22 जून निर्धारित की गई. अब, सभी तकनीकी समस्याओं के समाधान और मौसम की अनुकूलता के चलते Axiom-4 मिशन लॉन्च के लिए तैयार है.

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