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सीएम योगी पर भड़के अविमुक्तेश्वरानंद! अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने लगा दी क्लास!

लगातार सोशल मीडिया से लेकर तमाम प्लैटफॉर्म्स पर ट्रोल होने के बाद साधू संतों ने भी अविमुक्तेश्वरानंद का साथ छोड़ दिया। इसी कड़ी में अब रअखाड़ा परिषद के अध्यक्ष विंद्र पुरी ने भी अविमुक्तेश्वरानंद की क्लास लगा दी है। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद कांग्रेस के करीबी है। और वो राजनीति कर रहें है। आप भी सुनिए।

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05 Feb 2025
( Updated: 10 Dec 2025
10:50 PM )
सीएम योगी पर भड़के अविमुक्तेश्वरानंद! अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने लगा दी क्लास!
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मौनी अमावस्या। यानि 29 जनवरी को तीर्थराज प्रयागराज में महाकुंभ का बड़ा अमृत स्नान था। जहां संगम नगरी में 6 करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा था। यहां हर एक श्रद्धालु इस आस के साथ पहुंचा था कि वो ब्रह्म मुहूर्त में संगम में पुण्य की डुबकी लगाएगा। सभी मंगल बेला का इंतजार कर रहे थे, तभी कुछ ऐसा हुआ कि ये मंगल बेला अमंगल हो गई। और देखते ही देखते भगदड़ मची जिसमें 1 नहीं 2 नहीं बल्कि कई लोगों की जान चली गई। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस हादसे में 30 की जान गई जब्कि कई लोग घायल है। ये ऐसा वक्त था जब सिर्फ मृतकों का परिवार नहीं रोया बल्कि पूरा देश रोया। इस हादसे ने उस कड़क मिजाज वाले सीएम को भी रूला दिया जो अपने कड़क फैसले के लिए जाना जाता है। 


महाकुंभ हादसे के बाद योगी की आंखों में आंसू ने लोगों को एहसास दिलाया कि एक सच्चा राजा कैसा होता है। लेकिन राजनीति करने वालों को कौन रोक सकता है। जहां इस बात पर विपक्षियों ने योगी का मजाक बनाया वहीं ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने तो विपक्षियों से भी ज्यादा रिएक्ट करते हुए योगी आदित्यनाथ से इस्तीफा मांग लिया। विपक्ष तो ये तह कहने लगा कि इस भगदड़ के बाद योगी सरकार प्रशासन की पोल खुल गई है। अब लोगों के मन में आस्था नहीं डर है। और इसका असर श्रद्धालुओं की भीड़ पर पड़ेगा। श्रद्धालु औब यहां आने से परहेज करेंगे। लेकिन विपक्ष के साथ-साथ अविमुक्तेश्वरानंद की बोलती उन्हीं श्रद्धालुओं ने बंद कर दी जिनको वो योगी के खिलाफ राजनीति करने में इस्तेमाल कर रहें थे। बसंत पंचमी के दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की 62 लाख भीड़ ने बता दिया कि योगी पर देश की जनता को अंख बंद कर कर भरोसा है। 

3 फरवरी को बसंत पंचमी के दिन अमृत स्नान पर योगी सरकार ने ऐसी व्यवस्था की। जिसने साधु संतों का भी दिल जीत लिया। इधर ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने किसी विपक्षी नेता की तरह ताव में सीएम योगी का इस्तीफा तो मांग लिया। लेकिन उन्हें कहां पता था कि ये दाव उनपर ही भारी पड़ जाएगा। उनके शंकराचार्य होने पर ही सवाल उठ जाएंगे। लगातार सोशल मीडिया से लेकर तमाम प्लैटफॉर्म्स पर ट्रोल होने के बाद साधू संतों ने भी अविमुक्तेश्वरानंद का साथ छोड़ दिया। इसी कड़ी में अब रअखाड़ा परिषद के अध्यक्ष विंद्र पुरी ने भी अविमुक्तेश्वरानंद की क्लास लगा दी है। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद कांग्रेस के करीबी है। और वो राजनीति कर रहें है। 

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