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लोकसभा में ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव पेश, चर्चा के लिए 10 घंटे, कांग्रेस के आरोपों का किरेन रिजिजू ने दिया जवाब

विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही के दौरान 'पक्षपातपूर्ण रवैया' अपनाया है. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने 3 पॉइंट्स में अविश्वास प्रस्ताव लाने की वजहें बताईं. जिन पर किरेन रिजिजू ने पलटवार किया.

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10 Mar 2026
( Updated: 10 Mar 2026
03:52 PM )
लोकसभा में ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव पेश, चर्चा के लिए 10 घंटे, कांग्रेस के आरोपों का किरेन रिजिजू ने दिया जवाब
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Parliament Session: लोकसभा में उस समय जोरदार बहस छिड़ गई जब कांग्रेस ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. इस प्रस्ताव के पेश होते ही सदन में प्रक्रिया और नियमों को लेकर तीखी नोकझोंक देखने को मिली और आखिरकार सदन ने इस प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दे दी. इस मुद्दे पर 10 घंटे की बहस तय की गई है. 

कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने औपचारिक रूप से यह प्रस्ताव पेश किया. इस प्रस्ताव पर 118 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं. विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही के दौरान 'पक्षपातपूर्ण रवैया' अपनाया है. विपक्ष का कहना है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी गई, जिसे लेकर असंतोष बढ़ा. 

जगदबिंका पाल ने संभाली स्पीकर की कुर्सी

इस मुद्दे पर AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी और तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाया. ओवैसी ने संसदीय नियमों का हवाला देते हुए कहा कि जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव चर्चा में हो, तो स्पीकर या उनके द्वारा नामित व्यक्ति को कार्यवाही नहीं चलानी चाहिए. दरअसल, ओम बिरला की अनुपस्थिति में जगदबिंका पाल उनकी चेयर संभाल रहे थे.

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ओवैसी ने यह भी कहा कि अभी तक लोकसभा में उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) की नियुक्ति नहीं हुई है. ऐसे में जो सदस्य चेयर पर बैठे हैं, उन्हें स्पीकर की स्वीकृति से ही नामित किया गया है. 
इसलिए उनके द्वारा इस प्रस्ताव पर चर्चा कराना उचित नहीं होगा. उन्होंने सुझाव दिया कि बहस शुरू होने से पहले सदन को इस बात पर सहमति बनानी चाहिए कि कार्यवाही की अध्यक्षता कौन करेगा. इस पर BJP की ओर से जवाब भी सामने आया. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि संसदीय नियमों के अनुसार चेयर पर बैठा कोई भी सदस्य स्पीकर के समान अधिकारों का प्रयोग करते हुए कार्यवाही चला सकता है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी BJP सांसद निशिकांत दुबे की बात का समर्थन किया और कहा कि नियम स्पष्ट रूप से चेयर को यह अधिकार देते हैं. 

डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति न होने पर विपक्ष के सवाल 

वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति नहीं की गई है, जो एक गंभीर मुद्दा है. उन्होंने कहा कि बहस आगे बढ़ाने से पहले सदन को इस बात पर सहमति बनानी चाहिए कि कार्यवाही कौन संचालित करेगा. इस दौरान BJP सांसद रवि शंकर प्रसाद ने भी हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जो सदस्य चेयर पर बैठा है, उसे सदन की कार्यवाही संचालित करने का पूरा अधिकार है. 

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे जगदंबिका पाल ने कहा कि स्पीकर का पद खाली नहीं है. इसलिए चेयर को कार्यवाही चलाने का पूरा अधिकार है. उन्होंने यह भी बताया कि स्पीकर ओम बिरला ने खुद इस बहस के दौरान सदन की अध्यक्षता न करने का फैसला लिया है. जगदंबिका पाल ने कहा कि स्पीकर ने नोटिस में मौजूद शुरुआती तकनीकी गलतियों को ठीक करने में उदारता दिखाई और आवश्यक सुधारों की सूचना खुद जारी की. 

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कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने औपचारिक रूप से स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव सदन में पेश किया. अंत में यह तय हुआ कि लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 10 घंटे तक चर्चा होगी. 

ओम बिरला के खिलाफ क्यों लाया गया अविश्वास प्रस्ताव? 

विपक्ष ने ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात करने का आरोप लगाया था. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने ओम बिरला पर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था, 2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जब बोल रहे थे, तब उन्हें बार-बार रोका गया. स्पीकर सर ने उनके तर्क पर सबूत देने का कहा. 9 फरवरी को शशि थरूर जब बोल रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया. सरकार ने कहा कि बोलिए, लेकिन हम कैसे बोल सकते हैं जब माइक ऑफ किया गया हो. उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा, संसद में ऐसी नई-नई चीजें हो रही हैं. 

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महिला सांसदों पर उठाए गए सवाल- कांग्रेस 

गौरव गोगोई ने महिला सांसदों पर PM मोदी की कुर्सी घेरने के आरोपों को भी निराधार ठहराया. उन्होंने कहा, आज महिला सांसदों के उद्देश्य पर सवाल उठाए जा रहे हैं. ओम बिरला ने PM
मोदी के समय कहा था कि महिला सांसदों ने PM की चेयर घेर ली है. उनके साथ कुछ भी हो सकता था. ये बहुत ही शर्मनाक बात है. गौरव गोगोई ने पूछा, ओम बिरला ने किस आधार पर महिला सांसदों पर ये आरोप लगाए?

किरेन रिजिजू ने दिया सवालों का जवाब

किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के भी कई सांसद दुखी हैं और 50 से ज्यादा सांसदों ने कहा है कि हम लोग दुखी हैं, कांग्रेस ने जो जिद पकड़ी है, उससे हम मजबूर हैं. ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर आपने कितना गलत काम किया है. यह आपको पता चल जाएगा. वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, हमने इतना गैर जिम्मेदाराना विपक्ष कभी नहीं देखा. 

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