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इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में Gen-Z प्रोटेस्ट की साजिश, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाए गए, कई CCTV कैमरे टूटे

इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के IIT कैंपस में एंटी रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट में यह मामला सामने आया है कि 'नेपाल की तरह कॉलेज के युवा बड़ा प्रोटेक्ट करने की तैयारी में थे.' खबरों के मुताबिक, एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच के आधार पर इस बात का जिक्र किया है.

इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में Gen-Z प्रोटेस्ट की साजिश, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाए गए, कई CCTV कैमरे टूटे
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मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के IIT कैंपस में Gen-Z स्टाइल में प्रोटेस्ट की साजिश का पर्दाफाश हुआ है. बताया जा रहा है कि कॉलेज के जूनियर छात्रों को नेपाल में हुए आंदोलन की तर्ज पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए विरोध से जुड़े पोस्ट व ट्वीट करने के आदेश दिए गए थे. इस मामले का खुलासा एंटी रैगिंग कमेटी की जांच में हुआ है. 

नेपाल जैसा प्रोटेक्ट करने की रची गई साजिश 

इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के IIT कैंपस में एंटी रैगिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट में यह मामला सामने आया है कि नेपाल की तरह कॉलेज के युवा बड़ा प्रोटेक्ट करने की तैयारी में थे. खबरों के मुताबिक, एंटी रैगिंग कमेटी ने जांच की और जूनियर छात्रों के बयानों के आधार पर इस बात का जिक्र किया. दरअसल, एक महीने पहले भी इस विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज के कैंपस में सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र की रैगिंग की थी, जिसके आधार पर तीन सीनियर छात्रों को हॉस्टल से बेदखल कर एक सेमेस्टर से भी बाहर कर दिया गया था. जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि इन्हीं छात्रों ने इस साजिश को रचा था. इसके अलावा छात्रों द्वारा सीसीटीवी कैमरे की तोड़फोड़ भी की गई थी. 

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एक निजी होटल में बनी थी आंदोलन की प्लानिंग 

खबरों के मुताबिक, 23 सितंबर को एक निजी होटल में बैठकर युवाओं ने कथित आंदोलन की रणनीति बनाई थी, यही नहीं 26 सितंबर को कैंपस के सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए गए थे. इसके अलावा DVR भी गायब कर दिया गया था. जांच करने वाली समिति का कहना है कि यह कदम आंदोलन की गतिविधियों को छुपाने के लिए उठाया गया था. फिलहाल एंटी रैंगिंग समिति ने छात्रों के बयान को दर्ज कर पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की और उसे प्राॅक्टोरियल कमेटी को भेजा है. 

विश्वविद्यालय के कुलगुरु का बयान आया सामने? 

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इस मामले में अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु राकेश सिंघल ने बताया कि 'कि कुछ सीनियर छात्रों पर पहले रैगिंग के मामले में जुर्माना और हॉस्टल से निष्कासन की कार्रवाई हो चुकी थी. इन्हीं छात्रों ने आक्रोश में आकर जूनियर छात्रों को धमकाते हुए आंदोलन की योजना बनाई थी.' 

मामले की जांच अभी जरूरी 

विश्वविद्यालय के कुलगुरु सिंघल ने यह भी बताया कि 'रिपोर्ट में नेपाल जैसे आंदोलन का जिक्र जरूर किया गया है, लेकिन इसकी गहन जांच अभी भी जरूरी है.' वहीं विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस पूरे मामले की शिकायत भंवरकुआं थाने में आवेदन देकर की है. हालांकि, अभी तक नामजद FIR दर्ज नहीं हुई है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है. इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन का भी कहना कि दोषी छात्रों पर कार्रवाई की जाएगी. 

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सिंघल का यह भी कहना है कि 'मामला न केवल कैंपस के अनुशासन व्यवस्था पर सवाल करेगा, बल्कि यह भी दिखता है कि किस तरीके से सीनियर छात्रों ने व्यक्तिगत आक्रोश को एक बड़ा आंदोलन देने की कोशिश की. फिलहाल इस मामले की जांच पड़ताल विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस दोनों तरफ से जारी है और जल्द ही उचित कार्रवाई की तैयारी है. 

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