यूपी में बड़ी आतंकी साज़िश का हुआ भंडाफोड़, 'लोन वुल्फ' की तर्ज पर हो रही थी देश को दहलाने की साज़िश, पुलिस ने तीन को किया गिरफ्तार
देश को थी दंगे और आतंकी हमले में झोंकने की साज़िश, लोन वुल्फ हो रहे थे तैयार... यूपी पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार...पूरी स्टोरी पढ़कर दंग रह जाएंगे कि कैसे पाकिस्तान के एक वीडियो को आधार बनाकर भारत को दहलाने की प्लानिंग हो रही थी.
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उत्तर प्रदेश सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. मुज़फ्फरनगर पुलिस ने आतंकी साज़िश का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों, नदीम, मनशेर और रहीस को गिरफ्तार किया है. ये तीनों आरोपी कांवड़ यात्रा के दौरान साम्प्रदायिक तनाव फैलाने के उद्देश्य से भड़काऊ और फर्जी वीडियो वायरल कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा वायरल किया गया वीडियो पाकिस्तान के मुज़फ्फरगढ़ का था, जिसमें महिलाओं और बच्चों की निर्मम हत्या को दिखाया गया था. इसमें महिलाओं और बच्चों की लाशें दिखाई गई थीं.
'लोन वुल्फ की हो रही थी भूमिका तैयार'
इस वीडियो को भारत के मुरादाबाद की घटना बताकर कई व्हाट्सएप ग्रुपों में फैलाया जा रहा था, ताकि दंगे भड़काए जा सकें और "लोन वुल्फ" आतंकी हमलों की भूमिका तैयार की जा सके.
मुज़फ्फरनगर से बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा.
ककरोली के रहने वाले तीन आरोपी- नदीम, मनशेर और रहीस गिरफ्तार
Pakistan के वीडियो को भारत का बताकर दंगा भड़काना, साम्प्रदायिक तनाव फैलाना और "लोन वुल्फ" आतंकी हमलों की साजिश हो रही थी. pic.twitter.com/ebQZZU5qNk— Keshav Kumar (@keshavjha25) July 21, 2025
आरोपियों के पास से कई मोबाई बरामद, कई धाराओं में मामला दर्ज
ककरौली थानाक्षेत्र से गिरफ्तार किए गए इन तीनों आरोपियों के पास से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं. आरोपियों पर UAPA, आईटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
ककरौली के रहने वाले हैं आरोपी
सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि एसएसपी, एसपी देहात, ककरौली थाना अध्यक्ष और एसओजी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर इस साजिश को विफल किया.
दंगे और आतंकी हमलों की आग में झोकने की थी साज़िश
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसका मकसद देश में दंगा और आतंकी घटनाओं की एक श्रृंखला शुरू करना था. व्हाट्सएप ग्रुप "Kakrauli Yuva Ekta" सहित पांच ऐसे ग्रुपों की पहचान की गई है, जिनमें यह वीडियो वायरल किया जा रहा था.
पाकिस्तान की भी भूमिका की होगी जांच
Voice Analysis और मोबाइल फॉरेंसिक जांच के आधार पर पुलिस को पुख्ता सबूत मिले हैं. पुलिस अब फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच कर रही है.
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पुलिस ने इस साजिश के तार पाकिस्तान और आतंकी संगठनों से जुड़े होने की संभावना से इनकार नहीं किया है. फिलहाल एटीएस और अन्य एजेंसियां भी इस मामले में सक्रिय हो गई हैं. पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी साजिश समय रहते नाकाम कर दी गई.
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