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K-6 मिसाइल: 8000km की रेंज, 9200km प्रति घंटे की रफ्तार... दुश्मन के रडार को देगी चकमा, भारत जल्द करेगा परीक्षण

भारत जल्द ही अपने सबसे खतरनाक K-6 हाइपरसोनिक मिसाइल का समुद्री परीक्षण करने जा रहा है. यह मिसाइल ब्रह्मोस से भी ज्यादा खतरनाक है. यह अपने दुश्मन मुल्क से और भी प्रभावी ढंग से प्रतिरोध यानी लड़ाई लड़ने में सक्षम है. इस मिसाइल की रेंज 8000 किलोमीटर और रफ्तार 9200 किलोमीटर प्रति घंटे की है.

K-6 मिसाइल: 8000km की रेंज, 9200km प्रति घंटे की रफ्तार... दुश्मन के रडार को देगी चकमा, भारत जल्द करेगा परीक्षण
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भारतीय सेना जल्द ही अपने सबसे खतरनाक मिसाइल K-6 हाइपरसोनिक का समुद्री परीक्षण करने जा रही है. इसे हैदराबाद की डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO) ने तैयार की है. इस इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल की दूरी करीब 8,000 किलोमीटर है. इसके अंदर कई खूबियां मौजूद हैं. जिसकी जानकारी हाल ही में साझा की गई है.

K-6 हाइपरसोनिक मिसाइल की खासियतें 

बता दें कि K-6 हाइपरसोनिक मिसाइल में कई खासियतें मौजूद हैं. इसकी रेंज ब्रह्मोस से भी ज्यादा तेज है. यह अपने दुश्मन मुल्क भारत और चीन के खिलाफ ज्यादा प्रभावी ढंग से प्रतिरोध करने यानी लड़ाई लड़ने में सक्षम है. इसे हैदराबाद के डीआरडीओ की एडवांस नेवल सिस्टम लेबोरेटरी में विकसित किया गया है. यह मिसाइल भारत को सबसे विकसित देशों में ला खड़ा कर देगी. वर्तमान में मौजूद अरिहंत क्लास पनडुब्बी और  सबमरीन से काफी ज्यादा बड़ी और शक्तिशाली होगी. इसे दूसरे मिसाइल को कैरी करने के लिए भी विकसित किया गया है.

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9200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दुश्मन पर करेगी वार 

यह इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल कई खूबियों से लैस है. इस मिसाइल की रेंज करीब 8000 किलोमीटर तक है. यानी इतने किलोमीटर तक मौजूद दुश्मन को मात देने में पूरी तरीके से सक्षम है. दूसरा इस मिसाइल की रफ्तार 7.50 मैक यानी 9200 किलोमीटर प्रति घंटे की है. यह परमाणु पनडुब्बी से लांच करने वाली मिसाइल है. 

भारत के परमाणु पनडुब्बी बेड़े में शामिल होने वाली तीसरी पनडुब्बी 

बता दें कि K-6 भारत की पहली ऐसी हाइपरसोनिक मिसाइल है, जिसे पनडुब्बी से दागा जाएगा. भारत के पास वर्तमान में दो पनडुब्बियां मौजूद हैं. इनमें एक INS अरिहंत और INS अरिघात, इन दोनों के रेंज की बात की जाए, तो INS अरिहंत और INS अरिघात परमाणु पनडुब्बियों से K-15 की रेंज 750 किलोमीटर, K-4 की 3,500 किलोमीटर, और K-5 की 5,000 किलोमीटर है. वहीं साल के अंत तक तीसरी परमाणु पनडुब्बी INS अरिदमन भी बनकर तैयार हो सकती है.

दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा भारत 

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आपको बता दें कि भारत ने जैसे ही K-6 हाइपरसोनिक मिसाइल का समुद्री परीक्षण सफल तरीके से पूरा किया. वैसे ही भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा. जिनके पास इस तरह की तकनीक है. जानकारी के लिए बता दें कि इस तरह की खतरनाक मिसाइल अब तक सिर्फ अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के पास है. ऐसे में भारत अब इन देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा. इस मिसाइल के आने से भारत की नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. अभी तक भारत के दुश्मन देश सिर्फ ब्रह्मोस मिसाइल से ही खौफ खाते हैं, लेकिन यह मिसाइल तो इतना खतरनाक है कि दुश्मन देश के पूरे मुल्क में घूम कर किसी भी टारगेट को निशाना बना सकती है. 

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