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यूपी के लखनऊ में मानसून सत्र के बीच 40 ठाकुर विधायकों ने बनाया 'कुटुंब परिवार', जानिए क्या हैं इसके मायने

यूपी में सोमवार (11 अगस्त) को विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू हुआ. इसी दिन शाम ढलते ही लखनऊ के फाइव स्टार होटल में भाजपा के क्षत्रिय विधायकों की बैठक हुई. इस बैठक का नाम 'कुटुंब परिवार' कार्यक्रम रखा गया था. बता दें कि यूपी के कुल 49 ठाकुर विधायकों में से करीब 40 विधायक शामिल हुए.

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12 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:14 AM )
यूपी के लखनऊ में मानसून सत्र के बीच 40 ठाकुर विधायकों ने बनाया 'कुटुंब परिवार', जानिए क्या हैं इसके मायने
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लखनऊ में ठाकुरों के 'कुटुंब परिवार' कार्यक्रम पर अब खुलकर ठाकुर राजनीति शुरू हो गई है. सूत्र बताते हैं कि योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाए रखने पर दृढ़ प्रतिज्ञ है ठाकुर विधायकों का ये "कुटुंब" परिवार. खबर है कि इस बैठक में सपा के बागी विधायक भी शामिल हुए. किसी ने इसे बर्थडे पार्टी बताया तो किसी ने कहा- यह ठाकुर रामवीर की जीत का जश्न है.  

49 में से 40 ठाकुर विधायक 'कुटुंब परिवार' में हुए शामिल 

लखनऊ के होटल क्लार्क अवध में हुई बैठक को 'कुटुंब परिवार' नाम दिया गया. इसमें यूपी में कुल 49 ठाकुर विधायकों में से करीब 40 विधायक शामिल हुए. एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त और मुरादाबाद से विधायक ठाकुर रामवीर सिंह की तरफ से बैठक में भाजपा और सपा के क्षत्रिय विधायकों को आमंत्रित किया गया था. दूसरी जातियों के विधायक भी बुलाए गए थे मगर, उनकी मौजूदगी कम थी. उनमें भी ऐसे विधायक शामिल थे, जो भाजपा सरकार खेमे के करीबी हैं.

कुटुंब परिवार की एकजुटता की खबर दिल्ली के सत्ता के गलियारों में और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंची है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति से लेकर मंत्रिमंडल विस्तार के मद्देनजर विधायकों की बैठक को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.  इससे पहले होटल के गेट पर कुटुंब परिवार का पोस्टर लगाया गया था. इसमें डॉक्टर जयपाल सिंह और रामवीर सिंह की तस्वीर थी.

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क्या है 'कुटुंब परिवार' बैठक के मायने 

विधानसभा सत्र के दौरान सदन से बाहर इतनी बड़ी संख्या में विधायकों और विधान परिषद सदस्यों की बैठक को यूपी में भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. बैठक में सपा से निष्कासित एमएलसी राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, भाजपा विधायक अभिजीत सांगा, एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह सहित करीब 40 से अधिक विधायक और एमएलसी शामिल हुए. 

जानकार मानते हैं कि सीएम योगी के लेटर के बाद भी पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार नहीं मिला इससे भी क्षत्रिय समाज नाराज है. केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के आग्रह पर वहां के मुख्य सचिव और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के आग्रह पर वहां के मुख्य सचिव को सेवा विस्तार दिया, इसके पीछे की वजह औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी सहित अन्य मंत्रियों की शिकायत है, जिसके चलते मनोज सिंह को सेवा विस्तार नहीं मिला.

पश्चिम से ही शुरू हुई थी क्षत्रियों की नाराजगी

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लोकसभा चुनाव 2024 में टिकट वितरण को लेकर क्षत्रिय समाज की नाराजगी भी पश्चिमी यूपी से शुरू हुई थी. भाजपा ने पहली ही सूची में गाजियाबाद के सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह का टिकट काट कर अतुल गर्ग को उम्मीदवार बनाया था. कुटुंब परिवार की बैठक के आयोजक भी पश्चिमी यूपी के बरेली-मुरादाबाद खंड के एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त और मुरादाबाद उप चुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीते ठाकुर रामवीर सिंह ही हैं.

कुटुंब परिवार के बैनर पर भले ही एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त और विधायक ठाकुर रामवीर सिंह का नाम रहा. बैठक में शामिल एक विधायक ने बताया- इस बैठक के पीछे सरकार के करीबी दो बाहुबली विधायकों की रणनीति रही. इस बैठक में शामिल हुए सभी विधायकों को भगवान श्री राम की एक मूर्ति, महाराणा प्रताप की एक तस्वीर और पीतल का एक बड़ा त्रिशूल भेंट दिया गया. 

यूपी में 49 ठाकुर विधायक, इनमें भाजपा के 43

यूपी की 403 विधानसभा सीटों पर 52 ब्राह्मण और 49 ठाकुर विधायक हैं। ब्राह्मण और ठाकुर का कुल योग 101 है. इस हिसाब से देखा जाए तो प्रदेश में हर चौथा विधायक ठाकुर या ब्राह्मण है. पार्टीवार आंकड़ा देखें तो भाजपा के पास 46 ब्राह्मण और 43 ठाकुर विधायक हैं.

सपा से चार ठाकुर विधायकों ने जीत दर्ज की थी. सपा से निकाले जाने के बाद राकेश सिंह और अभय सिंह खुलकर भाजपा के खेमे में हैं. वहीं, बसपा को सिर्फ एक सीट पर जीत मिली थी और जीतने वाले कैंडिडेट उमाशंकर सिंह ठाकुर हैं. जनसत्ता पार्टी से राजा भैया भी ठाकुर समुदाय से आते हैं. बैठक में शामिल एक विधायक ने बताया- कुटुंब परिवार की पहली बैठक थी. इससे पहले इस तरह की बैठक नहीं हुई. 

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कार्यक्रम आयोजक ठाकुर रामवीर सिंह की सफाई 

इस कार्यक्रम के आयोजक ठाकुर रामवीर सिंह ने बैठक को लेकर कहा- मेरी पोती का जन्मदिन था, इसलिए कुछ परिचित सदस्यों को बुलाया था. समाज की बैठक नहीं थी, उसमें बीजेपी विधायक अनिल पाराशर भी थे. कुटुंब परिवार नाम तो होटल वाले ने गलत लिखवा दिया.

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बैठक शामिल एमएलसी शैलेंद्र कुमार सिंह बोले- कुटुंब परिवार की बैठक थी. हां, मैं भी बैठक में गया था. बैठक अच्छी रही, कोई उद्देश्य नहीं था, बस ऐसे ही बैठकर खाना-पीना किया. एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त ने कहा- ठाकुर रामवीर सिंह ने मुरादाबाद से चुनाव जीत की खुशी में पार्टी दी थी, उनके चुनाव जीत के बाद सदन अब चल रहा है. इसलिए पार्टी अब दी है. उनके जो परिचित सदस्य थे, उन्हें बुलाया गया था. कुटुंब नाम तो एक परिवार के रूप में दिया गया, क्योंकि सभी परिवार के सदस्य थे. मैं उनसे जुड़ा हुआ हूं, इसलिए मेरा नाम भी बैनर पर था. यह कोई समाज की बैठक नहीं थी. 

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