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‘पूरा संघी इकोसिस्टम हंगामा मचा रहा है’ स्वरा भास्कर ने तरुण खाटिक हत्याकांड मामले पर बुर्का वाली महिला का किया बचाव!

Tarun Khatik murder case: बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने भी इस मामले पर पोस्ट कर अपनी भड़ास निकाली है. एक्ट्रेस हर मुद्दे अपनी राय रखती हैं, वो बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं. अब एक्ट्रेस ने तरुण खाटिक मामले पर अपनी राय रखी है.

‘पूरा संघी इकोसिस्टम हंगामा मचा रहा है’ स्वरा भास्कर ने तरुण खाटिक हत्याकांड मामले पर बुर्का वाली महिला का किया बचाव!
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4 मार्च, होली का दिन, जब दिल्ली के उत्तम नगर में 26 साल के तरुण खाटिक को पीट-पीटकर मार डाला गया, इस घटना ने हर किसी को हिल कर रख दिया है. सोशल मीडिया पर कोई इस अपनी-अपनी राय साझा कर रहे हैं और इस मामले पर गुस्सा ज़ाहिर कर रह हैं. 

कट्टरपंथियों पर नहीं, संघ पर फूटा स्वरा भासकर का गुस्सा

बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने भी इस मामले पर पोस्ट कर अपनी भड़ास निकाली है. एक्ट्रेस हर मुद्दे अपनी राय रखती हैं, वो बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं. अब एक्ट्रेस ने   तरुण खाटिक मामले पर अपनी राय रखी है. स्वरा भास्कर  पोस्ट में बुर्का वाली महिला के बवाल का बचाव करती नज़र आईं. उसे डिफ़ेंड करने पर उतर गईं. इतना ही नहीं उन्होंने इस मामले को लेकर अपना गुस्सा कट्टरपंथियों पर नहीं, संघ पर निकाला है.

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‘पूरा संघी इकोसिस्टम हंगामा मचा रहा है’

स्वरा भास्कर ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा,”होली के दौरान मुस्लिम पड़ोसियों के साथ झड़प हुई और उसमें तरुण खाटिक की हत्या के बाद पूरा संघी इकोसिस्टम हंगामा मचा रहा है. ये कहानी बहुत उलझी हुई है. दिल्ली पुलिस ने कंफर्म किया है कि इन पड़ोसियों के बीच दशकों पुराना विवाद था. और हिंदू परिवार की बच्ची ने बुर्का पहनी मुस्लिम महिला पर पानी का गुब्बारा फेंका था. जिसके बाद लड़ाई हुई. उधर, तरुण भी अपने दोस्तों को जिम से बुला लाया. इसके बाद झगड़ा बढ़ा और तरुण के सिर में चोट लगने से वो गिर गया. उसके दोस्त भाग गए. दोनों परिवार के लोगों को अस्पताल में एडमिट करवाया गया. अगले दिन तरुण की अस्पताल में ही मौत हो गई. ये बहुत ही भयावह है और इस मौत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.”

‘अब देखिए नफरत फैलाने वाले संघी लोगों ने क्या किया…’

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स्वरा भास्कर ने आगे लिखा, “अब देखिए नफरत फैलाने वाले संघी लोगों ने क्या किया... उन्होंने मुस्लिम भीड़ द्वारा हिंदू लड़के की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की खबर को हेडलाइन्स और पोस्टों में फैलाया और नारा लगाया कि हिंदू खतरे में हैं. पुलिस ने दोषियों को अरेस्ट किया. अब उन पर लीगल तरीके से केस चलना चाहिए. इधर, बजरंग दल/विश्व हिंदू परिषद भी विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे और मुस्लिम परिवार का घर जला दिया. और कथित तौर पर लूटपाट भी की.आंटी जी रेखा गुप्ता ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और आदेश दिया जिसके बाद दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में मुस्लिम परिवार के घर को बुलडोजर से गिरा दिया गया.”

‘मुस्लिम घर को बुलडोजर से गिराया गया तो संघी लोगों ने इसका जश्न मनाया’

एक्ट्रेस ने गुस्सा निकालते हुए लिखा, “मुस्लिम घर को बुलडोजर से गिराया गया तो संघी लोगों ने इसका जश्न मनाया. जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार इस तरह से बुलडोजर चलाना बैन है. खैर, संघियों ने मुस्लिम परिवार से दो-दो हाथ करने की भी मांग की. वहीं, मुस्लिम महिला ने आरोप लगाया है कि गुब्बारे की घटना के बाद तरुण समेत नशे में धुत आदमियों ने उसके साथ छेड़छाड़ की और उसका शोषण किया और इसी वजह से झगड़ा शुरू हुआ था.”

‘हमें इस झांसे में नहीं आना चाहिए’

एक्ट्रेस यहीं नहीं रुकी उन्होंने आगे लिखा, “इस घटना को 2015 से देश भर में लगभग हर हफ्ते होने वाली मुस्लिम भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या की घटनाओं पर पर्दा डालने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. तरुण के आरोपियों को अरेस्ट कर लिया गया लेकिन अखलाख की पीट-पीटकर हत्या करने वाले को चुनाव में टिकट मिल गया. कन्हैया लाल के हत्यारों को अरेस्ट किया गया. राजसमंद का शिकार एक मुस्लिम दिहाड़ी मजदूर था जिसे 2017 में शंभूलाल रेगर ने जिंदा जला दिया था... इसका भी जश्न मनाया गया, उसे माला पहनाई गई और 2019 के लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया गया. चाहे जिस तरह से भी उकसाया गया हो, तरुण की हत्या नहीं होनी चाहिए थी. बाकी सारी कहानी घटिया किस्म का राजनीतिक अवसरवाद है. हमें इस झांसे में नहीं आना चाहिए.”

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जानें क्या था तरुण खाटिक हत्याकांड

दरअसल, 4 मार्च को एक 11 साल की बच्ची अपनी छत से नीचे खड़े परिवार के सदस्यों पर गुब्बार फेंक रही थी. जिसके छींटे वहां खड़ी एक मुस्लिम महिला को जा लगे. इसके बाद भड़की महिला ने जमकर बवाल काटा. महिला के परिवार और समुदाय के लोग भी वहां जमा हो गए और बच्ची के परिवार के साथ मारपीट शुरू कर दी. इस दौरान घर में तोड़-फोड़ भी की गई. इसके बाद जैसे-तैसे बच्ची के परिवार ने खुद को कमरे में बंद कर अपनी जान बचाई. उस दौरान परिवार का एक सदस्य तरुण घर से बाहर था, उसे झगड़े के बारे में कुछ नहीं पता था. वह शाम को जब घर आया तभी महिला पक्ष के लोगों ने उसकी बाइक को घेरा और जानलेवा हमला किया. करीब 8 से 10 लोगों ने तरुण के साथ मारपीट की. परिवार को पता चलते ही उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां तरुण ने दम तोड़ दिया. 

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तरुण के परिवार का आरोप है कि तरुण को साजिश के तहत मारा गया है, क्योंकि विवाद पहले ही शांत हो चुका था. जबकि तरुण को इसके बारे में पता भी नहीं था. ये पूरा घटनाक्रम एक सोची समझी साजिश की ओर इशारा करता है.

अब तक कितने लोग हुए अरेस्ट?  

तरुण की हत्या के मामले में 9 मार्च को तीन महिलाओं को हिरासत में लिया है. उत्तम नगर में हुई वारदात के बाद से तीनों महिलाएं दिल्ली के ख्याला इलाके में छुपी हुई थी. दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. दिल्ली पुलिस के अनुसार, हिरासत में ली गई महिलाओं में सायरा, शरीफ और सलमा शामिल हैं. तीनों को ख्याला इलाके से हिरासत में लिया गया है. फिलहाल, पुलिस तीनों महिलाओं से पूछताछ कर रही है. इस मामले में और भी लोगों के पकड़े जाने की संभावना है. बताया जा रहा है सायरा वही महिला है जिसने गुब्बारे के छींटे लगने के बाद बवाल काटा था. जिसने विवाद को बड़ा रूप दिया था. सायरा गिरफ्तारी से बचने के लिए अब तक छुपी हुई थी. 

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दिल्ली पुलिस इस हत्याकांड में पहले ही एक नाबालिग समेत 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. यह घटना होली के दिन उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में हुई. पीड़ित पक्ष का दावा है कि 11 वर्षीय बच्ची अपनी छत से होली खेल रही थी. इसी दौरान उसकी ओर से फेंका गया एक गुब्बारा नीचे से गिर गया और वहां गुजर रही मुस्लिम समुदाय की एक महिला पर रंग के छींटे लग गए.

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