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ईरानी डेरा, फिल्मी नाम और अय्याशी का शौक... कौन है ‘रहमान डकैत’, जिसे तलाश रही थी छह राज्यों की पुलिस, सूरत से अरेस्ट

बॉलीवुड फिल्म धुरंधर के किरदार ‘रहमान डकैत’ की चर्चा के बीच इसी नाम का असली और खतरनाक अपराधी सूरत में गिरफ्तार किया गया. सूरत क्राइम ब्रांच ने भोपाल के कुख्यात अपराधी राजू ईरानी उर्फ रहमान डकैत को उस वक्त पकड़ा, जब वह बड़ी वारदात की तैयारी में था.

ईरानी डेरा, फिल्मी नाम और अय्याशी का शौक... कौन है ‘रहमान डकैत’, जिसे तलाश रही थी छह राज्यों की पुलिस, सूरत से अरेस्ट
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देश में इन दिनों बॉलीवुड फिल्म धुरंधर का किरदार ‘रहमान डकैत’ चर्चा में है. लेकिन इसी नाम से जुड़ा एक असली और बेहद खतरनाक अपराधी अब पुलिस की गिरफ्त में है. सूरत क्राइम ब्रांच ने भोपाल के कुख्यात अपराधी राजू ईरानी उर्फ आबिद अली उर्फ रहमान डकैत को धर दबोचा है. यह वही नाम है, जिसकी तलाश देश के छह से ज्यादा राज्यों की पुलिस लंबे समय से कर रही थी.

पुलिस के मुताबिक, राजू ईरानी उस वक्त सूरत में था, जब वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में जुटा हुआ था. लेकिनसमय रहते मुखबिर से मिली सूचना ने एक बड़े अपराध को होने से पहले ही रोक दिया. यह गिरफ्तारी सिर्फ एक आरोपी की नहीं, बल्कि एक संगठित और खौफनाक अपराध नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रही है.

खुफिया सूचना से गिरफ्तारी तक

रहमान डकैत की गिरफ़्तारी की कहानी एक पुख्ता इनपुट से होती है. सूरत क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर जेएन गोस्वामी और उनकी टीम को जानकारी मिली कि भोपाल का कुख्यात अपराधी, जिसे अपराध की दुनिया में ‘रहमान डकैत’ कहा जाता है, शहर में दाखिल हो चुका है. सूचना साफ थी कि वह किसी को निशाना बनाने की फिराक में है. टीम ने तुरंत रणनीति बनाई और कुछ ही घंटों की कार्रवाई में उसे दबोच लिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि आरोपी बेहद शातिर है और पहचान बदलने में माहिर है. अलग-अलग नाम और ठिकानों की वजह से वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा.

कई नाम, एक खतरनाक पहचान

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डीसीपी भावेश रोज़िया के अनुसार, आरोपी का असली नाम अब्बास अली है. लेकिन अपराध की दुनिया में वह राजू ईरानी और रहमान डकैत के नाम से जाना जाता है. उसका गढ़ भोपाल का बदनाम ‘ईरानी डेरा’ इलाका रहा है. यहीं से वह अपने पूरे नेटवर्क को संचालित करता था. यह इलाका उसके गैंग की गतिविधियों का मुख्य केंद्र माना जाता है. राजू ईरानी कोई अकेला अपराधी नहीं, बल्कि एक ऐसा मास्टरमाइंड है, जो पूरे सिस्टम की तरह अपराध को चलाता था. उसके अंडर छह से ज्यादा गैंग काम करते थे, जो 14 से अधिक राज्यों में फैले हुए थे.

कैसे काम करता था अपराध का नेटवर्क?

पुलिस जांच में सामने आया है कि किस राज्य में कौन सी वारदात होगी, किस गैंग को भेजा जाएगा और किसे टारगेट करना है, यह सब राजू ईरानी खुद तय करता था. हर गैंग को अलग-अलग काम सौंपा जाता था. कोई गैंग सीनियर सिटीजन को निशाना बनाता था. कोई खुद को पुलिस या CBI अधिकारी बताकर लोगों से गहने और कैश ठगता था. कई जगह नकली बैरिकेडिंग लगाकर चेकिंग के नाम पर लूट की जाती थी. कहीं जमीन पर अवैध कब्जा किया जाता था. हथियारों के बल पर वसूली करना और डर फैलाना इस नेटवर्क की पहचान बन चुकी थी. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजू ईरानी पर 10 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें लूट, डकैती, ठगी, अवैध कब्जा और हथियारों से जुड़े अपराध शामिल हैं.

आलीशान जिंदगी का शौक

अपराध से कमाया गया पैसा राजू ईरानी और उसके भाई जाकिर अली शान-शौकत में उड़ाते थे. लग्जरी कार, महंगी बाइक और यहां तक कि घोड़े पालने का भी शौक था. खुद मैदान में कम उतरते थे, लेकिन अपने गुर्गों के जरिए हर वारदात को अंजाम दिलवाते थे. चोरी का माल कहां बेचना है और किस आरोपी को कैसे छुड़वाना है, यह फैसले भी वही लेते थे.

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जघन्य अपराध का आरोप

डीसीपी के अनुसार, भोपाल में साबिर नाम के एक व्यक्ति ने पुलिस को इस गैंग की जानकारी दी थी. इसी बात से नाराज होकर राजू ईरानी और उसके भाई ने साबिर को घर के अंदर जिंदा जलाने की कोशिश की. यह मामला हीनियस क्राइम यानी जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है और इसमें भी वह मुख्य आरोपी है.

भोपाल से सूरत तक का सफर

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दिसंबर के आखिरी हफ्ते में भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा इलाके में बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया था. 150 से ज्यादा लोगों की जांच की गई और 34 संदिग्ध पकड़े गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं. हालांकि, राजू ईरानी वहां से फरार हो गया था. महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में छिपते हुए वह आखिरकार सूरत पहुंचा, जहां शायद वह एक और बड़ी वारदात को अंजाम देना चाहता था. लेकिन इस बार सूरत क्राइम ब्रांच की सतर्कता भारी पड़ी. फिलहाल राजू ईरानी सूरत क्राइम ब्रांच की हिरासत में है. उससे गहन पूछताछ चल रही है. अलग-अलग राज्यों की पुलिस उससे जुड़े मामलों की फाइलें खंगाल रही है. फिल्मी नाम, असली अपराधी और खौफनाक नेटवर्क. जिस रहमान डकैत को देश के छह राज्यों की पुलिस तलाश रही थी, वह अब कानून के शिकंजे में है.

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