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व्हाइट हाउस में होगी ट्रंप संग जेलेंस्की की सीधी बातचीत... यूक्रेनी राष्ट्रपति का साथ देने के लिए NATO के नेता भी रहेंगे मौजूद, जानें इस बैठक की इनसाइड स्टोरी

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की सोमवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे. इस बैठक में यूरोपीय संघ, नाटो और कई बड़े देशों के नेता भी मौजूद रहेंगे. यूरोपियन कमीशन प्रमुख उर्सला वॉन डेर लेयेन, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, नाटो महासचिव मार्क रुटे और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर भी ज़ेलेंस्की का साथ देंगे.

Source: X (File Photo)
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्हाइट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाले है. इस बैठक का वैश्विक स्तर पर खास महत्व है, क्योंकि इसमें केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि यूरोपीय संघ, नाटो और कई बड़े यूरोपीय देशों के नेता भी शामिल होंगे. बता दें यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में रूस के राष्ट्रापती पुतिन से अमेरिकी राष्ट्रापती ट्रंप ने अलास्का में मुलाकात की और यूक्रेन संग चल रहे युद्ध को खत्म करने की संभावना को तलाशा गया. इसके अलावा भारत भी इस बैठक पर पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं क्योंकि रूस संग मुलाकात से पहले ट्रंप ने यह बयान था कि पुतिन बातचीत के लिए इसलिए तैयार हुए क्योंकि उन्होंने टैरिफ का भार भारत पर डाला.

यूरोप के बड़े नेता भी रहेंगे बैठक में मौजूद 

व्हाइट हाउस में होने वाली इस बैठक को लेकर यूरोपियन कमीशन की मुखिया उर्सला वॉन डेर लेयेन ने रविवार को ज़ेलेंस्की से मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए बताया कि वह भी सोमवार को होने वाली बैठक में मौजूद रहेंगी. उन्होंने कहा कि यह बैठक केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं है बल्कि वास्तविक सुरक्षा और शांति प्रयासों के लिए एक मंच है. इसी क्रम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, नाटो महासचिव मार्क रुटे और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर भी व्हाइट हाउस में जेलेंस्की के साथ मौजूद रहेंगे. इस बैठक में शामिल होने वाले नेताओं की सूची ही यह स्पष्ट कर देती है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की रणनीतिक बैठक है, जिसका उद्देश्य यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और रूस के खिलाफ एकजुट रुख दिखाना है.

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जेलेंस्की का संदेश

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यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रविवा को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने यूरोपीय नेताओं के सामने ट्रांसअटलांटिक एकता, शांति प्रयासों, क्षेत्रीय मुद्दों और सुरक्षा गारंटी पर यूक्रेन की स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि यूरोप 2022 की तरह एकजुट रहे. इस मजबूत एकता से ही वास्तविक शांति हासिल की जा सकती है." जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन पर भी सीधे हमला किया. उन्होंने कहा कि पुतिन हत्याएं नहीं रोकना चाहते हैं, लेकिन उन्हें ऐसा करना होगा. उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि यूक्रेन अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है.

यूक्रेन की मुख्य मांग

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जेलेंस्की ने यह भी साफ किया कि यूक्रेन का संविधान किसी भी जमीन का सौदा या उसे छोड़ने की अनुमति नहीं देता. उन्होंने कहा कि अगर रूस बातचीत से इनकार करता है, तो नए प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका और यूरोप से सुरक्षा गारंटी की मांग दोहराई. उनका कहना था कि यह गारंटी न केवल यूक्रेन के लिए बल्कि पूरे यूरोप के लिए स्थिरता और शांति का संकेत होगी. व्हाइट हाउस में होने वाली इस बैठक का उद्देश्य साफ है. यह सुनिश्चित करना कि अमेरिका रूस के पक्ष में किसी भी प्रकार के सौदे पर न पहुंचे. यूरोप और नाटो नेताओं की सामूहिक उपस्थिति एक मजबूत संदेश है कि जेलेंस्की को किसी प्रकार का दबाव झेलना नहीं पड़े, जैसा कि फरवरी में उनकी पिछली ट्रंप बैठक के दौरान हुआ था.

पिछली बैठकों और वर्तमान स्थिति का महत्व

यदि हम पिछले साल की घटनाओं पर नजर डालें, तो फरवरी में हुई ट्रंप-ज़ेलेंस्की बैठक में रूस और अमेरिका के बीच कई मसलों पर दबाव की स्थिति बनी थी. उस समय भी यूरोप की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रही थी. लेकिन अब स्थिति और गंभीर हो गई है. रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और राजनीतिक संतुलन को प्रभावित किया है. ऐसे में इस बैठक का महत्व और भी बढ़ गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होगी. इनमें सैन्य सहायता, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, शरणार्थी संकट और भविष्य की रणनीति शामिल हैं. विशेष रूप से यूरोप के नेताओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि वे यूक्रेन के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं और पुतिन के दबाव के बावजूद शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं.

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बैठक पर अंतरष्ट्रीय मीडिया की नजरें

इस बैठक पर विश्व मीडिया की निगाहें टिकी हुई हैं. प्रमुख समाचार चैनल और अंतरराष्ट्रीय पत्रकार इस बैठक की हर पहलू को कवर कर रहे हैं. यह न केवल यूक्रेन के लिए बल्कि पूरे यूरोप और अमेरिका के लिए एक संकेत है कि वैश्विक सुरक्षा मुद्दों में एकजुटता कितनी महत्वपूर्ण है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक से आने वाले निर्णय और घोषणाएं अगले महीनों में रूस-यूक्रेन संघर्ष की दिशा तय कर सकती हैं. यदि अमेरिका और यूरोप मजबूत रुख अपनाते हैं, तो यह रूस पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन के लिए स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है.

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का नया अध्याय

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इस बैठक को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का एक नया अध्याय भी कहा जा सकता है. यूरोप और अमेरिका का एकजुट रुख, रूस के खिलाफ स्पष्ट संदेश और यूक्रेन की सुरक्षा पर जोर इस बैठक को सामान्य बैठक से अलग बनाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक यह साबित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है कि शांति केवल बातचीत से ही नहीं बल्कि सामूहिक एकता और मजबूती से भी बनाई जा सकती है.

यह भी पढ़ें

बता दें कि सोमवार की इस बैठक के परिणाम और घोषणाएं विश्व राजनीति और सुरक्षा पर गहरा असर डाल सकती हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की स्पष्ट रणनीति और यूरोप-अमेरिका का समर्थन एक सकारात्मक संदेश है कि संघर्ष के बावजूद शांति और सुरक्षा के प्रयास लगातार जारी हैं. यूरोप की एकजुटता और अमेरिका की भूमिका यह सुनिश्चित कर सकती है कि रूस के साथ किसी भी तरह का असंतुलित सौदा न हो और वास्तविक शांति की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकें. इस बैठक के बाद वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और यूरोप में राजनीतिक संतुलन के नए अध्याय की शुरुआत होगी. यह स्पष्ट है कि ज़ेलेंस्की न केवल अपने देश की सुरक्षा के लिए बल्कि पूरे यूरोप की स्थिरता और शांति के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.

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