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अमेरिका ने कर दिया बर्बाद… मार्च से अब तक किए 1200 हमले, दहला ये इस्लामिक देश!
हूती समूह का कहना है कि मार्च के मध्य से अब तक अमेरिका ने यमन पर करीब 1200 हवाई हमले किए हैं. इन हमलों में सैकड़ों आम लोगों की जान गई है और वहां के ज़रूरी ढांचे जैसे इमारतें, सड़कें और सेवाएं बुरी तरह से तबाह हो गई हैं.
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हूती समूह और अमेरिकी सेना के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है है. इसकी शुरुआत तब हुई जब 15 मार्च को अमेरिका ने यमन में हूती ठिकानों पर दोबारा हवाई हमले शुरू किए. अब हुतियों द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने यमन पर मार्च महीने से अब तक 1200 हवाई हमले किए हैं. इन हमलों में सैकड़ों आम लोगों की जान गई है और वहां के ज़रूरी ढांचे जैसे कि इमारतें, सड़कें और सेवाएं बुरी तरह से तबाह हो गई हैं.
मानवाधिकार नियमों की गंभीर अनदेखी: हूती समूह
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एक प्रेस बयान में हूती समूह के विदेश मामलों के अधिकारी ने आरोप लगाया कि अमेरिका के इन हमलों में अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार नियमों की गंभीर अनदेखी की गई है. उन्होंने कहा कि इन हमलों में रिहायशी इलाकों, बंदरगाहों, अस्पतालों, पानी की टंकियों और ऐतिहासिक धरोहरों जैसी कई आम लोगों से जुड़ी जगहों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया गया. समूह ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह यमन में किए गए हमलों की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है. साथ ही, उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने हमलों और आम लोगों पर किए गए अत्याचारों को छुपाने की कोशिश कर रहा है.
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आरोपों पर अमेरिकी सरकार चुप!
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समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, हूती के इन आरोपों पर अमेरिकी सरकार की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है. 15 मार्च को अमेरिका ने यमन में फिर से सैन्य हमले शुरू कर दिए. यह फैसला तब लिया गया जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हूती लड़ाकों के खिलाफ "कड़ी और असरदार कार्रवाई" का आदेश दिया. बाद में ट्रम्प ने कहा कि ये हमले तब तक चलते रहेंगे जब तक हूती समूह समुद्री रास्तों की आज़ादी के लिए खतरा बना रहेगा.
एमक्यू-9 ड्रोन को गिरा दिया: हूती समूह
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22 अप्रैल को हूती समूह ने दावा किया था कि उन्होंने यमन के उत्तर-पश्चिमी इलाके हज्जाह में एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को गिरा दिया और दो अमेरिकी युद्धपोतों पर भी नए हमले किए हैं. हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरिया ने अल-मसीरा टीवी पर दिए बयान में कहा, "हमने हज्जाह प्रांत के आसमान में एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को उस वक्त गिरा दिया, जब वह हमारे खिलाफ एक दुश्मन मिशन पर था."
उन्होंने बताया कि ड्रोन को एक लॉकली बनी हुई सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से गिराया गया. उन्होंने यह भी कहा कि यह अप्रैल में गिराया गया सातवां ड्रोन है, और नवंबर 2023 से अब तक यह 22वां ड्रोन है जिसे उन्होंने मार गिराया है.
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अमेरिका क्यों कर रहा हमले?
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ये हमले इसलिए किए गए, ताकि हूती लड़ाकों को लाल सागर में इजरायल और अमेरिकी जहाजों पर हमले करने से रोका जा सके. उत्तरी यमन के ज्यादातर हिस्सों पर नियंत्रण रखने वाले हूती समूह ने कहा है कि उनके हमलों का मकसद अमेरिका का समर्थन पाने वाले इजरायल पर दबाव बनाना है, ताकि वह गाजा पट्टी पर हमला बंद करे और संकट ग्रस्त फिलीस्तीनियों के लिए जरूरी सामान पहुंचाने की इजाजत दे.