Advertisement

Loading Ad...

क्या अब गिरेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? ऊर्जा संकट के बीच IEA देशों ने खोला 400 मिलियन बैरल तेल का ‘इमरजेंसी स्टॉक’

वैश्विक ऊर्जा संकट और कीमतों में उछाल को नियंत्रित करने के लिए आईईए (IEA) देशों ने अपने आपातकालीन भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने का एतिहासिक निर्णय लिया है.

Loading Ad...

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच एक अहम कदम उठाते हुए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) ने घोषणा की कि 32 सदस्य देशों के आपातकालीन भंडार से 400 मिलियन बैरल (40 करोड़ बैरल) तेल जारी किया जाएगा, ताकि वैश्विक तेल बाजार में आई आपूर्ति बाधा को दूर किया जा सके. यह आपातकालीन तेल भंडार हर सदस्य देश की परिस्थितियों के अनुसार तय समय सीमा में बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा, कुछ देश इस कदम के साथ अतिरिक्त आपात उपाय भी लागू करेंगे.

IEA दशों द्वारा छठी बार आपातकालीन तेल भंडार जारी करने का निर्णय

आईईए के सदस्य देशों के पास 1.2 बिलियन बैरल से ज्यादा का आपातकालीन तेल भंडार मौजूद है, जबकि इसके अलावा लगभग 600 मिलियन बैरल उद्योग से जुड़ा तेल भंडार भी सरकारों के नियंत्रण में रखा गया है. आईईए के इतिहास में यह छठी बार है जब सदस्य देशों ने मिलकर तेल भंडार जारी करने का फैसला किया है. इससे पहले 1991, 2005, 2011 और 2022 में दो बार ऐसा कदम उठाया गया था.

Loading Ad...

तेल आपूर्ति संकट पर आपात बैठक

Loading Ad...

आईईए के अनुसार, यह फैसला सदस्य देशों की एक आपात बैठक के बाद लिया गया, जिसे आईईए के कार्यकारी निदेशक ने बुलाया था. इस बैठक में मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल बाजार की स्थिति का आकलन किया गया और आपूर्ति बाधा से निपटने के विकल्पों पर चर्चा की गई. आईईए के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने कहा, "तेल बाजार में हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वे अभूतपूर्व पैमाने की हैं, इसलिए मुझे बहुत खुशी है कि आईईए सदस्य देशों ने इतिहास की सबसे बड़ी सामूहिक आपात कार्रवाई की है.

होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल निर्यात 90 प्रतिशत गिरा

Loading Ad...

उन्होंने आगे कहा कि तेल बाजार वैश्विक होता है, इसलिए बड़े व्यवधानों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रिया भी जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा सुरक्षा आईईए की स्थापना का मुख्य उद्देश्य है, और सदस्य देशों द्वारा मिलकर उठाया गया यह कदम मजबूत एकजुटता को दर्शाता है. 28 फरवरी से शुरू हुए मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल के प्रवाह पर गंभीर असर पड़ा है. मौजूदा समय में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का निर्यात संघर्ष से पहले के स्तर के 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है. 

बाजार स्थिरता के लिए आपात कदम जरूरी 

यह भी पढ़ें

इस वजह से क्षेत्र की कई कंपनियों को तेल उत्पादन कम करना या अस्थायी रूप से बंद करना पड़ रहा है. साल 2025 में औसतन रोजाना करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल और तेल उत्पाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरते थे, जो दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत है. आईईए ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बायपास कर तेल आपूर्ति के विकल्प फिलहाल काफी सीमित हैं, इसलिए बाजार को स्थिर रखने के लिए यह आपात कदम जरूरी हो गया है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...