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कौन हैं अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी? जिन्हें खामेनेई के बाद बनाया गया ईरान का नया ‘सुप्रीम लीडर’

अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के निधन के बाद नया ‘सुप्रीम लीडर’ घोषित किया गया है. जानें, कौन हैं ये?

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01 Mar 2026
( Updated: 01 Mar 2026
12:29 PM )
कौन हैं अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी? जिन्हें खामेनेई के बाद बनाया गया ईरान का नया ‘सुप्रीम लीडर’
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ईरान के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में मौत के कुछ घंटों बाद ईरान ने अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को देश का अंतरिम सर्वोच्च नेता नियुक्त कर दिया है. ईरान सरकार ने बताया कि तेहरान स्थित उनके आवासीय परिसर पर हुए हमले में खामेनेई की जान गई. वह साल 1989 से देश के सर्वोच्च नेता थे. इससे पहले 1979 की इस्लामी क्रांति के नेता रूहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद उन्होंने यह पद संभाला था.

तीन सदस्यीय परिषद के हाथों में ईरान की कमान

सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, संकट काल में देश का कामकाज एक तीन सदस्यीय परिषद देखेगी. इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मुख्य न्यायाधीश गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई और गार्जियन काउंसिल का एक धर्मविद शामिल होगा.

नए सर्वोच्च नेता का अंतिम फैसला विशेषज्ञों की सभा करेगी

ईरान के संविधान के अनुसार, जब तक नया स्थायी सर्वोच्च नेता नहीं चुना जाता, तब तक यही परिषद नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाएगी. नए सर्वोच्च नेता का अंतिम फैसला विशेषज्ञों की सभा करेगी. यह 88 सदस्यों का धार्मिक निकाय है, जिसके पास देश की राजनीतिक व्यवस्था, सेना और अहम संस्थानों पर अंतिम अधिकार होता है.

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कौन हैं अयातुल्लाह अलीरेजा आरफी?

आपको बता दें कि अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी का जन्म 1959 में ईरान के मेयबोद शहर में हुआ था. वह गार्जियन काउंसिल के सदस्य भी हैं, जो कानूनों की जांच और चुनावों की निगरानी करता है. साथ ही, 2008 से 2018 तक अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रमुख भी रहे. 2011 से सांस्कृतिक क्रांति की सर्वोच्च परिषद के स्थायी सदस्य हैं. मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बीच उनकी नियुक्ति को ईरान की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है.

खामेनेई की मौत का बदला लेने की IRGC ने खाई कसम

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ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, आईआरजीसी का कहना है कि वह ईरान पर अमेरिका और इजरायल की बमबारी का बदला लेने के लिए हमलों का छठा राउंड चला रहा है. आईआरजीसी ने इस इलाके में इजरायल और अमेरिकी मिलिट्री बेस पर “बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन” हमले किए हैं. उसने कहा कि 27 अमेरिकी बेस, साथ ही इजरायली तेल नोफ एयरबेस, तेल अवीव में हाकिर्या में इजरायली सेना का कमांड हेडक्वार्टर, और उसी शहर में एक बड़े डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स पर हमला किया गया. आईआरजीसी ने आगे कहा कि ईरानी सेना “बदले का एक अलग और कठोर कदम उठाएगी”.

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