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'चाहे अमेरिका के साथ परमाणु डील करो या इजरायल के साथ युद्ध..,' सऊदी अरब के प्रिंस के भाई ने ईरान को दी सीधी चेतावनी

अमेरिका के साथ ईरान की परमाणु वार्ता को लेकर चल रही बातचीत के बीच में अब सऊदी अरब भी कूद पड़ा है. बता दें कि हाल ही में सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से मुलाकात की थी. जिसके बाद उन्होंने ईरान को अमेरिका के साथ चल रहे परमाणु समझौते और इजरायल के साथ बन रहे युद्ध के हालात के लिए तैयार रहने को कहा है.

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सऊदी अरब ने ईरान को सीधी चेतावनी दी है. उसने कहा है कि वह परमाणु समझौते को गंभीरता से ले, इसके लिए चाहे अमेरिका से डील करो या फिर इजरायल से युद्ध के लिए तैयार रहें. इसकी जानकारी रॉयटर्स से बातचीत करते हुए खाड़ी के 2 सूत्रों और ईरानी अधिकारियों ने दी है. 

सऊदी अरब ने ईरान को दी चेतावनी 

अमेरिका के साथ ईरान की परमाणु वार्ता को लेकर चल रही बातचीत के बीच में अब सऊदी अरब भी कूद पड़ा है. बता दें कि हाल ही में सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामे नेई से मुलाकात की थी. जिसके बाद उन्होंने ईरान को अमेरिका के साथ चल रहे परमाणु समझौते और इजरायल के साथ बन रहे युद्ध के हालात के लिए तैयार रहने को कहा था. दरअसल, ईरानी अधिकारियों ने क्षेत्र में अस्थिरता की संभावना से चिंतित होकर 89 वर्षीय सऊदी अरब के राजा ने खामेनेई को चेतावनी देने के लिए भेजा था. 

17 अप्रैल को बंद कमरे में हुई थी बैठक 

सूत्रों के मुताबिक, ईरान की राजधानी तेहरान में बीते 17 अप्रैल को राष्ट्रपति भवन परिसर में यह बैठक हुई थी. इसमें ईरानी राष्ट्रपति के अलावा सशस्त्र बलों के चीफ और विदेश मंत्री भी मौजूद थे. प्रिंस के इस दौरे को लेकर ईरानी मीडिया ने कवरेज की थी. हालांकि, दोनों के बीच क्या कुछ बातचीत हुई थी, यह जानकारी सामने नहीं आ पाई थी. 

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'डोनाल्ड ट्रंप के पास धैर्य की कमी है'

बता दें कि प्रिंस खालिद डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में सऊदी अरब के राजदूत थे. इस दौरानी ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा था कि उनके पास धैर्य की कमी है. वह लंबी बातचीत नहीं करना चाहते हैं. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने एक हफ्ते पहले घोषणा की थी कि ईरान के साथ परमाणु वार्ता जारी है. जिसका मकसद ईरान के ऊपर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों में राहत के बदले ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाना है. ट्रंप ने यह बात इजरायली प्रधानमंत्री की मौजूदगी में कही थी. जो ईरान द्वारा परमाणु स्थलों पर हमले के लिए अमेरिका का समर्थन लेने आए थे. वहीं तेहरान में प्रिंस खालिद ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों से कहा है कि ट्रंप की टीम जल्द ही समझौता करना चाहेगी और इस पर विराम लगाएगी. क्योंकि अमेरिका डिप्लोमेसी के लिए ज्यादा समय नहीं लगाएगा. 

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परमाणु वार्ता रद्द होने पर इजरायली हमले की संभावना 

सऊदी अरब ने ईरानी अधिकारियों को चेताते हुए कहा है कि अगर अमेरिका से परमाणु वार्ता रद्द हो जाती है, तो इजरायली हमले की संभावना बढ़ जाएगी. ऐसे में अमेरिका के साथ समझौता ही एक बेहतर विकल्प है. गाजा-लेबनान क्षेत्र में पहले से ही युद्ध चल रहे हैं. इस तरह के हालातों को देखते हुए नया तनाव क्षेत्र के लिए सही नहीं होगा. 

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सऊदी अरब और ईरान लंबे समय तक कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहे हैं 

जानकारी के लिए बता दें कि सऊदी अरब और ईरान लंबे समय तक एक-दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहे हैं. दोनों देश विरोधी पक्षों का समर्थन करते आए हैं. साल 2023 में चीन की मध्यस्थता से दोनों देशों ने अपने रिश्ते को सुधारा है. वहीं सऊदी अरब के शासक क्राउन प्रिंस बिन मोहम्मद सलमान के छोटे भाई प्रिंस खालिद की सऊदी शाही परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्यों में करीब दो दशक से भी ज्यादा समय में ईरान की पहली यात्रा थी. 

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