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क्या है चिकन नेक शब्द जिसे मोहम्मद यूनुस ने किया प्रयोग ? आखिर इस शब्द का भारत से क्या है कनेक्शन ? क्यों मचा है बवाल ?

हाल ही में बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस चीन के दौरे पर गए थे। उन्होंने वहां से बयान दिया था कि "इस क्षेत्र के समंदर का एकमात्र रास्ता ढाका है। उन्होंने वहां पर भारत की बुराई करते हुए मजबूरियां गिनाई थी। चीन को अपने देश में निवेश करने का न्यौता दिया था। उन्होंने कई लुभावने वादे करते हुए चीन को ऑफर दिया कि उनके लिए बांग्लादेश में बिजनेस करने का बड़ा मौका है।"

क्या है चिकन नेक शब्द जिसे मोहम्मद यूनुस ने किया प्रयोग ? आखिर इस शब्द का भारत से क्या है कनेक्शन ? क्यों मचा है बवाल ?
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने हाल ही में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का हवाला देते हुए। चीन से अपनी अर्थव्यवस्था को और भी ज्यादा बढ़ाने के लिए अपील की थी। इसके बाद से ही यूनुस भारतीय नेताओं के निशाने पर हैं। उनकी जमकर आलोचना हो रही है। इस मामले में पूर्वोत्तर राज्य असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा का भी बयान सामने आया है। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा की है। इस मामले पर देश का पक्ष और विपक्ष दोनों एक साथ मोहम्मद यूनुस के खिलाफ खड़ा हो गया है। आखिर किसने क्या कुछ कहा यह आगे जानेंगे। लेकिन मोहम्मद यूनुस ने अपने बयान में "चिकन नेक" शब्द का जो इस्तेमाल किया है।  उसका मतलब क्या है ? इसके अलावा उन्होंने क्या कुछ कहा ? जिसको लेकर मामला बढ़ता जा रहा है। चलिए जानते हैं। 

चीन दौरे पर गए मोहम्मद यूनुस ने क्या कहा ? 

हाल ही में बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस चीन के दौरे पर गए थे। उन्होंने वहां से बयान दिया था कि "इस क्षेत्र के समंदर का एकमात्र रास्ता ढाका है। उन्होंने वहां पर भारत की बुराई करते हुए मजबूरियां गिनाई थी। चीन को अपने देश में निवेश करने का न्यौता दिया था। उन्होंने कई लुभावने वादे करते हुए चीन को ऑफर दिया कि उनके लिए बांग्लादेश में बिजनेस करने का बड़ा मौका है। दरअसल, मोहम्मद यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का जिक्र करते हुए कहा था कि इन राज्यों को "सेवेन सिस्टर्स" कहा जाता है। वह चारों ओर से भूमि क्षेत्र से घिरे हुए हैं। भारत लैंड लॉक्ड क्षेत्र है। उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई भी रास्ता नहीं है। इस पूरे क्षेत्र में जो भी समंदर है। उसका एकमात्र रास्ता बांग्लादेश है। 


क्या है चिकन नेक शब्द जिस पर मचा बवाल ?

बता दें कि चिकन नेक शब्द वह शब्द है। जिसे "सिलीगुड़ी कॉरिडोर" के नाम से भी जाना जाता है। मोहम्मद यूनुस ने चीन में बैठकर सेवन सिस्टर्स का जो बयान दिया। इस वजह से मामला गर्मा गया है। बता दें कि यह 20 से 22 किलोमीटर चौड़ा और 60 किलोमीटर लंबा क्षेत्र है। भारत की मुख्य भूमि जो पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ता है। उन्हें "सेवेन सिस्टर्स" कहा जाता है। लेकिन इसके अलावा इसे "चिकन नेक" भी कहते हैं। यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि यह मुर्गी की गर्दन की तरह पतला है। करीब 22 किलोमीटर चौड़ा यह रास्ता मेनलैंड इंडिया यानी पूर्वोत्तर को जोड़ता है। यह भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है। यह चार देशों से घिरा हुआ है। जिसमें चीन,नेपाल,भूटान और बांग्लादेश है। यही वजह है कि इसकी मांग ज्यादा है। 

मोहम्मद यूनुस के बयान पर भड़के असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा 

मोहम्मद यूनुस के सेवन सिस्टर्स पर दिए गए बयान को लेकर असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा भड़क उठे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि "मोहम्मद यूनुस का यह बयान उकसाने वाला है। यह पूरी तरीके से अस्वीकार्य है। पूर्वोत्तर भारत के सेवन सिस्टर्स पर दिया गया बयान पूरी तरीके से आपत्तिजनक है। इसकी कड़ी निंदा होनी चाहिए।" इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि "पूर्वोत्तर को मुख्य भूमि भारत से जोड़ने के लिए मजबूत रेलवे और सड़क नेटवर्क को विकसित करना है। भारत के कुछ आंतरिक तत्वों ने इस महत्वपूर्ण मार्ग को काटकर नॉर्थ ईस्ट को मेनलैंड इंडिया से अलग रहने का सुझाव दिया था। मेरी अपील है कि चिकन नेक कॉरिडोर के नीचे और उसके आसपास मजबूत रेल नेटवर्क का निर्माण किया जाए। हालांकि इसमें इंजीनियरिंग को लेकर कई बड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। लेकिन उम्मीद है कि दृढ़ संकल्प और इनोवेशन से यह सब कुछ संभव होगा। ऐसे बयानों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।"

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी मोहम्मद यूनुस के बयान की निंदा की

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी मोहम्मद यूनुस के बयान की निंदा की है। उन्होंने क्षेत्र में चीन के लगातार बढ़ते प्रभाव को खतरा बताया है। 

X के जरिए उन्होंने लिखा कि "बांग्लादेश भारत की घेराबंदी करने के लिए चीन को अपने यहां दावत दे रहा है। बांग्लादेश सरकार का ये रवैया हमारे नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बहुत खतरनाक है। सरकार मणिपुर की सुध नहीं ले रही और अरुणाचल में चीन पहले से ही गांव बसा कर बैठा है। हमारी विदेश नीति इतनी दयनीय स्थिति में है कि जिस देश के निर्माण में भारत की मुख्य भूमिका थी, वो भी आज हमारे खिलाफ गोलबंदी में जुटा है।"

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