Advertisement
अमेरिका के साथ पाकिस्तान को भी करेंगे तबाह... ट्रंप द्वारा एयरबेस कब्जाने वाले बयान पर तालिबान सरकार ने दी जंग की धमकी, मचा हड़कंप
अफगानिस्तान और अमेरिका के बीच जंग जैसे हालात शुरू होते दिखाई दे रहे हैं. दोनों ही देशों के बीच माहौल गर्माता जा रहा है. ट्रंप द्वारा बगराम एयरबेस पर कब्जा करने वाले बयान पर तालिबान सरकार भड़का हुआ है.
Advertisement
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को फिर से कब्जा करने वाले बयान ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है. ट्रंप ने ब्रिटेन में जाकर जिस तरीके से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को खुली धमकी दी है. उसके बाद तालिबान सरकार ने भी ट्रंप को धमकी देते हुए कहा है कि अगर गलती से भी उन्होंने ऐसी कोशिश की तो युद्ध होगा. इससे पूर्व तालिबान के विदेश मंत्री ने कहा था कि वह ट्रंप को एक इंच जमीन भी नहीं देंगे.
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दी अमेरिका को धमकी
बता दें कि अफगानिस्तान और अमेरिका के बीच जंग जैसे हालात शुरू होते दिखाई दे रहे हैं. दोनों ही देशों के बीच माहौल गर्माता जा रहा है. ट्रंप द्वारा बगराम एयरबेस पर कब्जा करने वाले बयान पर तालिबान सरकार भड़का हुआ है. इस गंभीर मुद्दे पर अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार ने एक हाई प्रोफाइल बैठक भी की है.
Advertisement
तालिबान सरकार ने की बैठक
Advertisement
ट्रंप द्वारा धमकी दिए जाने के बाद तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा ने शीर्ष कैबिनेट अधिकारियों, खुफिया प्रमुखों और सैन्य कमांडरों के साथ बंद कमरे में एक बैठक बुलाई थी. यह बैठक कंधार में आयोजित की गई, जिसमें प्लान बना कि अगर अमेरिका बगराम एयरबेस पर फिर से कब्जा करने की कोशिश करता है, तो तालिबान नए सिरे से युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है.
'पाकिस्तान को भी नहीं छोड़ेंगे'
Advertisement
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने सिर्फ अमेरिका को ही नहीं बल्कि पाकिस्तान को भी चेतावनी देते हुए साफ कहा है कि 'अगर उन्होंने किसी भी तरीके अमेरिका की कोई भी मदद की, तो इसका अंजाम ठीक नहीं होगा. तालिबान के अंदरूनी सूत्रों ने कहा है कि अगर पाकिस्तान किसी भी रूप में, चाहे वह सैन्य, कूटनीतिक या अन्य तरीके हो, अमेरिका की मदद या समर्थन करता है, तो पाक को अफगानिस्तान का दुश्मन देश घोषित कर दिया जाएगा.'
भारत से लेगा मदद
तालिबान सरकार ने आने वाले दिनों में अपने देश के लिए बड़े खतरे की आशंका जताई है. इसको लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी है. तालिबान अब दुनिया के कई देशों से सहयोग जुटाने में लग गया है. तालिबान ने प्रधानमंत्री मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद और विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी को वैश्विक और क्षेत्रीय शक्तियों से जल्द से जल्द संपर्क करने का काम सौंपा गया है. सूत्रों के मुताबिक, तालिबान ने भारत से भी संपर्क करने की बात कही है. इसके अलावा रूस, चीन, ईरान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के सामने भी तालिबान अपना पक्ष रखेगा.
Advertisement
'एक मीटर जमीन भी अमेरिका को नहीं देंगे'
इससे पूर्व तालिबान के विदेश मंत्री मुत्ताकी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेताते हुए साफ शब्दों में कहा है कि 'अगर उनकी नजर हमारे देश के एयरबेस हासिल करने पर है, तो हम बता दें कि उनके मंसूबे कभी सफल नहीं होने देंगे. बगराम एयरबेस तो वह भूल ही जाए, हम उन्हें अफगानिस्तान की एक मीटर जमीन भी नहीं देंगे.' विदेश मंत्री के पहले अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भी ट्रंप की निंदा करते हुए अपना बयान जारी किया है.
क्या कहा था ट्रंप ने?
Advertisement
यह भी पढ़ें
हाल ही में ब्रिटेन की यात्रा पर पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि 'वह अफगानिस्तान का बगराम एयरबेस फिर से हासिल करेंगे.' उन्होंने तालिबान सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर वह नहीं माने, तो अफगानिस्तान को बुरे परिणाम भुगतने होंगे.