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1.5 अरब लोग, हजारों भाषाएं, फिर भी एक...रूस लौटते ही पुतिन ने की भारत की ऐसी तारीफ, गर्व से झूम उठा हर भारतीय

रूस से आए एक ताज़ा बयान ने पूरे भारत का दिल जीत लिया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कुछ ऐसा कहा है जिसे सुन हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा. उन्होंने भारत की यूनिटी इन डायवर्सिटी को दुनिया के लिए मिसाल बताया और रूसी लोगों व अधिकारियों को भी इससे सीख लेने की सलाह दी है.

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11 Dec 2025
( Updated: 11 Dec 2025
11:58 AM )
1.5 अरब लोग, हजारों भाषाएं, फिर भी एक...रूस लौटते ही पुतिन ने की भारत की ऐसी तारीफ, गर्व से झूम उठा हर भारतीय
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बीते 4 और 5 दिसंबर को भारत के दो दिवसीय दौरे पर थे. उनका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों ने अपने-अपने तरीके से गर्मजोशी से स्वागत किया. उनकी इस यात्रा की अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी खूब चर्चा हुई. इसी बीच पुतिन ने भारत, भारत की संस्कृति, भारतीयों की भाषाई, सभ्यतागत ताकत को लेकर जो कहा है, वो सोशल मीडिया पर वायरल है. ऐसा लगता है कि भारत की विविधता ने पुतिन को अपना मुरीद बना लिया है.

आपको बता दें कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत यात्रा से लौटते ही भारत की ‘एकता में विविधता’ या विविधता में एकता पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत की भाषाई विविधता दुनिया के लिए मिसाल है. उन्होंने आगे कहा कि यहां 150 करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं. हर 5 में से एक व्यक्ति हिंदी नहीं बोलता है, लेकिन फिर भी संगठित हैं. पुतिन ने इसे सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया.

AI के दौर में विविधता को संरक्षित करना जरूरी!

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के युग में 'विविधता में एकता' को संरक्षित करने पर बल दिया है. इतना ही नहीं, उन्होंने इसके लिए भारत का उदाहरण दिया है. उन्होंने अपनी दिल्ली यात्रा का भी ज़िक्र किया. उन्होंने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंस के माध्यम से आयोजित नागरिक समाज और मानवाधिकार परिषद की वार्षिक बैठक में कहा कि रूस और भारत जैसे देशों को अपनी सांस्कृतिक विविधता को महत्व देना चाहिए.

पुतिन ने की भारत की विविधता की तारीफ़!

पुतिन ने कहा, "मैं अभी भारत में था, वहां डेढ़ अरब लोग हैं. लेकिन उनमें से केवल एक-तिहाई ही हिंदी बोलते हैं, शायद 50 करोड़ या 60 करोड़, और बाकी सभी अन्य भाषाएं बोलते हैं, और अक्सर वे एक-दूसरे को समझ नहीं पाते हैं." रूसी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच समानताओं का उल्लेख करते हुए कहा, "इसलिए हमारे और भारत जैसे विशाल और समृद्ध देशों के लिए, जो सभ्यता-प्रधान राज्य हैं, यह अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह एकता और विविधता, या कहें कि विविधता में एकता, ऐसी चीज है जिसे हमें संरक्षित करना चाहिए." पुतिन ने रूस में भी स्थानीय, रूसी भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए एक सरकारी कार्यक्रम के विचार का स्वागत किया.

उन्होंने कहा, “भाषाओं की बात करें तो रूस में 270 भाषाएँ हैं. मुझे ठीक से याद भी नहीं, अगर बारीकियों की बात करें तो गिनती करना वास्तव में मुश्किल है. लेकिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके भाषा मॉडल को समर्थन देने का विचार बहुत अच्छा है.”

'हिंदुस्तान सच में अनोखा है'

कुल मिलाकर भारत दौरे से लौटते ही राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक तरह से कह दिया है कि 1.5 अरब की आबादी वाला रूस का दोस्त यानी हिंदुस्तान सच में अनोखा है. उन्होंने एक तरह से उन यूरोपीय, पश्चिमी देशों के लोगों को निशाने पर लिया है जो यह कहते हैं कि विविधता भारत की सबसे बड़ी कमजोरी है.

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पुतिन ने किसे दिया जवाब?

पुतिन ने इशारों ही इशारों में पूरी दुनिया को बताया कि कैसे 22 से ज्यादा आधिकारिक और सैकड़ों अन्य भाषाओं, 19 हज़ार से अधिक बोलियों के बावजूद लोग किस तरह सदियों से अद्भुत एकता के साथ रह रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि कैसे इतनी भाषाई भिन्नताओं के बावजूद भारत संगठित, शक्तिशाली और सांस्कृतिक रूप से स्थिर है, यही उसकी असली ताकत है. कहा जा रहा है कि पुतिन का बयान रूस-भारत के संबंधों में गहराई, दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक समझ और मोदी–पुतिन संबंधों की मजबूती के संकेत हैं.

भारत को विभाजित देखने वालों के मुंह पर करारा तमाचा!

विदेश नीति के जानकारों की मानें तो पुतिन का हालिया बयान उन देशों के लिए भी एक कूटनीतिक संदेश है जो लगातार भारत को विभाजित देखना चाहते हैं. उन्होंने बता दिया है कि भारत की विविधता उसकी कमजोरी नहीं बल्कि असली ताकत है, इसी कारण वह संगठित है. पुतिन ने अपने अधिकारियों को बताया कि कैसे भारत और रूस जैसे बड़े-विशाल देशों के लिए विविधताओं के बीच एकता बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है.

भारत में रूसी चैनल की शुरुआत!

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मालूम हो कि पिछले सप्ताह पुतिन की भारत यात्रा के दौरान रूस और भारत ने मीडिया, अंतरिक्ष और फ़ार्मा क्षेत्रों से संबंधित एक दर्जन से अधिक द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए. रूसी राष्ट्रपति ने यात्रा के दौरान कहा कि मॉस्को विभिन्न क्षेत्रों में नई दिल्ली के साथ “बहुआयामी संबंध” चाहता है. पुतिन की यात्रा के दौरान RT इंडिया के अंग्रेज़ी भाषा के प्रसारण का भी शुभारंभ किया गया.

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