Advertisement
सीरिया में ISIS के आतंकियों ने अमेरिकी सैनिकों पर किया हमला, 3 की मौत, भड़के ट्रंप ने कहा- बख्शेंगे नहीं
सीरिया में सत्ता परिवर्तन के बाद ये पहली बार है जब अमेरिकी सैनिकों पर हमला हुआ है. इस घटनाक्रम अहमद अल-शरा की सरकार के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी.
Advertisement
सीरिया (Syria) में आतंकी हमले के दौरान अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई. ये सैनिक इस्लामिक स्टेट के खिलाफ ऑपरेशन में शामिल थे. अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अपनाया है. ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि हम इसका बदला जरूर लेंगे.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Doanld Trump) ने ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा कि शनिवार को हुए हमले में तीन सैनिक घायल भी हुए. जबकि तीन सैनिकों की जान चली गई. ट्रंप ने लिखा, ‘हम सीरिया में तीन अमेरिकी देशभक्तों की मौत पर दुख जताते हैं, जिनमें दो सैनिक और एक सिविलियन इंटरप्रेटर शामिल हैं. इसी तरह, हम तीन घायल सैनिकों के लिए प्रार्थना करते हैं, जिनके बारे में अभी पुष्टि हुई है कि वे ठीक हैं. यह अमेरिका और सीरिया पर ISIS का हमला था.
ट्रंप ने दी बदला लेने की चेतावनी
Advertisement
राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, यह सीरिया के एक बहुत खतरनाक हिस्से में हुआ, जो पूरी तरह से उनकी सरकार के कंट्रोल में नहीं है. सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा इस हमले से बहुत गुस्से में और परेशान हैं. बेहद सख्ती के साथ इसका बदला लिया जाएगा.
Advertisement
आतंकी संगठनों और गृह युद्ध से ग्रस्त इस अशांत क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों पर यह हमला अहमद अल शरा की सरकार में हुआ है. जबकि अल शरा अमेरिका के साथ प्रगाढ़ संबंधों का दावा करते हैं. उन्होंने राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की थी.
Advertisement
तख्तापलट के बाद पहली बार हमला
साल 2024 में बशर अल-असद की सत्ता चली गई थी. सीरियाई विद्रोहियों और लोगों ने यहां तख्तापलट कर दिया था. इसके बाद बशर अल असद देश छोड़कर भाग निकले. सत्ता परिवर्तन के बाद ये पहली बार सीरिया में अमेरिकी सैनिकों पर हमला हुआ है. यह घटनाक्रम अहमद अल-शरा की सरकार के लिए एक परीक्षा है, क्योंकि एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, कथित हमलावर दमिश्क सरकार की सेनाओं का सदस्य था. ट्रंप ने भी स्वीकार किया कि यह क्षेत्र पूरी तरह दमिश्क के नियंत्रण में नहीं है. सीरियाई सरकारी समाचार एजेंसी सना के अनुसार, सरकारी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अमेरिका ने पलमायरा में खतरे की चेतावनियों पर ध्यान नहीं दिया, जहां यह हमला हुआ. उन्होंने कहा कि हमलावर को 'निष्प्रभावी' कर दिया गया है. पीड़ित अमेरिकी ऑपरेशन इन्हेरेंट रिजॉल्व (ओआईआर) के सदस्य थे. जो औपचारिक रूप से इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड ऐश-शाम (ISIS) के नाम से जाने जाने वाले आतंकवादी संगठन के खिलाफ था.
पेंटागन प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने अमेरिकी मिशन को चल रहे ‘ISIS और आतंकवाद विरोधी अभियानों का समर्थन' बताया. उन्होंने कहा कि हमला तब हुआ जब सैनिक एक प्रमुख नेता के साथ बातचीत कर रहे थे. मीडिया रिपोर्ट्स में सीरियाई सरकारी प्रवक्ता नूरुद्दीन अल-बाबा के हवाले से कहा गया कि अमेरिकी सैनिकों पर गोली चलाने वाला आतंकवादी सीरियाई सरकारी सेनाओं का सदस्य था, लेकिन सना की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि हमलावर आंतरिक सुरक्षा में कोई नेतृत्व भूमिका नहीं निभाता था और वह आंतरिक सुरक्षा कमांडर का एस्कॉर्ट नहीं था.
Advertisement
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि सीरिया में इस्लामिक स्टेट (IS) के एक बंदूकधारी के हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक इंटरप्रेटर (अनुवादक) की मौत हो गई है. जबकि तीन अन्य सैनिक घायल हो गए. हालांकि हमलावर को मार गिराया गया है.
यह भी पढ़ें