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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दिया भारत को झटका ! पढ़ें डोनाल्ड ट्रंप के भाषण की 10 बड़ी बातें

प ने यह साफ कहा कि देश की आर्थिक प्रगति हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। साथ ही उन्होंने भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाने की घोषणा भी कर दी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दिया भारत को झटका ! पढ़ें डोनाल्ड ट्रंप के भाषण की 10 बड़ी बातें
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अमेरिका की सत्ता अपने हाथ में वापिस लेने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप फुलफ़ॉर्म में नजर आ रहे है। व्हाइट हाउस में पुनः वापसी के बाद उन्होंने पहली बार संसद में संयुक्त पत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल को लेकर एक प्लान देश के सामने रखा। उन्होंने अपने देश के नागरिकों के लिए सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वैश्विक सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर देने की बात कही है। ट्रंप ने यह साफ कहा कि देश की आर्थिक प्रगति हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। साथ ही उन्होंने भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाने की घोषणा भी कर दी है। इस दौरान उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी निशाना साधा। साथ ही उन्होंने अमेरिका के स्वर्ण युग की वापसी का भी उद्घोष किया। 


ट्रंप के भाषण की 10 बड़ी बातों पर नजर डालते हैं।


1- राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के स्वर्ण युग का जिक्र करते हुए कहा, "छह हफ्ते पहले, मैंने इस कैपिटल के गुंबद के नीचे खड़े होकर कहा था कि अमेरिका का सुनहरा दौर शुरू हो रहा है। तब से लेकर अब तक, हमने तीव्र गति से बिना रुके काम किया है, ताकि देश के इतिहास का सबसे कामयाब और शानदार दौर लाया जा सके। पिछले 43 दिनों में जो हमने काम किया है, वह कई सरकारें कई साल में नहीं कर पाईं। अमेरिका वापस आ गया है। यह तो बस शुरुआत है।"

2- उन्होंने बाइडेन प्रशासन को आर्थिक तबाही के लिए जिम्मेदार ठहराया। ट्रंप ने कहा, "मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक अमेरिकी इकोनॉमी को बचाना और वर्किंग फैमिलीज को तुरंत और बड़ी राहत देना है। बाइडेन प्रशासन से हमें आर्थिक तबाही और महंगाई का बुरा सपना विरासत में मिला है। बाइडेन की नीतियों ने एनर्जी की कीमतें बढ़ा दीं, किराने का सामान महंगा कर दिया और लाखों अमेरिकियों के लिए बुनियादी जरूरतों को पहुंच से बाहर कर दिया। राष्ट्रपति के रूप में, मैं हर दिन इस नुकसान को ठीक करने और अमेरिका को फिर से किफायती बनाने के लिए लड़ रहा हूं।"

3- ट्रंप ने 100 एग्जिक्यूटिव ऑर्डर्स का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "मैंने अब तक लगभग 100 एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स पर साइन किए हैं और छह हफ्ते पहले पद संभालने के बाद 400 से ज्यादा कार्यकारी कदम उठाए हैं।" उनके मुताबिक जॉर्ज वाशिंगटन का कार्यकाल 'नंबर दो' था, जबकि उनका सबसे ऊपर है।"

4- उन्होंने डायवर्सिटी, इक्विटी और इन्क्लूजन को खत्म करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मैंने फेडरल सरकार, प्राइवेट सेक्टर और अमेरिकी सेना में लागू ‘डायवर्सिटी, इक्विटी और इन्क्लूजन’ (डीईआई) नीतियों को खत्म कर दिया। अब हमारा देश वोक नहीं रहेगा।

5- ट्रंप ने अमेरिका में फ्री स्पीच वापस लाने का भी दावा किया। उन्होंने कहा, "हमने ऐसे सरकारी तंत्र को खत्म कर दिया है, जिसका इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया जाता है, जिसके जरिए मौजूदा राष्ट्रपति को मेरे जैसे राजनीतिक विरोधी के खिलाफ बेरहमी से मुकदमा चलाने की इजाजत दी जाती है।"

6- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा, मेक्सिको, चीन और भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा, "कनाडा, मेक्सिको, भारत और दक्षिण कोरिया बहुत टैरिफ लगाते हैं। हम दो अप्रैल से कनाडा, मेक्सिको, चीन और भारत पर रेसिप्रोकल टैक्स लगाएंगे, जो हम पर टैक्स लगाएंगे, हम भी उन पर उतना ही टैक्स लगाएंगे।"

7- उन्होंने डब्ल्यूएचओ को भ्रष्ट और संयुक्त राष्ट्र ह्यूमन राइट्स कमीशन को अमेरिका विरोधी बताया। उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा, "मैंने पद संभालते ही सभी फेडरल भर्तियों, नई फेडरल नीतियों और विदेशी सहायता पर तुरंत रोक लगा दी। मैंने ‘बेवकूफी भरा ग्रीन न्यू स्कैम’ को खत्म कर दिया और अमेरिका को ‘बेकार’ पेरिस जलवायु समझौते, ‘भ्रष्ट’ विश्व स्वास्थ्य संगठन और ‘अमेरिका विरोधी’ यूएन ह्यूमन राइट्स कमीशन से बाहर निकाल दिया।"

8- उन्होंने कहा, "मैंने जो बाइडेन की पर्यावरण नीतियों को खत्म कर दिया, जो देश की सुरक्षा कम कर रही थीं और महंगाई बढ़ा रही थीं। सबसे अहम बात, हमने पिछली सरकार के 'पागल' इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नियम को खत्म कर दिया, जिससे हमारे ऑटो वर्कर्स और कंपनियों को आर्थिक तबाही से बचा लिया।"

9- उन्होंने जो बाइडेन को अमेरिकी इतिहास का सबसे खराब राष्ट्रपति बताया। उन्होंने कहा, "मैंने दक्षिणी सीमा पर नेशनल इमरजेंसी का ऐलान किया और अमेरिकी सेना व बॉर्डर पेट्रोल को तैनात किया, ताकि हमारे देश पर हो रहे आक्रमण को रोका जा सके। जो बाइडेन अमेरिकी इतिहास के सबसे खराब राष्ट्रपति रहे। उनके कार्यकाल में हर महीने लाखों की संख्या में अवैध लोग अमेरिका में दाखिल हुए।"

10- उन्होंने डेमोक्रेटिक सांसदों की ओर देखते हुए कहा, "मैं जानता हूं कि मैं यहां कुछ भी कह दूं, इससे न तो ये खुश होंगे, न खड़े होंगे, न मुस्कुराएंगे और न ही तालियां बजाएंगे।"


इसके अलवा अंग्रेजी को अमेरिका की आधिकारिक भाषा का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा, "हमने सरकारी सेंसरशिप पूरी तरह रोक दी है और अमेरिका में फ्री स्पीच वापस ले आए हैं। मैंने एक आदेश पर साइन कर अंग्रेजी को अमेरिका की आधिकारिक भाषा घोषित किया और गल्फ ऑफ मैक्सिको का नाम बदलकर 'गल्फ ऑफ अमेरिका' रख दिया है।"

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