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'तुरंत शुरू करें न्यूक्लियर टेस्ट…', ट्रंप के नए आदेश से दुनियाभर में हलचल, आखिर किससे डर रहे US राष्ट्रपति
अमेरिका में 33 साल बाद फिर न्यूक्लियर टेस्ट शुरू हो सकता है. रूस और चीन की बराबरी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रक्षा मंत्रालय को परमाणु हथियारों की टेस्टिंग के आदेश दिए हैं.
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसलों से दुनियाभर की सुर्खियों में छाए रहते हैं. एक तरफ ट्रंप ने शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद चीन पर 10% टैरिफ कम कर दिए हैं. तो दूसरी ओर उनके एक आदेश ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है. डोनाल्ड ट्रम्प ने रक्षा मंत्रालय को परमाणु हथियारों की तुरंत टेस्टिंग शुरू करने के आदेश दे दिए हैं.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के इतर डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में परमाणु हथियार की टेस्टिंग को लेकर बड़ा ऐलान किया है. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने चीन और रूस के बराबर फौरन परमाणु हथियारों के परीक्षण का आदेश दिया है.
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Photo- Screenshot- Truth/@realDonaldTrump
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ट्रंप के अमेरिकी रक्षा मंत्रालय को क्या आदेश दिया?
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात से ठीक पहले ट्रंप के इस पोस्ट ने वैश्विक राजनीतिक में हलचल को बढ़ा दिया है. सवाल उठ रहे हैं कि ट्रंप की अब ये कौनसी नई चाल है. अपने पोस्ट में ट्रंप ने लिखा है, संयुक्त राज्य अमेरिका के पास किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे ज़्यादा परमाणु हथियार हैं. यह सब मेरे पहले कार्यकाल के दौरान ही संभव हो पाया, जिसमें मौजूदा हथियारों का पूरा नवीनीकरण और नवीनीकरण भी शामिल है. इसकी प्रचंड विनाशकारी शक्ति के कारण, मुझे ऐसा करना बहुत बुरा लगता था, लेकिन मेरे पास कोई विकल्प नहीं था.
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए आगे लिखा, रूस दूसरे स्थान पर है और चीन काफ़ी दूर तीसरे स्थान पर है, लेकिन अगले पांच सालों में हम बराबरी पर आ जाएंगे. अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि वे हमारे परमाणु हथियारों का समान परीक्षण शुरू करें. यह प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी.
परमाणु परीक्षण से किसे चेतावनी दे रहे ट्रंप?
ट्रंप के इस बयान में चीन समेत तमाम देशों के लिए चेतावनी की झलक दिख रही है. क्योंकि उन्होंने पोस्ट में चीन और खासतौर पर रूस का जिक्र किया है जो अमेरिका की बैचेनी को दर्शाता है. ट्रंप को कहीं न कहीं रूस और चीन के अमेरिका की बराबरी तक आने का डर सताने लगा है.
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रूस ने हाल ही में परमाणु संचालित अंडर वाटर ड्रोन और परमाणु-सक्षम क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण का दावा किया है. जिसे रूस ने अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बताया था. जबकि ट्रंप इसके खिलाफ थे. उन्होंने रूस को युद्ध खत्म करने पर ध्यान देने की नसीहत दी थी. जिसे रूस ने दरकिनार कर दिया. अगर ट्रंप के आदेशानुसार अमेरिका भी परमाणु हथियारों की टेस्टिंग करता है तो दुनिया में विनाशकारी हथियारों की रेस को और गति मिल सकती है. हालांकि बुसान में जिनपिंग से मुलाकात से पहले ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति को महान नेता बताया था.
अमेरिका ने कब किया था आखिरी बार परमाणु परीक्षण?
23 सितंबर 1992 को अमेरिका ने आखिरी बार परमाणु टेस्टिंग की थी. यह अमेरिका का 1,054वां परमाणु परीक्षण था. बाद में साल 1996 में ‘कम्प्रिहेंसिव न्यूक्लियर टेस्ट बैन ट्रीटी’ (CTBT) के तहत अमेरिका ने भूमिगत परमाणु टेस्टिंग पर रोक लगा दी थी. हालांकि CTBT पर केवल हस्ताक्षर हुए थे औपचारिक रूप से मंजूरी नहीं मिली थी.
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