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US Election 2024: ट्रंप का दबदबा कायम, तो क्या कमला हैरिस की हार निश्चित है?

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच कड़ी टक्कर जारी है, लेकिन ट्रंप की स्विंग स्टेट्स में बढ़त ने उनकी जीत की संभावनाओं को मजबूत कर दिया है। जॉर्जिया, नॉर्थ कैरोलिना, और पेंसिल्वेनिया जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में ट्रंप आगे हैं, जबकि कमला हैरिस कैलिफोर्निया और मिशिगन में बढ़त बनाए हुए हैं।

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अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में इस बार रोमांचक मोड़ देखने को मिल रहे हैं। ट्रंप और कमला हैरिस के बीच कांटे की टक्कर ने चुनावी मैदान को और भी दिलचस्प बना दिया है। इस वक्त ट्रंप सात स्विंग स्टेट्स में से पाँच में आगे चल रहे हैं, और ऐसा लग रहा है कि कमला हैरिस के लिए चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। नॉर्थ कैरोलिना और जॉर्जिया जैसे प्रमुख राज्यों में ट्रंप की बढ़त ने चुनावी परिणामों को प्रभावित करने के संकेत दे दिए हैं।

भारत के उत्तर प्रदेश की तरह अमेरिका में कैलिफोर्निया को चुनावी दृष्टि से काफी अहम माना जाता है। कैलिफोर्निया के पास 54 इलेक्टोरल वोट हैं, जो किसी भी उम्मीदवार की जीत में अहम भूमिका निभाते हैं। कमला हैरिस ने कैलिफोर्निया में जीत दर्ज की है, जो उनके लिए बड़ी राहत की बात है। हालांकि कैलिफोर्निया के इन इलेक्टोरल वोट्स के बावजूद, स्विंग स्टेट्स में उनकी कमजोर स्थिति से उनकी राह कठिन दिखाई दे रही है।

हालांकि स्विंग स्टेट्स का चुनावी समीकरण हर चुनाव में सबसे ज्यादा मायने रखता है। इस साल के चुनाव में जॉर्जिया, पेंसिल्वेनिया, नॉर्थ कैरोलिना, मिशिगन, विस्कॉन्सिन, एरिजोना और नेवादा प्रमुख स्विंग स्टेट्स हैं, जो चुनाव के परिणामों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
7 प्रमुख स्विंग स्टेट्स का हाल
जॉर्जिया: ट्रंप को बढ़त
पेंसिल्वेनिया: ट्रंप को बढ़त
नॉर्थ कैरोलिना: ट्रंप ने जीत दर्ज की
मिशिगन: कमला हैरिस आगे
विस्कॉन्सिन: ट्रंप को बढ़त
एरिजोना: ट्रंप को बढ़त
नेवादा: रुझानों का इंतजार

इसमें मिशिगन को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख स्विंग स्टेट्स में ट्रंप की बढ़त ने कमला हैरिस की संभावनाओं पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव एक जटिल प्रक्रिया के तहत होता है। अमेरिकी चुनाव में हर राज्य को इलेक्टोरल वोट्स दिए जाते हैं, और कुल 538 इलेक्टोरल वोट्स में से जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को 270 वोट्स की जरूरत होती है। हालांकि जनता के वोट से सबसे ज्यादा समर्थन प्राप्त करने के बाद भी, अगर इलेक्टोरल वोट्स का गणित साथ न हो, तो उम्मीदवार हार सकता है। इलेक्टोरल कॉलेज दरअसल एक ऐसा निकाय है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव करता है। इसके तहत प्रत्येक राज्य में आम जनता जिन प्रतिनिधियों को वोट देती है, वे इलेक्टर्स बनकर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चयन करते हैं। इलेक्टोरल कॉलेज प्रणाली की जटिलता के कारण ही, 2016 में हिलेरी क्लिंटन ने भले ही अधिक वोट हासिल किए थे, लेकिन वे राष्ट्रपति नहीं बन पाईं।
कमला हैरिस के लिए क्या हैं चुनौतियाँ?
कमला हैरिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस समय उनकी कमजोर स्थिति है। मिशिगन और कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में उनकी जीत के बावजूद, बाकी महत्वपूर्ण स्विंग स्टेट्स में बढ़त खोना उनकी जीत के लिए बड़ा खतरा है। स्विंग स्टेट्स जैसे जॉर्जिया, एरिजोना और विस्कॉन्सिन में ट्रंप की बढ़त से यह संकेत मिल रहे हैं कि कमला हैरिस के जीत की संभावना कमजोर होती जा रही है।

पेंसिल्वेनिया: 19 वोट
जॉर्जिया: 16 वोट
नॉर्थ कैरोलिना: 16 वोट
मिशिगन: 15 वोट
एरिजोना: 11 वोट
विस्कॉन्सिन: 10 वोट
नेवादा: 6 वोट

इन सभी स्विंग स्टेट्स का चुनावी समीकरण ही अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का भविष्य तय करेगा। इन राज्यों में बड़ी संख्या में इलेक्टोरल वोट होने के कारण कोई भी गलती कमला के लिए हार की ओर ले जा सकती है।
ट्रंप की बढ़त के मुख्य कारण
ट्रंप का स्विंग स्टेट्स में मजबूत पकड़ होने का एक कारण यह भी है कि उन्होंने इन राज्यों में चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी थी। कई आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर उन्होंने अपनी योजनाओं को जनता के सामने बड़े विस्तार से रखा और अपनी जीत का प्रचार किया। उनके अभियान में, खासकर नॉर्थ कैरोलिना और जॉर्जिया जैसे राज्यों में, उन्हें व्यापक समर्थन मिला। इसके अलावा, उनकी नीतियाँ और उनके द्वारा पिछले कार्यकाल में किए गए कार्य भी उनकी बढ़त का कारण बने हैं।

इस चुनाव में भारतीय मूल के दो सीनेटर, श्री थानेदार और सुहास सुब्रमण्यम ने मिशिगन और वर्जीनिया से जीत हासिल की है। यह संकेत देता है कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय की उपस्थिति और भूमिका इस चुनाव में भी महत्वपूर्ण रही है। कमला हैरिस, जो भारतीय मूल की हैं, उनके लिए यह समुदाय एक मजबूत समर्थन का आधार बना हुआ है। हालांकि, यह समर्थन क्या उन्हें राष्ट्रपति पद तक पहुंचा पाएगा, यह देखना बाकी है।

रुझानों के अनुसार, कमला हैरिस के लिए इस चुनाव में जीत की संभावना लगातार घटती जा रही है। ट्रंप की बढ़त के चलते उनकी स्थिति कमजोर दिख रही है। चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्विंग स्टेट्स में ट्रंप की बढ़त बनी रही, तो कमला हैरिस की राह मुश्किल हो सकती है।

अमेरिकी चुनाव में रुझान अक्सर अंतिम परिणामों से मेल खाते हैं, और इस बार भी इन संकेतों के अनुसार, ट्रंप की स्थिति मजबूत नजर आ रही है। लेकिन फिर भी चुनावी उलटफेर की संभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
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