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ट्रंप ने भारत को टैरिफ प्लान के बाद दिया एक और बड़ा झटका! अमेरिका में पढ़ रहे 3 लाख छात्रों पर पड़ेगा असर
एक आंकड़े के मुताबिक अमेरिका में पढ़ाई कर रहे दुनिया के सभी देशों के लाखों छात्रों की संख्या में सबसे ज्यादा संख्या भारतीय छात्रों की है। ओपन डोर्स रिपोर्ट के अनुसार साल 2023-24 से अमेरिका में कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या 11 लाख के आसपास है। इनमें 3 लाख 31 हजार के आसपास भारतीय छात्र हैं।
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अभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ प्लान से भारत की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। तो दूसरी तरफ ट्रंप ने भारत को एक और बड़ा झटका दिया है। इस खबर ने करीब 3 लाख भारतीय छात्रों को चिंता में डाल दिया है। टैरिफ प्लान के बाद अमेरिकी सरकार ने एक और नया बिल पेश किया है। जिसमें अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग यानी (OPT) को खत्म करने का ऐलान किया है। बता दें कि वर्तमान में यह सुविधा साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स के छात्रों की पढ़ाई के लिए है। इसमें छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में 3 साल तक रहकर नौकरी कर सकता है। लेकिन ट्रंप सरकार ने जो नया विधेयक लागू किया है। अगर वह लागू हो जाता है। तो सभी छात्रों को पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेरिका छोड़ना होगा। यह तब तक लागू रहेगा। जब तक छात्र H-1B वीजा हासिल नहीं कर लेता। ऐसे में देखा जाए तो भारतीय छात्रों के लिए बड़ा झटका है। अभी एक तरफ पूरी दुनिया ट्रंप के टैरिफ प्लान के झटके से उभरी नहीं कि इधर दूसरे फैसले ने सभी छात्रों की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय छात्रों में सबसे ज्यादा भारतीय
एक आंकड़े के मुताबिक अमेरिका में पढ़ाई कर रहे दुनिया के सभी देशों के लाखों छात्रों की कुल संख्या में सबसे ज्यादा भारतीय छात्रों की है। ओपन डोर्स रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023-24 से अमेरिका में कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या 11 लाख के आसपास है। इनमें 3 लाख 31 हजार के आसपास भारतीय छात्र हैं। यह सभी छात्र मुख्य रूप से STEM यानी साइंस,टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स की पढ़ाई कर रहे हैं। इन्हें OPT के जरिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी मिलती है। लेकिन इस ट्रेनिंग को अमेरिकी सरकार ने खत्म करने का ऐलान किया है। इसकी ट्रेनिंग से H-1B वीजा पाने में सभी छात्रों की दावेदारी मजबूत हो जाती है। लेकिन अमेरिका के नए प्लान से इन सभी छात्रों के करियर पर गहरा असर पड़ सकता है। दरअसल, ट्रंप सरकार ने चुनाव के वक्त ही कहा था कि मास डिपोर्टेशन और वीजा नियमों को सख्त करेंगे। ऐसे में यह फैसला उनके चुनावी नीतियों का हिस्सा है।
सभी छात्रों के पास अब कौन सा विकल्प होगा ?
अमेरिकी सरकार के इस नए प्रस्ताव से सिर्फ भारतीय नहीं बल्कि दुनिया के अन्य देशों के छात्रों पर भी असर पड़ेगा। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर यह नीति लागू होती है। तो अमेरिका में पढ़ाई करने वाले सभी छात्र कनाडा और यूरोपीय कंट्री का रुख अपना सकते हैं। साल 2025-26 में भारतीय आवेदनों में करीब 20% की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इस खबर से छात्रों के अंदर एक घबराहट सी पैदा हो गई है। अधिकतर छात्र H-1B वीजा के लिए अप्लाई कर रहे हैं। लेकिन इसकी लॉटरी प्रक्रिया और कोटा काफी मुश्किल भरा है। OPT खत्म होने के बाद उन भारतीय छात्रों का सपना टूट सकता है। जो अमेरिका में पढ़ाई कर अपने करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं। ट्रंप सरकार के 2 फैसलों ने अमेरिका के आर्थिक और शैक्षिक दोनों पर कड़ी चोट पहुंचाई है।
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