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कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो के इस फैसले ने बढ़ाई भारतीय छात्रों की टेंशन ! आखिर क्या है ट्रुडो का नया फरमान

कनाडाई सरकार ने भारतीय छात्रों और वहां काम करने के उद्देश्य से जाने वालों की टेंशन बढ़ा दी है। ट्रुडो सरकार ने इमिग्रेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इस बदले नियम से भारतीय समुदाय पर काफी असर पड़ेगा। यहां नौकरी के लिए अंक न मिलने से स्थायी निवासी बनने की संभावना काफी कम हो जाती है।

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कनाडा प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने एक बार फिर से कुछ ऐसा किया है। जिसकी वजह से भारत के साथ तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया है। कनाडा ने अपने इमिग्रेशन नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय छात्रों के टेंशन बढ़ा दी है। इस बदले हुए नियम के साथ छात्रों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ट्रुडो सरकार ने अपने एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम में सुधार किया है। यह नियम 2025 से लागू होगा। इस नए नियम के तहत कोई भी नौकरी का ऑफर होने पर उम्मीदवारों को किसी भी तरह के अतिरिक्त अंक नहीं मिलेंगे। 

कनाडाई इमिग्रेशन मंत्री सरकार का बड़ा दवा 


कनाडाई सरकार ने दावा किया है कि यह कदम (LMIA) यानी मार्केट इंपैक्ट असेसमेंट की अवैध खरीद और बिक्री के लिए उठाया गया है। सरकार में इमिग्रेशन मंत्री मार्क मिलर ने बताया कि "यह बदलाव इमिग्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और ईमानदार बनाएगा।  इसके साथ यह सुनिश्चित करेगा कि कनाडा को कुशल कामगार मिलते रहें।"

क्या है LMIA और इसमें बदलाव का कैसे पड़ेगा असर ? 


जानकारी के लिए बता दें कि (LMIA) एक ऐसा परमिट है। जो उम्मीदवार को कनाडा में नौकरी प्राप्त करने में मदद करता है। लेकिन अब इसी नियम में बड़ा बदलाव किया गया है।  हालांकि, यह नया नियम सभी आवेदकों पर लागू होगा। वहीं जिन आवेदकों का पहले से ही आवेदन का निमंत्रण मिला है। उन सभी पर पुराने नियम ही लागू होंगे। यानी वे प्रभावित नहीं होंगे।  

एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम में भी बड़ा बदलाव 


बता दें कि कनाडा का एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम यहां के निवासियों के लिए मुख्य आव्रजन प्रक्रिया है। जो फेडरल स्किल्ड वर्कर, फेडरल स्किल्ड ट्रेड्स और कैनेडियन एक्सपीरियंस क्लास जैसे प्रोग्राम्स को ऑपरेट करती है। इस  सिस्टम के तहत और अंकों के आधार पर उम्मीदवारों को चुना जाता है। इस नियम के तहत पहले नौकरी का ऑफर होने पर उम्मीदवारों को अतिरिक्त अंक दिए जाते थे।  लेकिन अब यह सुविधा हटा दी गई है। ऐसे में नौकरी के जरिए स्थायी जो भारतीय छात्र कनाडाई निवासी बनना चाहते थे। उन सभी को परेशानी हो सकती है। वर्तमान में कनाडा में भारतीय छात्रों की संख्या लाखों में है। वहीं कई भारतीय सीधे काम के उद्देश से कनाडा आते हैं। अब इस बदले नियम से भारतीय समुदाय पर काफी असर पड़ेगा। दरअसल, यहां नौकरी के लिए अंक न मिलने से स्थायी निवासी बनने की संभावना काफी कम हो जाती है। 

नए नियम से कनाडाई सरकार का मकसद 


कनाडा सरकार ने इस नए नियम के लागू करने पर कहा है कि "इससे आव्रजन प्रणाली को सुधारने और किसी धोखाधड़ी को कम करने में काफी मदद मिलेगी। सरकार की यह भी कोशिश है कि उसकी अर्थव्यवस्था के लिए सही और कुशल लोग मिलते रहें। 
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