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डोनाल्ड ट्रंप की वापसी पर यूरोपीय यूनियन में मची खलबली ! 27 देश एक साथ करने जा रहे महामंथन !

डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद यूरोपीय यूनियन में खलबली मची हुई है। यूरोपीय यूनियन के कई देशों ने चिंता जताई है कि ट्रंप की जीत के बाद उन्हें कई तरह के मुश्किल दौर से गुजरना पड़ सकता है। 27 देश एक साथ मिलकर महामंथन करने जा रहे हैं।

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अमेरिका के अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जीत से दुनिया के कई देशों की नींद हराम हो गई है। हालात इतने बुरे हो गए हैं कि कई देशों में बैठके हो रही हैं। इनमें अधिकतर वह देश शामिल है। जिनके रिश्ते ट्रंप के साथ अच्छे नहीं है। आर्थिक मंदी से गुजर रहे कई देश भी चिंता में डूबे हुए हैं। इस बीच आर्थिक संकट का सामना कर रहे यूरोपीय यूनियन में भी ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद खलबली मची हुई है। दरअसल यूरोपीय यूनियन देशों ने इस बात की चिंता जताई है कि ट्रंप ने अपने चुनावी प्रचार-प्रसार के दौरान जो वादा किया था कि वह जीतते है। तो टैरिफ और आयात पर ज्यादा से ज्यादा शुल्क लगाकर अमेरिका को लाभ पहुंचाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वह रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने की पहल में अपना सहयोग देंगे। 

यूरोपीय यूनियन को किस बात की सता रही चिंता 
डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव से पहले वादा किया था कि यूरोप के साथ व्यापार, उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) प्रतिबद्धताओं को वापस लेने और रूस के साथ युद्ध में यूक्रेन के समर्थन में बुनियादी बदलाव लाएंगे। यही वजह है कि यूरोपीय देश परेशान है। यह सभी ऐसे मुद्दे हैं। जिससे यूरोप के देशों के लिए गंभीर परिणाम ला सकते हैं। 

यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ 50 यूरोपीय नेता महामंथन में होंगे शामिल 
बता दें कि नाटो महासचिव मार्क रूट यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और करीब 50 यूरोपीय नेता डोनाल्ड ट्रंप की जीत के बाद बुडापेस्ट में महामंथन करने वाले हैं। इस बैठक में ट्रंप की जीत के बाद संबंधों पर पड़ने वाले असर का आकलन करेंगे। हाल ही में यूरोप की आर्थिक महाशक्ति जर्मनी चांसलर ओलाफ शोल्ज द्वारा अपने वित्त मंत्री को बर्खास्त करने के बाद वह राजनीतिक संकट में फंस गई हैं और यूरोप की आर्थिक स्थिति जटिल बना दी है। इन घटनाओं ने कुछ ही महीने में यूरोप में होने वाले चुनाव में यूरोप में दक्षिण कट्टरपंथी और प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच गतिरोध की आशंका को बढ़ाता है। 

हाल की दो घटनाओं ने यूरोपीय देशों की चिंता बढ़ाई
पोलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा है कि " अमेरिकी चुनाव और जर्मनी का सियासी संकट दोनों घटनाओं ने स्थिति को गंभीर बना दिया है"। अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव का असर पड़ना बाकी है। 

यूरोपीय परिषद के प्रमुख चार्ल्स ने मिशेल ने अमेरिका के साथ रिश्ते पर क्या कहा  
यूरोपीय परिषद के प्रमुख चार्ल्स मिशेल ने कहा है "अमेरिका के साथ हमारा संबंध महत्वपूर्ण है। हम इसे प्रगाढ़ करने के लिए तैयार हैं"। दूसरी तरफ ब्रिटेन तुर्की और बिल्केन देशों के नेता यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ अलग शिखर बैठक करने वाले हैं। 

पहले की ट्रंप सरकार यूरोपीय देशों के कई उत्पादों पर लगा चुकी है शुल्क
डोनाल्ड ट्रंप जब पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे। तो उन्होंने साल 2018 में यूरोपीय संघ के इस्पात और एलुमिनियम जैसे विदेशी उत्पादों को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताते हुए बैन कर दिया था। ट्रंप के इस फैसले के बाद यूरोपीय और कई अन्य सहयोगियों ने अमेरिका से निर्मित मोटरसाइकिल,बर्बन,व्हिस्की, पीनट बटर जींस और कई अन्य उत्पादों पर शुल्क लगा दिया था। 

राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप ने 24 घंटे के अंदर किया बड़ा वादा 
अमेरिका में हुए चुनाव के परिणाम आने वाले समय में यूरोपीय देशों में महसूस किया जा सकता है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उम्मीद की जा रही है कि वह रूसी आक्रमण द्वारा यूक्रेन को बचाने और उसका सहयोग करने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। ट्रंप ने अपनी जीत के बाद रूस-यूक्रेन युद्ध को "24 घंटे के भीतर" युद्ध को समाप्त करने का संकल्प लिया है। 
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