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‘चीन से बड़ा बहरूपिया ना कोई’, अफ़ग़ानिस्तान में ग़लत खेल चल रहा !

अफगानिस्तान में चीन का ऑपरेशन इस्लाम जारी है. अब एक चीनी इंजीनियर ने अफगानिस्तान में स्थानीय मौलवी के जरिए इस्लाम धर्म कबूल किया है. अफगानिस्तान में अब तक एक दर्जन से ज्यादा चीनी नागरिक इस्लाम धर्म स्वीकार कर चुके हैं. इनमें से कुछ महिलाएं चीनी इंटेलिजेंस की मेंबर भी हैं

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भारत का पड़ोसी चीन जो चालबाज़ी और साज़िश के लिए जाना जाता है वो पाकिस्तान से तंग आ चुका है उसने पाकिस्तान को अपने जाल में फंसाने के लिए पूरी कोशिशें की लेकिन निकम्मा पाकिस्तान ना उसके नागरिकों को सुरक्षा दे पाया और ना अब उसके काम का रह गया है।इसलिए अब ड्रैगन ने भारत के एक और पड़ोसी अफ़ग़ानिस्तान को अपने जाल में फंसाने की तैयारी कर ली है। अपना पूरा फ़ोकस इस वक़्त चीन ने अफ़ग़ानिस्तान पर ही किया है। और यहां वो ऐसा खेल खेल रहा है कि जो भी इसे सुनेगा वो हैरान रह जाएगा। तालिबान के क़रीब जाने के लिए और अफ़ग़ानिस्तान में मौजूदगी बढ़ाकर मध्य एशिया में अपना प्रभाव क्षेत्र बढ़ाना चीन के नए प्लान का हिस्सा है।

साल 2022 में जब चीन ने पहली बार अधिकारिक तौर पर तालिबान से बातचीत की थी।तो ये मुलाकात इस्लामाबाद में हुई थी। यानी चीन ने पाकिस्तान का सहारा लिया था। लेकिन अब चीन। तालिबान के शीर्ष नेतृत्व तक सीमित नहीं है। बल्कि उसके निशाने पर अफगान समाज में घुसपैठ है। ताकि वो अपनी पकड़ को यहां मज़बूत कर सके।और इसके लिए चीनी नागरिक अफगानिस्तान में इस्लाम कबूल कर रहे हैं। वहां लोगों के बीच रह रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक़ अब तक अफगानिस्तान में एक दर्जन से ज्यादा चीनी नागरिक इस्लाम कबूल कर चुके हैं।


अब चीन का ये ‘ऑपरेशन इस्लाम’ तालिबान को बड़े संकट में फंसा सकता है। ना सिर्फ़ तालिबानी सरकार को बल्कि भारत को भी क्योंकि अपने जाल में वो पाकिस्तान को पहले ही फंसा चुका है। 

वैसे चीन का ऑपरेशन प्लान अलग अलग तरीक़े से काम कर रहा है।

जो चीनी इंजीनियर अफ़ग़ानिस्तान जा रहे हैं वो वहां जाकर इस्लाम क़बूल कर रहे हैं और इसमें उनकी मदद वहां एक स्थानीय ताजिक कर रहे हैं।जैसा कि आपको बताया कि अब तक दो दर्जन से ज्यादा चीनी नागरिक इस्लाम कबूल कर अफगान नागरिक बन चुके हैं। इनमें सबसे पहले अफ़ग़ान गया एक चीन की तरफ़ से भेजा गया कारोबारी था। जिसने वहां तालिबान को ये भरोसा दिलाया की चीन उनके देश में बड़ा निवेश करना चाहता है।

अब जो चीनी नागरिक वहां इस्लाम क़बूल रहे हैं वो एक से वो एक से ज़्यादा शादियां भी कर रहे हैं। इनमें से कुछ महिलायें चीनी खुफिया विभाग की सदस्य भी हैं।ये चीन के खुफिया ऑपरेशन का हिस्सा है।चीनी नागरिक अफगानिस्तान में अपनी स्थानीय पकड़ मजबूत करें यही ऑपरेशन का मक़सद है। चीनी खुफिया विभाग की इस कार्रवाई से भारत और अमेरिका भी हैरान हैं।पहली नजर में इन देशों को लग रहा है कि चीन अफगानिस्तान में उन्हीं मुसलमानों से प्यार कर रहा है, जिन पर वो अपने देश में अपराध करने का आरोप लगाता है लेकिन ऐसा नहीं है।

अब अफ़ग़ानिस्तान में चीन का हित पूरी दुनिया को पता है लेकिन इस्लाम के ज़रिए चीन वहां जो करना चाहता है वो बेहद ख़तरनाक ही होगा।
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