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'परिवर्तन लाने वाले राष्ट्रपति…', कनाडाई PM कार्नी ने ट्रंप की तारीफ में पढ़े कसीदे, भारत-पाकिस्तान के बीच जंग रोकने का दिया श्रेय

कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने ट्रंप को ‘परिवर्तन लाने वाला राष्ट्रपति’ बताया और भारत-पाकिस्तान के बीच शांति प्रयासों की सराहना की. ओवल ऑफिस में वार्ता के दौरान कार्नी ने कहा कि ट्रंप के नेतृत्व ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में बदलाव लाए हैं.

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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की. उन्होंने ट्रंप को ‘परिवर्तन लाने वाला राष्ट्रपति’ बताते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने के उनके प्रयासों की सराहना की. कार्नी ने कहा कि ट्रंप के नेतृत्व में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों ने एक नया मोड़ लिया है.

ओवल ऑफिस में हुई द्विपक्षीय चर्चा

वॉशिंगटन स्थित ओवल ऑफिस में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कार्नी ने कहा, 'आप एक परिवर्तनकारी राष्ट्रपति हैं. आपकी नीतियों ने नाटो सहयोगियों की रक्षा प्रतिबद्धता को मजबूत किया है. भारत-पाकिस्तान से लेकर अजरबैजान और आर्मेनिया तक शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है. साथ ही आपने ईरान को आतंक की शक्ति के रूप में कमजोर किया है.' जानकारी देते चलें कि कार्नी इस साल अप्रैल में कनाडा के प्रधानमंत्री चुने गए थे और मई में उन्होंने व्हाइट हाउस का दौरा किया था. ट्रंप के साथ उनकी यह मुलाकात कई वैश्विक मुद्दों पर केंद्रित रही, जिनमें भारत-पाकिस्तान तनाव, मध्य एशिया में संघर्षविराम और वैश्विक व्यापार संबंधों पर चर्चा प्रमुख रही.

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भारत ने किया तीसरे पक्ष की भूमिका से इनकार

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भारत ने पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम में किसी तीसरे पक्ष की भूमिका को सिरे से इनकार किया है. भारत ने साफ कहा कि यह पूरी तरह से द्विपक्षीय निर्णय था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय दोनों ने स्पष्ट किया कि भारत ने अपनी सुरक्षा और हितों को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र रूप से फैसला लिया. दरअसल, भारत ने 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था. इस हमले में 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे. जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. चार दिन तक चले ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद 10 मई को दोनों देशों ने संघर्षविराम समझौते पर सहमति जताई.

शुल्क ने रोके चार युद्ध: ट्रंप

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ट्रंप ने सोमवार को अपने बयान में कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा कि 'अमेरिका के लिए शुल्क (टैरिफ) केवल आर्थिक हथियार नहीं, बल्कि शांति का साधन भी हैं.' ट्रंप ने कहा, 'अगर मैंने शुल्क की ताकत का इस्तेमाल नहीं किया होता तो आज चार युद्ध चल रहे होते. मैं युद्ध रोकने के लिए शुल्क का इस्तेमाल करता हूं. भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष इसका उदाहरण है. वे युद्ध के लिए तैयार थे, सात विमान गिराए गए थे, और दोनों परमाणु संपन्न देश हैं. मैंने हस्तक्षेप किया और हालात शांत हुए.' ट्रंप ने यह भी कहा कि वे नहीं बताएंगे कि उन्होंने किस तरह दोनों देशों से बातचीत की, लेकिन 'जो कहा वह बेहद प्रभावी साबित हुआ.'

वैश्विक राजनीति में बना नया संतुलन

जानकारों का मानना है कि मार्क कार्नी की यह टिप्पणी केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संकेत है कि अमेरिका फिर से वैश्विक शक्ति संतुलन में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. वहीं भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम रहते हुए यह साफ किया कि किसी तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है. भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ संघर्षविराम एक बार फिर यह बताता है कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संवाद और आत्मनिर्भर रणनीति सबसे बेहतर उपाय हैं.

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बताते चलें कि इस पूरी स्थिति से यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक राजनीति में अमेरिका सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत अपनी विदेश नीति पर अडिग है. भारत-पाकिस्तान के बीच शांति और स्थिरता के लिए बातचीत और आत्मनिर्भर रणनीति ही सबसे प्रभावी रास्ता साबित होती है.

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