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वो केमिकल जो मांस गला दे, हड्डियों को जला दे… आखिर क्या है लेबनान के गांवों में ‘व्हाइट फॉस्फोरस’ से हमले का सच?

लेबनान के गांवों में इजरायल द्वारा ‘व्हाइट फॉस्फोरस’ से हमले का आरोप लगा है, जिसे मानवाधिकार संगठनों ने अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. जानिए, यह केमिकल कितना खतरनाक है.

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हिजबुल्लाह संगठन द्वारा ईरान को खुला समर्थन देने और इजरायली सेना पर हमले के बाद, अब आईडीएफ (IDF) भी लगातार लेबनान में मौजूद हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले (एयर स्ट्राइक) कर रहा है. इस दौरान इजरायल पर एक ऐसे केमिकल के इस्तेमाल का आरोप लगा है, जो मांस के साथ-साथ हड्डियों को भी गला सकता है. दरअसल, इजरायल पर हिजबुल्लाह के ठिकानों पर निशाना बनाने के दौरान ‘व्हाइट फॉस्फोरस’ (White Phosphorus) के इस्तेमाल का आरोप लगा है. एसोसिएटेड प्रेस ने ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ के हवाले से बताया है कि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के एक गांव को व्हाइट फॉस्फोरस के गोलों से निशाना बनाया है. 

इजरायल ने अंतर्राष्ट्रीय कानून का किया उल्लंघन?

ह्यूमन राइट्स वॉच ने एक चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि आबादी वाले क्षेत्रों को ऐसे जानलेवा केमिकल द्वारा निशाना बनाना अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. यह केमिकल इतना खतरनाक है कि इससे इमारतों में आग लग सकती है और हड्डियों तक में गंभीर जलन पैदा कर सकता है. इसके अलावा संक्रमण और ऑर्गन या फेफड़े फेल हो जाने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

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आखिर क्या है व्हाइट फॉस्फोरस?

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व्हाइट फॉस्फोरस एक अत्यधिक घातक रासायनिक केमिकल है. इसकी बनावट मोम जैसी और रंग पीला या सफेद होता है, जिसमें से लहसुन जैसी तीखी गंध आती है. हवा के संपर्क में आते ही यह खुद जलने लगता है और इसका तापमान 815 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है. मानव शरीर इस भीषण गर्मी को सहन करने में सक्षम नहीं है. अगर यह केमिकल किसी इंसानी शरीर पर गिर जाए, तो यह स्कीन को जलाते हुए हड्डियों तक पहुंच सकता है. 

इजरायल की तरफ से अभी तक नहीं आई कोई औपचारिक प्रतिक्रिया

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इजरायली सेना की तरफ से इसपर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि, इजरायल पहले से यह कहता रहा है कि वे व्हाइट फॉस्फोरस का इस्तेमाल सिर्फ ‘स्मोक स्क्रीन’ बनाने के लिए करते हैं, न कि लोगों को निशाना बनाने के लिए. फिर भी मानवाधिकार से जुड़ी संगठनों ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त की है और इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून की अवहेलना बताई है. 

इजरायली हमले में अब तक 400 लोगों की मौत

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लेबनान स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2 मार्च 2026 से 8 मार्च 2026 तक इजरायली हमले में कुल 400 लोग मारे गए हैं. इसमें 83 बच्चे, 42 महिलाएं और 9 रेस्क्यू वर्कर शामिल हैं. इसके अलावा कुल 1130 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं जिसमें 254 बच्चे और 274 महिलाएं शामिल हैं.

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