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भगवान राम का भजन गाती हैं, खुद को हिंदू मानती हैं, कौन हैं तुलसी गबार्ड जिन्हें ट्रंप ने इंटेलीजेंस डायरेक्टर बनाया?

अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी में तुलसी गबार्ड को बतौर इंटेलिजेंस डायरेक्टर चुना है। तुलसी खुद को हिंदू मानती है। वह हिंदू मान्यताओं के अनुसार चलती हैं। 20 साल से ज्यादा समय तक अमेरिकी सेना में अपनी सेवाएं दे चुकी है।

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अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक-एक कर अपनी कैबिनेट का गठन शुरू कर दिया है। जनवरी में वह पदभार संभालेंगे। लेकिन उससे पहले ही वह पूरी तैयारी शुरू कर चुके हैं। इस बीच ट्रंप ने अपनी सरकार में तुलसी गबार्ड को राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी में बतौर इंटेलीजेंस डायरेक्टर नियुक्त किया है। इससे पूर्व एक दिन पहले ट्रंप ने डिपार्टमेंट ऑफ़ गवर्मेंट एफिशिएंसी (DOGE) में भारतीय-अमेरिकी उद्यमी विवेक रामास्वामी को एलन मस्क के साथ अपनी कैबिनेट में बड़ी भूमिका सौंपी है। आज ट्रंप ने हिंदू धर्म को मानने वाली और प्रभु राम के भजन गाने वाली तुलसी गबार्ड को अपनी कैबिनेट में शामिल किया है। तुलसी इस वक्त खूब चर्चाओं में है। इसकी सबसे बड़ी वजह है। उनका हिंदू धर्म के प्रति लगाव और प्रभु-राम के प्रति दिखने वाली भक्ति। ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि आखिर तुलसी गबार्ड कौन है ? क्या उनका भारत से कोई कनेक्शन है ? आखिर कैसे ट्रंप ने उन्हें इतनी बड़ी भूमिका सौंपी ? 

कौन है तुलसी गबार्ड? 

तुलसी गबार्ड अपनी नियुक्ति से ज्यादा हिंदू धर्म के प्रति लगाव की वजह से चर्चा में है। दरअसल तुलसी का पहला नाम हिंदू धर्म से है। यही वजह है कि हर कोई इन्हे हिंदू समझ रहा है। लेकिन आपको बता दें कि ही वह हिंदू हैं और ही भारतीय मूल की हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तुलसी का यह नाम उनकी मां ने रखा है। उनकी मां ने हिंदू धर्म अपना लिए थे। यही वजह है कि उन्होंने अपने सभी बच्चों के नाम हिंदू धर्म के मुताबिक रखे हैं। तुलसी का लालन-पालन भी हिंदू मान्यताओं के अनुसार ही हुआ। वह खुद को हिंदू मानती है और हिंदू धर्म की सभी परंपराओं का पालन करती हैं। वह जन्म से शाकाहारी हैं। वह मंच पर राम-राम के भजन  गाती हैं। तुलसी माथे पर तिलक भी लगाती हैं  और हाल ही में इस्कॉन मंदिर के कार्यक्रम में भी वह शामिल हुई थी। उस दौरान उन्होंने हिंदी में जयकारा लगाया था और हरे-राम हरे- राम का भजन भी गाया था।

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भगवत गीता पर हाथ रखकर ली थी शपथपति हैं सिनेमेटोग्राफर 

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तुलसी अमेरिकी के समोआ मुल्क की हैं। उन्होंने भगवत गीता पर हाथ रखकर अपने पद की कसम शपथ ली थी। तुलसी अमेरिकी कांग्रेस की पहली महिला सदस्य हैं। वह 20 साल से ज्यादा समय तक अमेरिकी सेना में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। वह इराक और कुवैत में भी तैनात रह चुकी हैं। तुलसी के पति अब्राहम विलियम्स एक सिनेमेटोग्राफर हैं। 

पाकिस्तान को समझती हैं नापाक हिंदुओं की रक्षा के लिए हमेशा खड़ी रहती हैं 

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तुलसी ने साल 2021 में अमेरिकी कांग्रेस में प्रस्ताव पेश किया था। जिसमें उन्होंने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के आरक्षण देने की मांग की थी। हिंदू के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर आवाज उठाई थी। तुलसी ने बताया था कि 50 साल पहले पाकिस्तान की सेना ने बांग्लादेश में बंगाली हिंदुओं को घरों से खदेड़ दिया था। उस दौरान करीब 30 लाख लोग मारे गए थे। पाकिस्तान को वह नापाक समझती हैं। उस पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाती हैं। भारत में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे हिंसा पर भी चिंता जताई थी। जिस पर उन्होंने कहा था कि हम इस गंभीर मुद्दे पर काम करते रहेंगे। 

डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़कर ज्वाइन की थी रिपब्लिकन 

तुलसी साल 2013 से साल 2021 तक अमेरिकी कांग्रेस वूमेन बनी रही। साल 2020 में तुलसी ने कमला हैरिस के खिलाफ डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन की दावेदारी की थी। उन्होंने पार्टी के अंदर युद्धों का विरोध नहीं करने का आरोप लगाया था। साल 2022 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और उसी साल रिपब्लिकन पार्टी ज्वाइन कर ली। इस चुनाव में उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का खुलकर समर्थन किया। 

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ट्रंप ने तुलसी पर जताया बड़ा भरोसा 

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डोनाल्ड ट्रंप ने तुलसी को अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी में बतौर इंटेलिजेंस डायरेक्टर का पदभार सौंप कर बड़ा भरोसा जताया है। ट्रंप ने कहा है कि वे अमेरिका के इंटेलिजेंस को निडर बना सकती हैं। वह अपना और पार्टी दोनों का नाम रोशन करेंगी।

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