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ब्रिटेन में शरिया से बर्बादी की लिख रहे स्क्रिप्ट, कट्टरपंथियों के आगे सरकार बेबस !

ब्रिटेन की हाई-सिक्योरिटी जेलों में इस्लामिक कट्टरपंथी गिरोहों का बढ़ता दबदबा जेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता की वजह बन गया है हालात अब ये हो गए हैं कि ब्रिटेन की जेलों को नया अड्डा बनाया गया है खबर है कि ब्रिटेन की हाई-सिक्योरिटी जेलों में इस्लामिक कट्टरपंथी गिरोहों का दबदबा बढ़ रहा है

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कट्टरपंथियों का गढ़ बनते जा रहे ब्रिटेन में हालात बेक़ाबू हो गए हैं. कट्टरपंथी ब्रिटेन को खोखला करने में लगे हैं. हालात अब ये हो गए हैं कि ब्रिटेन की जेलों को नया अड्डा बनाया गया है खबर है कि ब्रिटेन की हाई-सिक्योरिटी जेलों में इस्लामिक कट्टरपंथी गिरोहों का दबदबा बढ़ रहा है. और ये जेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है. लंदन के एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रैंकलैंड जेल इस समय इस्लामिक गिरोहों के कब्जे में है, जहां कैदियों पर दबाव डालकर या धमकाकर उन्हें अपने गिरोह में शामिल किया जा रहा है. जेल हमें पूरी तरह शरीफ़ क़ानून लागू कर दिया गया है. रेप, हत्या, ड्रग्स तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में जेल में बंद ये लोग जेल में शरीफ़ लागू कर जिहाद फैला रहे हैं. जेल में धर्म के नाम पर शरिया अदालतें बना ली गई हैं. जिससे दूसरे क़ैदियों को धार्मिक सज़ा दी जा रही है.

2000 के दशक की शुरुआत में 9/11 जैसे आतंकी हमलों के बाद ब्रिटेन में कट्टरपंथी कैदियों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ 2017 तक ब्रिटेन की जेलों में आतंकवाद से जुड़े मुस्लिम कैदियों की संख्या 185 थी 2024 तक यह संख्या घटकर 157 हुई है, लेकिन फिर भी यह सभी आतंकी कैदियों का 62% हिस्सा है.


ब्रिटेन की जेलों में मुस्लिम कैदियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। 2002 में जहां मुस्लिम कैदियों की संख्या 5,500 थी, वहीं 2024 तक यह 16,000 पहुंच गई है। इससे अब कई जेलों में मुस्लिम कैदी ‘ब्रदरहुड’ के नाम पर ग्रुप बनाकर चलते हैं.

पूर्व जेल गवर्नर इयान एचसन ने चेताया था कि जेलें कट्टरपंथियों के लिए भर्ती और ब्रेनवॉश का अड्डा बन रही हैं उनकी रिपोर्ट के बाद खतरनाक आतंकियों के लिए सेपरेशन सेंटर बनाए गए, लेकिन हालात बताते हैं कि समस्या अब भी गंभीर बनी हुई है.

मुस्लिम ब्रदरहुड नाम से गिरोह बनाकर शरिया अदालतों के ज़रिए जेलों में बाकी कैदियों को सज़ा दी जाती है और ये होता देख भी अधिकारी बेबस हैं. 2017 के मैनचेस्टर एरीना बम धमाके के दोषी हाशिम अबेदी ने 12 अप्रैल को एचएमपी फ्रैंकलैंड  जेल में 3 जेल अधिकारियों पर हमला कर दिया था. अबेदी ने अपने साथियों के साथ मिलकर गरम तेल और धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें 2 अधिकारी बुरी तरह घायल हो गए जिससे एक बार फिर ये साबित हो गया जेल में कट्टरपंथ का नेटवर्क कितना मज़बूत हो गया है और ऐसे जिहादियों के हौसले कितने बुलंद आप जानकर हैरान हो जाएँगे की ब्रिटेन में इस वक्त 85 शरिया अदालतें चल रही हैंइन शरिया अदालतों का ब्रिटेन में रहने वाले मुस्लिम समुदाय पर खासा प्रभाव है। ये शरिया अदालतें शादी, तलाक और पारिवारिक मामलों पर अपने फैसले देती हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटेन में पहली बार साल 1982 में शरिया अदालत की शुरुआत हुई थी और आज इनकी संख्या बढ़कर 85 हो गई हैब्रिटेन में निकाह मुताह या 'आनंद के लिए शादी' का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है. निकाह मुताह के अंदर तीन दिन से लेकर एक साल तक के लिए अस्थायी शादी चलती है जिसे घोर महिला विरोधी प्रथा माना जाता है इन शरिया अदालतों में इस्लामिक स्कॉलर्स का पैनल होता है, जिनमें ज़्यादातर पुरुष होते हैं.

ब्रिटेन में वैसे हिन्दु विरोधी काम भी खूब हो रहे हैं.पिछली दीपावली पे ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की तरफ़ से होस्ट की गई 10, डाउनिंग स्ट्रीट में दिवाली पार्टी में मांस और शराब परोसी दी गई थी जिसके बाद खूब बवाल मचा था. इस पर ब्रिटिश हिंदू पंडित सतीश के शर्मा ने सरकार पर नाराजगी भी दिखाई थी.इसी के साथ पिछले दिनों कुछ पाकिस्तान मूल के सांसदों ने पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर से सीधे लंदन के लिए फलाइट चलाने के लिए पाकिस्तानी पीएम शहबाज़ को चिट्ठी लिख दी थी. उसमें लिखा था कि PoK के मीरपुर में एक एयरपोर्ट बनाया जाए जिससे वहां के लोग सीधे ब्रिटेन आ सकें इस चिट्ठी ने भारत का ग़ुस्सा बढ़ा दिया था.
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