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यूक्रेन युद्ध के बीच रूस को बड़ा झटका... राष्ट्रपति पुतिन के करीबी जनरल सरवारोव की कार धमाके में मौत, जानें किसने किया हमला

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के करीबी लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव मॉस्को में संदिग्ध कार बम विस्फोट में मारे गए. धमाका राजधानी के एक अपार्टमेंट के पास कार पार्किंग में हुआ. सरवारोव रूसी सेना के ऑपरेशनल ट्रेनिंग विभाग के प्रमुख थे और सेना की रणनीति व युद्ध तैयारियों के जिम्मेदार थे.

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. उनके सशस्त्र बलों के एक अहम अधिकारी, लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव की मॉस्को में संदिग्ध कार बम विस्फोट में मारे गए. यह हमला राजधानी के एक अपार्टमेंट इमारत के पास कार पार्किंग में हुआ और शुरुआती जांच में इसे गंभीर और योजनाबद्ध रूप का आतंकी हमला माना जा रहा है. जानकारों की माने तो लेफ्टिनेंट जनरल सरवारो राष्ट्रपति पुतिन के काफी क़रीबी और भरोसेमंद भी थे.

लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव का अहम पद

लेफ्टिनेंट जनरल फानिल सरवारोव रूसी सेना के ऑपरेशनल ट्रेनिंग विभाग के प्रमुख थे. उनका पद सीधे रूस की युद्ध क्षमता और रणनीतिक तैयारियों से जुड़ा था. इस विभाग के जिम्मेदार अधिकारी होने के नाते सरवारोव सेना की रणनीति, युद्ध प्रशिक्षण और तैयारियों का संचालन करते थे. उनके निधन से रूसी सेना की आंतरिक योजना और संचालन क्षमता पर बड़ा असर पड़ सकता है.

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कहां हुआ धमाका?

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इस धमाके को लेकर BBC ने रूसी मीडिया के हवाले से बताया कि विस्फोट उस समय हुआ जब सरवारोव अपनी कार में मौजूद थे. धमाके की शक्ति इतनी अधिक थी कि उन्हें कई गंभीर चोटें लगीं और चेहरे की हड्डी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. गंभीर चोटों के कारण उन्हें घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया. रूसी जांच एजेंसियों ने इस हमले को संदिग्ध कार बम हमला करार दिया है और शुरुआती रिपोर्ट में यूक्रेनी खुफिया एजेंसी की संलिप्तता की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, यूक्रेनी सरकार ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.

पुतिन सरकार पर पड़ सकता है दबाव

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रूस की सेना के बारे में जानकारी रखने वाले विशेषज्ञों की माने तो राजधानी में इतने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को निशाना बनाया जाना सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक है. यूक्रेन युद्ध के बीच यह हमला रूस की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. इस घटना के बाद पुतिन पर राजनीतिक और सैन्य दबाव बढ़ने की संभावना है.

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जानकारी देते चलें कि रूस में इस हमले ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों की सजगता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी यह घटना रणनीतिक और राजनीतिक हलचल का कारण बन सकती है. सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के हमले रूस की सेना और सरकार दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होंगे, और भविष्य में सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने की आवश्यकता होगी.

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