Advertisement
Loading Ad...
रूस ने एक बार फिर किया यूक्रेन पर बड़ा हमला, राजधानी कीव पर पूरी रात बरसे ड्रोन और मिसाइल
रूस और यूक्रेन के बीच बीते तीन सालों से चल रही जंग शांत होती दिखाई नहीं दे रही है. इस युद्ध के दौरान एक बार फिर यूक्रेन की राजधानी कीव में दहशत की स्थिति देखने को मिली. कीव सैन्य प्रशासन के कार्यवाहक प्रमुख तैमूर ने बताया कि हमले के बाद राजधानी के चार जिलों में ड्रोन और मिसाइल का मलबा गिरा है. इस हमले में 6 लोग घायल हुए हैं और दो स्थानों पर आग भी लगी है.
Advertisement
Loading Ad...
अमेरिका समेत कई देशों की तमाम प्रयासों के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच बीते तीन सालों से चल रही जंग शांत होती दिखाई नहीं दे रही है. इस युद्ध के दौरान एक बार फिर यूक्रेन की राजधानी कीव में दहशत की स्थिति देखने को मिली. शनिवार तड़के रूस ने बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल से कीव पर हमला किया. इस हमले में खुद की जान बचाने के लिए नागरिकों ने रात का अधिकांश समय अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशनों में गुजारा.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब कुछ दिनों पहले ही दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल के बीच शांति वार्ता इस्तांबुल में हुई थी. इस दौरान दोनों देशों ने आपसी समझौते के तहत एक-एक हजार युद्धबंदियों की अदला-बदली पर आपसी सहमति जताई थी. रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग को शांत करने के लिए दुनिया के कई देशों ने प्रयास किए लेकिन सारे प्रयास नाकाम रहे. रूस की तरफ से कुछ दिनों के अंतराल के बाद यूक्रेन पर बड़ा हमला किया जा रहा है. इसको लेकर कीव सैन्य प्रशासन के कार्यवाहक प्रमुख तैमूर ने बताया कि हमले के बाद राजधानी के चार जिलों में ड्रोन और मिसाइल का मलबा गिरा है. इस हमले में 6 लोग घायल हुए हैं और दो स्थानों पर आग भी लगी है. हालांकि हमने स्थानीय नागरिकों को पहले ही इस बात से आगाह कर दिया था कि रूस के 20 ड्रोन शहर की ओर बढ़ रहे हैं.
युद्धबंदियों की हुई थी अदला-बदली
रूस और यूक्रेन के बीते तीन सालों से चल रहे संघर्ष के बीच युद्ध विराम को लेकर पहली बार बीते दिनों दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल तुर्की के इस्तांबुल में आमने- सामने बैठे थे. इस दौरान युद्धबंदियों के अदला-बदली पर सहमति तो बन गई लेकिन सीजफायर पर बात किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई. बता दें कि शुक्रवार को रूस ने 390 यूक्रेनी सैनिकों को रिहा किया था. दूसरी तरफ यूक्रेन ने भी रूस के समान संख्या में सैनिकों को रिहा किया था.
युद्धविराम की राह मुश्किल
रूस और यूक्रेन के बीच पहले दौर की शांति वार्ता के बाद भी युद्ध विराम की कोई उम्मीद फिलहाल नजर नहीं आ रही है. लगभग 1000 किलोमीटर लंबी युद्ध रेखा पर अभी भी दोनों देशों के बीच तनाव है. यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पहले ही इस बात को साफ कर दिया है कि यूक्रेन कभी भी उन इलाकों को रूस का हिस्सा नहीं मानेगा, जहां वर्तमान में रूस ने अपना कब्जा कर रखा है. शांति वार्ता आगे जरुर बढ़ेगी, लेकिन हम अपनी जमीन से कोई समझौता नहीं करेंगे. वहीं दूसरी तरफ रूस भी बार-बार यह मांग करता रहा है कि यूक्रेन के चार इलाके और क्रीमिया को रूस का हिस्सा माना जाए. क्रीमिया पर रूस ने 2014 में कब्जा कर लिया था.
बताते चलें कि इन दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नका बयान भी सामने आया था. उन्होंने कहा था "मुझे नहीं लगता कि जब तक पुतिन और मैं एक साथ नहीं आते, तब तक कुछ भी होने वाला है, चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं लेकिन हमें इसे हल करना होगा क्योंकि बहुत सारे लोग मर रहे हैं."
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...