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यूक्रेन से युद्ध खत्म करने को तैयार रूस, राष्ट्रपति पुतिन ने जेलेंस्की को दिया बातचीत का ऑफर

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वह इस्तांबुल में यूक्रेन के साथ सीधी बातचीत का प्रस्ताव दे रहे हैं. ताकि संघर्ष के मूल कारणों को कम किया जा सके और लंबे वक्त तक स्थायी शांति बहाल हो सके.

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रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 4 सालों से चल रहे युद्ध के बीच एक नई उम्मीद जगी है. दोनों देशों के बीच युद्ध विराम को लेकर कई बार चर्चाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसका कोई हल निकल नहीं पाया है. रूस- यूक्रेन युद्ध के बीच सीजफायर को लेकर भारत और अमेरिका जैसे देशों ने भी मध्यस्थता की भूमिका निभाई है. उसके बाद भी बातचीत नहीं बन पाई. इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन से युद्धविराम को लेकर प्रस्ताव पेश किया है. यह पहली बार नहीं है कि दोनों इस मसले पर बातचीत करने जा रहे हैं. इससे पहले भी कई बार बातचीत हुई है. हालांकि, इस बार उम्मीद जताई जा रही है कि सीजफायर पर सहमति बन सकती है. खबरों के मुताबिक, व्लादिमीर पुतिन ने 15 मई को इस्तांबुल में यूक्रेन के राष्ट्रपति को सीधी बातचीत का प्रस्ताव पेश किया है. उन्होंने कहा है कि मेरा उद्देश्य स्थायी शांति स्थापित करना और युद्ध के मूल कारणों पर रोक लगाना है.

रूस ने यूक्रेन को दिया युद्धविराम का ऑफर

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वह इस्तांबुल में यूक्रेन के साथ सीधी बातचीत का प्रस्ताव दे रहे हैं. ताकि संघर्ष के मूल कारणों को कम किया जा सके और लंबे वक्त तक स्थायी शांति बहाल हो सके. पुतिन ने कहा कि "2022 रूसी हमले के तुरंत बाद विफल वार्ता को तोड़ने के पीछे रुस नहीं, यूक्रेन था. उसने 2022 में वार्ता तोड़ दिया था. लेकिन कीव बिना किसी शर्त के फिर से बातचीत करना चाह रहा है."

रूस-यूक्रेन के बीच इस्तांबुल में होगी वार्ता

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि " हम कीव में फिर से अधिकारियों को इस्तांबुल में वार्ता करने का प्रस्ताव दे रहे हैं. यूक्रेन जैसा चाहता है, हमारा प्रस्ताव उसी पर आधारित है और हमने मेज पर रख दिया है. बाकी अब इसका फैसला यूक्रेन के अधिकारियों और उनके क्यूरेटर्स पर निर्भर है. यह उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वकांक्षाओं के कारणों से प्रेरित है, न कि अपने लोगों के हितों से जुड़ा है. 

यूरोपियन नेताओं ने दी पुतिन को चेतावनी 

बता दें कि शनिवार को यूरोपीय देशों ने डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन के बिना शर्त 30 दिनों में सीजफायर पर जोर दिया है. उन्होंने पुतिन को चेतावनी देते हुए कहा है कि "अगर उन्होंने कुछ दिनों में इसे स्वीकार नहीं किया, तो उनपर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे. वह युद्ध की जगह यूक्रेन के संघर्ष को खत्म करना चाहते हैं. हमारा प्रशासन संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के बीच एक युद्ध के रुप में देखता है. वह पीस मेकर के रूप में लोगों के दिल में रहना चाहते हैं."

यह एक परिवर्तनकारी पल है - पुतिन

रूसी राष्ट्रपति ने इस युद्ध को पश्चिमी देशों के साथ मॉस्को के संबंध में परिवर्तनकारी पल बताया है. उन्होंने कहा है कि '1991 में सोवियत संघ के पतन, नाटो के विस्तार और यूक्रेन समेत माॅस्को के प्रभाव वाले इलाकों पर अतिक्रमण कर उसका अपमान किया है.'

2022 से जारी रूस-यूक्रेन जंग  

बता दें कि साल 2022 फरवरी में रूस ने यूक्रेन पर अचानक से आक्रमण कर देश के अधिक से अधिक हिस्सों पर कब्जा करना शुरू कर दिया. यह द्वितीय युद्ध के बाद यूरोप में इसे सबसे बड़ा संघर्ष माना जा रहा है. इसमें अब तक हजारों की संख्या में लोगों की मौत हुई है. इनमें कई शरणार्थी भी शामिल हैं.
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