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हम क्यों दें पैसे...कतर ने मुस्लिम उम्मा की निकाली हवा, गाजा पुनर्निर्माण के लिए फंडिंग से इनकार, क्या बोला?

सबसे अमीर अरब देशों की लिस्ट में से एक कतर ने गाजा को और पैसे देने से हाथ खड़े कर दिए हैं. उन्होंने साफ कहा कि बर्बादी इजरायल की वजह से हुई है, वो चेक नहीं देंगे. इसके बाद साफ हो गया है कि शायद ही कोई देश गाजा के पुनर्निर्माण में पैसे दे. उन्होंने ये भी कहा कि वो चेक नहीं काटेंगे. इससे मुस्लिम उम्मा की पोल खुल गई है.

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आखिरकार मुस्लिम उम्मा में दरार खुलकर सामने आ गई है. जो देश दूसरों को कहा करते थे कि रोहिंग्याओं को अपने यहां शरण दें, उन्हीं लोगों ने गाज़ा के पुनर्निर्माण के लिए फंडिंग देने से हाथ खड़े कर दिए हैं. जो कहते थे कि दुनिया के हर मुस्लिम देश एक हैं और एक की समस्या सबकी समस्या है, उनकी भी पोल खुल गई है. दरअसल कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने गाज़ा को फिर से खड़ा करने के लिए पैसे देने से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने दो टूक कहा कि उनका देश इज़रायल के हमलों से गाज़ा में हुई तबाही की कीमत नहीं चुकाएगा.

अब साफ हो गया है कि अगर कतर पैसे नहीं देगा तो शायद ही कोई अरब देश गाज़ा के पुनर्निर्माण में पैसा लगाए. जहां तक सऊदी का सवाल है, उसने खुद को मक्का-मदीना के कस्टोडियन और अपने विकास के रोल तक सीमित कर लिया है. वहीं यूएई का रुख सऊदी के हां-ना पर ही निर्भर करता है. कतर से इसलिए भी सबसे ज्यादा उम्मीद थी क्योंकि कहा जाता है कि वह हमास, तालिबान और मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे संगठनों को अपनी सरज़मीं का कूटनीतिक इस्तेमाल करने देता रहा है.

इसके अलावा कतर के पीएम ने इज़रायल के उन आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उनका देश फिलिस्तीन-गाज़ा के हथियारबंद समूह हमास को फंडिंग करता है.

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यूएस के कहने पर कतर ने की हमास से बात: कतर PM

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दोहा फोरम 2025 में एक सवाल के जवाब में कतरी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने खुलासा किया कि करीब एक दशक पहले अमेरिका के ही कहने पर कतर ने हमास से बातचीत शुरू की थी. उस समय सोचा गया था कि मध्यस्थता और युद्धविराम का रास्ता खुल सकता है. उन्होंने बताया कि दोहा में ऑफिस इसलिए खोला गया ताकि युद्धविराम कराने और गाज़ा को सहायता पहुंचाने में मदद मिल सके.

कतर नहीं देता हमास को आर्थिक मदद: अल थानी

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कतर के पीएम ने आगे कहा कि हमास को आर्थिक सहायता देने के सभी आरोप बेबुनियाद हैं. उन्होंने कहा कि कतर ने जो भी मदद दी, वह एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत गाज़ा के लिए दी गई और इसकी जानकारी अमेरिका को भी थी. इतना ही नहीं, इज़रायल और उसकी सुरक्षा एजेंसियों ने भी गाज़ा तक मानवीय मदद पहुंचाने की मंजूरी दी थी और सहयोग भी किया था.

वर्षों से गलत जानकारी और झूठ: कतर PM

कतरी प्रधानमंत्री ने अपने देश पर कट्टरपंथी और आतंकी संगठनों की मदद के लगते आ रहे आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि कतर की मध्यस्थ की भूमिका को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया गया. उन्होंने इज़रायल पर कतर को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि कतर का उद्देश्य सिर्फ मानवीय संकट को कम करना और युद्धविराम कराना है. उन्होंने कहा, “सालों से गलत जानकारी और झूठ फैलाकर कतर और अमेरिका के रिश्तों को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें होती रही हैं.”

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फिलिस्तीन की मदद जारी रखेगा कतर

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कतरी के पीएम ने इस दौरान साफ कहा कि “कतर फिलिस्तीनियों को मानवीय मदद जारी रखेगा. हालांकि उन्होंने स्पष्ट कहा कि इज़रायल के सैन्य अभियान से हुई तबाही को दोबारा खड़ा करने के लिए पैसे नहीं देगा. हम फिलिस्तीनियों का साथ देते रहेंगे, उनकी तकलीफ़ कम करने के लिए जो संभव होगा करेंगे, लेकिन दूसरों की वजह से जो बर्बादी हुई है, उसके लिए हम चेक नहीं काटेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि “हमारी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है.

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