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पुतिन के करीबी जनरल को सुनाई गई 17 साल की सजा, अरबों के घोटाले में पाए गए दोषी, 1 दिन पहले परिवहन मंत्री ने की थी आत्महत्या

रूसी सेना के पूर्व डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ और राष्ट्रपति पुतिन के करीबी जनरल खलील आर्सलानोव को 17 साल की सजा सुनाई गई है. उन पर रक्षा मंत्रालय से जुड़े कई कॉन्ट्रैक्ट में 1.6 अरब रुपए यानी 12.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर घोटाले का दोषी पाया गया है. यह पूरी कार्रवाई मॉस्को की एक कोर्ट में बंद दरवाजे के पीछे हुई. उन्हें सजा सुनाने से कुछ घंटे पहले पद से बर्खास्त कर दिया गया.

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के काफी करीबी माने जाने वाले पूर्व डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ को 17 साल की सजा सुनाई गई है. इससे पहले सोमवार को पुतिन सरकार में ही परिवहन मंत्री रहे रोमन स्टारों वाॅयट ने खुद से गोली मार कर आत्महत्या कर ली. बता दें कि पिछले 1 साल के अंदर रूसी सेना के उच्च अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं. इनमें कई लोगों को सजा सुनाई जा चुकी है. एक तरीके से कहा जाए, तो पुतिन सरकार में यह अब तक का सबसे बड़ा एंटी करप्शन मामला माना जा रहा है. 

पुतिन के करीबी जनरल को सुनाई गई 17 साल की सजा 

बता दें कि रूसी सेना के पूर्व डिप्टी चीफ ऑफ जनरल स्टाफ और राष्ट्रपति पुतिन के करीबी खलील आर्सलानोव को 17 साल की सजा सुनाई गई है. उन पर रक्षा मंत्रालय से जुड़े कई कॉन्ट्रैक्ट में 1.6 अरब रुपए यानी 12.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर घोटाले का दोषी पाया गया है. यह पूरी कार्रवाई मॉस्को की एक कोर्ट में बंद दरवाजे के पीछे हुई. उन्हें सजा सुनाने से कुछ घंटे पहले ही पद से बर्खास्त कर दिया गया था. 

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एक अन्य मामले में भी दोषी पाए गए आर्सलानोव

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बता दें कि आर्सलानोव के अलावा उनके सहयोगियों पर भी आरोप लगा है कि Voentelecom नाम की कंपनी के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया और करोड़ों की सरकारी रकम हड़पी. खबरों के मुताबिक, जिस कंपनी के साथ फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है. वह रूसी सेना को टेलीकॉम उपकरण और कई अन्य सेवाएं मुहैया कराती है. इसके अलावा आर्सलानोव के ऊपर एक और कंपनी से 12 मिलियन रूबल की घूस मांगने में भी दोषी पाया गया है. बता दें कि आर्सलानोव के अलावा 2 अन्य पूर्व सैन्य अधिकारियों को 6 और 7 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. 

2017 में मिली थी कर्नल जनरल की उपाधि 

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खबरों के मुताबिक, आर्सलानोव को साल 2017 में कर्नल जनरल की उपाधि दी गई थी. वह पूर्व में पुतिन सरकार में सैन्य संचार इकाई के प्रमुख भी रह चुके हैं. साल 2013 से लेकर 2020 तक वह जनरल डिप्टी चीफ के पद पर भी कार्यरत रहे हैं. 

रूसी सेना के कई उच्च अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप

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यूक्रेन से चल रहे युद्ध के बीच रूसी सेना के कई उच्च अधिकारी भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़े गए हैं. इसी महीने पूर्व डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर को भी 13 साल की सजा सुनाई गई थी. जिस तरीके से लगातार पुतिन की सैन्य मशीनरी पर सवाल खड़े हो रहे हैं. वह कहीं न कहीं यूक्रेन के साथ चल रही युद्ध के बीच सेना को एकजुट और सशक्त दिखाने की कोशिश की जा रही है. 

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